बचपन में ही पापा के साथ जाने लगे थे ऑफिस, अब GetVantage के जरिए 350 से ज्यादा बिजनेस को दे चुके हैं फंडिंग

भाविक वासा को अपना बिजनेस खड़ा करते वक्त फंडिंग की दिक्कत हुई. इसके बाद उन्होंने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जिससे स्टार्टअप को आसानी से फंडिंग मिल जाती है. वह अब तक कई बिजनेस को फंडिंग दे चुके हैं.

बचपन में ही पापा के साथ जाने लगे थे ऑफिस, अब GetVantage के जरिए 350 से ज्यादा बिजनेस को दे चुके हैं फंडिंग

Tuesday September 13, 2022,

6 min Read

आज पूरे देश में तेजी से स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 75 हजार से भी अधिक स्टार्टअप भारत में रजिस्टर हैं. इनमें से करीब 47 फीसदी स्टार्टअप टीयर 2 और टीयर 3 शहरों के हैं. छोटे शहरों के लोगों को एक शानदार आइडिया तो सूझ जाता है, लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब उन्हें पैसे चाहिए होते हैं. शुरुआत में तो दोस्तों-रिश्तेदारों से पैसे मांगकर काम चल भी जाता है, लेकिन उसके बाद बिजनेस बढ़ाने के लिए पैसे कहां से लाएं? इसी समस्या से कभी भाविक वासा (Bhavik Vasa) को भी जूझना पड़ा था और फिर उन्होंने शुरू की GetVantage कंपनी. GetVantage के जरिए अब तमाम बिजनेस को फंडिंग मुहैया कराते हैं.

GetVantage तो 2020 में लॉन्च हुआ था, लेकिन इसकी नींव करीब 30 साल पहले ही पड़नी शुरू हो गई थी. उस वक्त भाविक महज 5-6 साल के हुआ करते थे, जब उन्होंने पापा के साथ ऑफिस जाना शुरू कर दिया था. पापा उन्हें वैकेशन के टाइम पर कोल्ड ड्रिंक पीने के बहाने ऑफिस बुलाते थे और भाविक उसी लालच के साथ वहां चले जाते थे. भाविक के पिता कितने मझे हुए बिजनेसमैन हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ कोल्ड ड्रिंक की लालच देकर उन्होंने भाविक को धंधे के गुर सिखा दिए. भाविक खुद कहते हैं- 'गुजराती के खून में धंधा होता है.' इस बात को उनके पिता भी जानते थे, इसीलिए उन्होंने बचपन से ही भाविक को तराशना शुरू कर दिया था.

अमेरिका से पढ़ाई, सिलिकॉन वैली में नौकरी

भाविक की पढ़ाई पहले मुंबई में हुई और फिर वहां से उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने का मौका मिला. उन्होंने फ्लोरिडा की नॉर्थवुड यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल बिजनेस में बीबीए की डिग्री हासिल की. इसके बाद स्टैंडफर्ड यूनिवर्सिटी से एग्जिक्युटिव ट्रेनिंग ली. पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप का हब कहे जाने वाले अमेरिका के सिलिकॉन वैली में करीब 6-7 साल तक काम किया. उन्होंने यह सब उस दौर में (2005-06) किया, जब बहुत ही कम टेक्नोलॉजी स्टार्टअप हुआ करते थे.

26 साल की उम्र में शुरू किया पहला स्टार्टअप ItzCash

महज 26 साल की उम्र में भाविक भारत लौटे और 2009-10 के दौरान उन्होंने कुछ नया करने की ठानी. 2010 में उन्होंने अपनी स्टार्टअप जर्नी शुरू की और फिर ItzCash नाम की कंपनी शुरू की. उस दौर में डिजिटल वर्ल्ड में सबसे ज्यादा ट्रेन टिकट बुकिंग इसी प्लेटफॉर्म के जरिए होती थी. करीब 10 साल तक भाविक ने अपनी कड़ी लगन और मेहनत से बिजनेस को इतना बड़ा बना दिया कि Ebix group ने इसका अधिग्रहण कर लिया. इसी के साथ भाविक ने एक शानदार एग्जिट ली और एक नए मुकाम की तरफ बढ़ चले.

और यूं हुई GetVantage की शुरुआत

जब 2016 में नोटबंदी हुई, तो हर चीज डिजिटल होने लगी. भाविक कहते हैं- 'नोटबंदी में जब फिनटेक, डिजिटल पेमेंट, डिजिटल कैश जैसी चीजों लोग समझने लगे, तब मेरे दोस्त और परिवार वालों को समझ आया कि मैं क्या कर रहा हूं.' भाविक को उनके परिवार की तरफ से हमेशा पूरा सपोर्ट मिला, लेकिन उन्होंने बिजनेस के लिए जो फील्ड चुना था, उसकी जानकारी बहुत ही कम लोगों को थी. मार्च 2020 में उन्होंने GetVantage की शुरुआत की. यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो तमाम स्टार्टअप और बिजनेस को फंडिंग मुहैया कराता है. GetVantage का मतलब है हर बिजनेस को एडवांटेज देना, हर बिजनेस को एक अलग नजरिया देना. भाविक हर बिजनेस फाउंडर्स को बोलते हैं- 'गेट फंडेड, गेट वैंटेज'.

