स्टार्टअप सेक्टर तय करेगा भारत के भविष्य की अर्थव्यवस्था: डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह

By रविकांत पारीक
June 02, 2022, Updated on : Thu Jun 02 2022 15:31:12 GMT+0000
स्टार्टअप सेक्टर तय करेगा भारत के भविष्य की अर्थव्यवस्था: डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 'स्टार्टअप इंडिया-2022 एक्सपो एंड कॉन्क्लेव' में डॉ सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्टार्टअप्‍स को दिए गए प्रोत्साहन के कारण, देश में इनकी संख्या पिछले आठ साल में करीब 300-400 से बढ़कर 70 हजार हो गई है।
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केंद्रीय मंत्री डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि स्टार्टअप क्षेत्र, भारत की भविष्य की अर्थव्यवस्था का निर्धारण करने वाला है। उन्‍होंने कहा कि यह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भी एक प्रमुख स्तंभ के रूप में कार्य करेगा। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आज नई दिल्ली में आयोजित 'स्टार्टअप इंडिया-2022 एक्सपो एंड कॉन्क्लेव' में डॉ सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्टार्टअप्‍स को दिए गए प्रोत्साहन के कारण, देश में इनकी संख्या पिछले आठ साल में करीब 300-400 से बढ़कर 70 हजार हो गई है।


डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह ने नवोदित स्टार्टअप उद्यमियों को आईटी, कंप्यूटर और संचार क्षेत्रों से परे कृषि क्षेत्र में काम करने की सलाह दी, जो हरित क्रांति के बाद एक बड़ी तकनीकी क्रांति की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्‍होंने कृषि-तकनीक स्टार्टअप को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है क्योंकि इसका सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में दुनिया का तीसरा बड़ा इकोसिस्टम है और महज आठ से 10 दिन के भीतर एक स्टार्टअप, यूनिकॉर्न का आकार ले लेता है। उन्होंने कहा कि 2021 में 44 यूनिकॉर्न सामने आने के बाद, कुछ दिन पहले ही 25 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ यह संख्या 100 यूनिकॉर्न तक पहुंच गई है। केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि भारत के यूनिकॉर्न की औसत वृद्धि दर अमेरिका, यूके, जर्मनी और अन्य देशों की तुलना में ज्यादा है।


बड़े स्तर पर एग्रीटेक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने का आह्वान करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था के मुख्य स्तंभों में से एक है, क्योंकि देश की 54 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है और जीडीपी में लगभग 20 प्रतिशत का योगदान देती है।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि हाल में मोदी सरकार द्वारा भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में अवसर सामने आने के बाद, इसरो में पंजीकृत 60 स्टार्टअप्स ने नैनो सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल, मलबा प्रबंधन से लेकर भू प्रणालियों और अनुसंधान से जुड़े प्रस्ताव सामने रखे हैं।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने 2015 में अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में लाल किले की प्राचीर से “स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया” के ऐलान के बाद से, इसे देश भर में बड़े स्तर पर प्रोत्साहन मिला है और अब टियर 2 और टियर 3 से ज्यादा स्टार्अप्स को सामने लाने के लिए सरकार की तरफ से प्रयास किए गए हैं।