35 लाख रुपये के निवेश से शुरू हुआ वडोदरा का यह स्टार्टअप, भारत के हेल्थटेक सेक्टर को कर रहा है डिजिटाइज

23rd Mar 2020
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जब किसी भी हेल्थ डायग्नोसिस की बात आती है, तो डॉक्टर को रोगी का पूरा इतिहास बताना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि गलती से भी अगर आप ने किसी भी एलर्जी या चोट को छिपाया तो पूरी डायग्नोसिस रिपोर्ट खराब हो सकती है। एक रोगी का क्लिनिकल डेटा न केवल मौजूदा रोगी की देखभाल में सुधार करने में मदद कर सकता है, बल्कि भविष्य के रोगियों की भी मदद कर सकता है।


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PurpleDocs की मैनेजमेंट टीम



लेकिन दुर्भाग्य से भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में, इस डेटा का अधिकांश हिस्सा असंरचित है, बिना छान-बीन किया हुआ व अक्सर पेपर फॉर्मट में होता है, जो अनुमति के लिहाज से स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को कानूनी जोखिम भी देता है।


इंजीनियर्स दीपक और पूजा गुप्ता को भी इसी तरह का निजी अनुभव था। दंपति अमेरिका में काम कर रहे थे जब दीपक की माँ का गुजरात के वडोदरा में कैंसर का पता चला और उनका इलाज किया गया। वे 2007 में, भारत वापस आ गए।


दीपक कहते हैं,

“ट्रीटमेंट प्रोसेस के दौरान, हमने महसूस किया कि अस्पतालों में आगे के ट्रीटमेंट को परिभाषित करने में रोगी रिकॉर्ड (patient records) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"


दीपक का कहना है कि दूसरी राय लेना एक जघन्य कार्य था क्योंकि वितरित सिस्टम में डेटा बिखरा हुआ था।


इस प्रकार, दोनों ने प्रचलित प्रणालियों और उसकी क्षमताओं के बारे में शोध करना शुरू किया और आखिरकार, 2010 में पर्पलडॉक्स (PurpleDocs) के साथ आए। वडोदरा स्थित पर्पलडॉक्स एक सास स्टार्टअप (SaaS startup) है, जो मेडिकल डेटा को डिजिटाइज करने में मदद करता है और इसे एक विश्लेषक प्रारूप में परिवर्तित करता है, जिससे डॉक्टरों को कई विजिट्स में रोगी की मेडिकल हिस्ट्री पता लगाने में मदद मिलती है। स्टार्टअप का अहमदाबाद में अपना कॉर्पोरेट मुख्यालय है।


दीपक का कहना है कि वह एक स्पोर्ट्स फ्रीक हैं और स्टार्टअप्स का नाम 'पर्पल पैच' शब्द से प्रेरित है, जिसका इस्तेमाल स्पोर्ट्स पर्सन के करियर में एक सफल दौर को दर्शाने के लिए किया जाता है।


वे कहते हैं,

“पर्पल रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रतीक है। वहीं डॉक्स डॉक्टरों के लिए संक्षिप्त रूप इस्तेमाल किया जाता है।”


फ्लेक्सिबल मॉडल

पर्पलडॉक्स की फ्लैगशिप सर्विस (जो इसी नाम से है), एक क्लाउड-बेस्ड ऑफरिंग है जो पेशेंट रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की अनुमति देती है। पर्पलडॉक्स सभी पेपर-आधारित केस शीट, इनडोर रोगी फाइलें, एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे, और लैब रिपोर्ट को डिजिटाइज करता है, जो कि क्लाउड में एनक्रिप्टेड और सुरक्षित रूप से संग्रहीत होता है, जो उन्हें खोने के जोखिमों से बचाता है।


स्टार्टअप डॉक्टरों को चौबीसों घंटे किसी भी डिवाइस पर उन रिकॉर्ड्स को एक्सेस करने की अनुमति देता है। इसके अलावा, डॉक्टरों को एक क्लिक पर मरीजों के साथ या तो रिकॉर्ड या एक सबसेट शेयर करना होता है। स्टार्टअप का Android ऐप, MyPD, रोगियों को मुफ्त में उनके परिवार की मेडिकल हिस्ट्री को तैयार करने, मैनेज करने और उसका विश्लेषण करने में मदद करता है।





यह रोगियों को पास के अस्पतालों और केमिस्टों को खोजने, उनके मेडिकल रिकॉर्ड को तुरंत थर्ड पार्टी के साथ शेयर करने और दवाओं, फॉलो-अप्स और लैब विजिट रिमाइंडर सेट करने की भी अनुमति देता है।


दो साल पहले लॉन्च किया गया पीडी+ टैबलेट आधारित एंड्रॉइड ऐप और डॉक्टरों, क्लीनिकों और अस्पतालों के लिए वेब ऐप का एक सूट है, जो उनके ग्राहकों को ओपीडी प्रैक्टिस पर नुस्खे और अन्य मापदंडों का उपयोग करके विश्लेषण चलाने की अनुमति देता है।


हेल्थटेक स्टार्टअप अपने ग्राहकों को कई प्रकार के प्राइसिंग मॉडल प्रदान करता है। उनके पास एनुअल और मंथली सब्सक्रिप्शन मॉडल हैं, जहां ग्राहकों को एक बार लाइसेंस चार्ज का भुगतान करना पड़ता है, जिसके बाद, यह प्रति उपयोग पर पे करने का मॉडल ऑफर करता है। अस्पताल और क्लीनिक भी अपने अस्पताल, क्लिनिक के प्रकार और पेशेंट वॉल्यूम के आधार पर सब्सक्रिप्शन मॉडल का चयन करते हैं।