40 मिलियन डॉलर की ले चुके हैं फंडिंग

GetVantage का रॉ मटीरियल ही फंड है, जिसने अब तक इक्विटी और डेट के जरिए करीब 40 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है. कंपनी को शुरू करने के दौरान उन्हें रिश्तेदारों में ही 2-3 अच्छे निवेशक मिल गए, जहां से पैसों की जरूरत पूरी हुई. भाविक बताते हैं कि Chiratae Ventures ने उन्हें पहले दिन से ही फंड की सहायता दी. इसके अलावा 2-3 जापान के फंड्स ने भी मदद की. भारत की DMI Group और InCred Capital ने भी GetVantage को फंड मुहैया कराया.

क्या है बिजनस मॉडल?

GetVantage का बिजनेस सुनने में जितना मुश्किल लग रहा है, स्टार्टअप के लिए यह उतना ही आसान है. स्टार्टअप्स को सिर्फ कंपनी की वेबसाइट पर जाकर अपने मार्केटप्लेट, मार्केटिंग और रेवेन्यू अकाउंट को उनके डैशबोर्ड से कनेक्ट करना होगा. इसके बाद 48 घंटे के अंदर फंडिंग का ऑफर आ जाएगा और 5 दिनों में पैसे भी भेज दिए जाएंगे. अब तक करीब 7000 बिजनेस इस प्लेटफॉर्म पर फंडिंग के लिए अप्लाई कर चुके हैं और 350 से भी ज्यादा बिजनेस को फंडिंग की जा चुकी है. कंपनी ने जितने लोगों को फंडिंग दिलाई है, उनमें 40 फीसदी तो सिर्फ महिलाएं हैं.

सफलता के चार 'C' बताते हैं भाविक

भाविक बताते हैं कि सफलता पाने के लिए चार 'C' को ध्यान में रखना जरूरी है. उनके अनुसार किसी भी बिजनेस को सफल बनाने के लिए कॉन्टेंट, कम्युनिटी, कोलेबोरेशन और कैपिटल की जरूरत होती है. कॉन्टेंट का मतलब है कि कैसे आप अच्छी पैकेजिंग के साथ अपना प्रोडक्ट लोगों के सामने पेश करते हैं और कैसे आसान भाषा में अपनी बात ग्राहकों तक पहुंचाते हैं. दूसरा है कम्युनिटी, जिसके तहत आपको अपने टारगेट ऑडिएंस को समझना होगा और उन्हें लॉयल बनाने की कोशिश करनी होगी, ताकि वह दूसरों तक आपके प्रोडक्ट की पब्लिसिटी कर सकें. तीसरा है कोलेबोरेशन, जिसके तहत अगर आप किसी दूसरे बिजनस के साथ कोलेबोरेट करते हैं तो आपको फायदा हो सके. जैसे अगर कॉफी बनाने वाली कंपनी स्किन प्रोडक्ट की कंपनी से कोलेबोरेट करे, तो दोनों के ग्राहक एक ही उम्र के होते हैं और कोलेबोरेशन से दोनों को एक दूसरे के ग्राहकों से फायदा होगा. वहीं सबसे जरूरी है कैपिटल, जो हर बिजनेस के लिए जरूरी है.

चुनौतियां भी कम नहीं

भाविक बताते हैं कि एक आंत्रप्रेन्योर की जिंदगी में हर दिन एक नया चैलेंज होता है. कोरोना काल में बिजनेस ऑनलाइन गया, लेकिन बिजनेस को बड़ा बनाना आसान नहीं रहा. सबसे बड़ा चैलेंज है जागरूकता फैलाना, जिस पर भाविक तेजी से काम कर रहे हैं. भाविक कहते हैं- 'यही चैलेंज रोज सुबह उतने जुनून से उठाता है कि आज अगर एक और फाउंडर को हेल्प कर देते हैं यानी बैक कर देते हैं फंडिंग से तो हमने एक और अवेयरनेस बढ़ाई है अपने प्रोडक्ट के बारे में फंडिंग के बारे में.'

फ्यूचर की क्या है प्लानिंग?

आने वाले 5 सालों में हिंदुस्तान के हजारों फाउंडर्स और बिजनेस को फंडिंग मुहैया कराना ही भाविक का सपना है. वह तमाम फाउंडर्स को ना सिर्फ कैपिटल सपोर्ट देना चाहते हैं, बल्कि तमाम तरह से उनकी मदद करना चाहते हैं. यही वजह है कि GetVantage को भाविक एक पूरा ग्रोथ प्लेटफॉर्म कहते हैं, जो हर तरीके से दूसरे बिजनेस और स्टार्टअप की मदद करता है.