दीपक कहते हैं,

''हमारे सलूशन्स का यूएक्स और लचीलापन सुनिश्चित करता है कि डॉक्टर और अस्पताल उनकी प्रक्रियाओं, वर्कफ्लो और सिस्टम में बिना किसी बदलाव के अपनाते हैं।''


इसके अलावा, पर्पलडॉक्स डॉक्टरों को इस बात की भी सुविधा देता है कि उन्हें मरीजों के साथ कितना शेयर करना है। उनका कहना है,

"पूरा ध्यान रोगी की व्यस्तता, दवा के पालन और रोगी की शिक्षा को सक्षम करते हुए परामर्श समय को कम करने में है।"


टीम स्ट्रेंथ

सह-संस्थापक और सीईओ दीपक को प्रोडक्ट डेवलपमेंट में एक दशक से अधिक का अनुभव है। PurpleDocs में, वह स्ट्रेटजी, बिजनेस डेवलपमेंट, ओवरऑल ऑपरेशन्स और इन्वेस्टर्स रिलेशन्स को मैनेज करते हैं। उन्होंने अमेरिका में वर्जीनिया पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट और स्टेट यूनिवर्सिटी से एमएस किया है।


पर्पलडॉक की सह-संस्थापक और सीटीओ पूजा ने उद्यमी बनने से एरिजोना में एसएपी-खिमेट्रिक्स में एक सॉफ्टवेयर पेशेवर के रूप में काम किया है। वर्तमान में, वह स्टार्टअप में टेक डेवलपमेंट, प्रोडक्ट डिजाइन और UX को मैनेज करती है।


दीपक बताते हैं,

“हमने प्री-व्हाट्सएप युग में पर्पलडॉक्स शुरू किया, जहां हमारे द्वारा जोड़े गए कई डॉक्टर तकनीक-प्रेमी नहीं थे। हमने उनके इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड हासिल करने के महत्व पर उन्हें शिक्षित करने में काफी समय बिताया। हमने शुरुआती दिनों में सीमित अवधि के लिए फ्री ट्रायल की पेशकश की।"


वर्तमान में, स्टार्टअप 65 कर्मचारियों की एक टीम के साथ काम करता है।


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PurpleDocs की Tech Team

नंबर गेम

पर्पलडॉक्स एक हब एंड स्पोक मॉडल पर काम करता है, जहां सेल्स ऑफिसेस और पेशेंट-डेटा कलेक्शन सेंटर को स्पोक्स के रूप में माना गया है, और स्टार्टअप द्वारा अधिकांश डेटा प्रोसेसिंग क्लाउड पर किया जाता है, वो भी इसके सेंट्रलाइज्ड हब से। पहले पांच वर्षों में 35 लाख रुपये के साथ बूटस्ट्रैप्ड, पर्पलडॉक्स ने 2016 में अपने एंजेल राउंड में केलीगम्मा फंड्स और लीड एंजेल्स से 2.7 करोड़ रुपये जुटाए और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।


सह-संस्थापकों के अनुसार, 2016 से पर्पलडॉक्स का राजस्व 4 गुना बढ़ गया है। दो शहरों और 30 अस्पतालों से, पर्पलडॉक्स ने 14 शहरों और तीन राज्यों में 150 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए अपने ग्राहक आधार का विस्तार किया है। वर्तमान में, स्टार्टअप गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अपनी सेवाएं दे रहा है।


दीपक ने कहा, "हम तेलंगाना, नई दिल्ली और राजस्थान के कुछ अस्पतालों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं।" स्टार्टअप के ग्राहकों में सिंगल-स्पेशियालिटी अस्पताल, मल्टी-स्पेशियालिटीज अस्पताल, किसी एक के खुद के क्लीनिक, कॉर्पोरेट अस्पताल, अनुसंधान अस्पताल और ट्रस्ट अस्पताल शामिल हैं।





वे कहते हैं,

“हमने मधुमेह, ऑन्कोलॉजी, कार्डियो, नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी सहित सभी विशिष्टताओं और चिकित्सीय क्षेत्रों को कवर किया है। हमारे प्लेटफॉर्म पर 60 लाख से ज्यादा हेल्थ रिकॉर्ड हैं और हर महीने हम कुछ लाख जोड़ रहे हैं।"


स्टार्टअप ने वित्त वर्ष 2016 में 2.3 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। वर्तमान में, पर्पलडॉक्स सेक्टर में अपनी वृद्धि में तेजी लाने के लिए लगभग 3 मिलियन डॉलर जुटाने की ओर देख रहा है।


हेल्थटेक स्पेस

इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) के अनुसार, 2022 तक भारत में हेल्थकेयर मार्केट 372 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा, डॉक्टरों की संख्या 2018 में 1,154,686 हो गई, जो कि 2010 में 827,006 थी। ये आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं कि पर्पलडॉक्स के पास एक बड़ा मार्केट है, इसके अलावा यह ePrescription स्पेस में Doxper, Healthplix और Docon जैसों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।


हालांकि, दीपक का मानना है कि स्टार्टअप उनसे अलग है। वे कहते हैं,

"किसी भी प्लेयर्स के पास पेपर-बेस्ड पेशेंट रिकॉर्ड, डायग्नोसिस डेटा और डिजिटल ओपीडी नुस्खे को मैनेज करने, पुनर्प्राप्त करने और उनका विश्लेषण करने की व्यापक पेशकश नहीं है।"


आगे बढ़ते हुए, पर्पलडॉक्स की योजना पैन-इंडिया के 50 से अधिक शहरों में विस्तार करने की है, साथ ही दक्षिण पूर्व एशिया में विदेशी बाजारों में भी जाने की है। यह भी पेशेंट इंगेजमेंट और प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स ड्राइव करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) क्षमताओं को जोड़ने के लिए तलाश कर रहा है। 


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