मैंने गलतियां की हैं, माफी मांगता हूंः Byju Raveendran

By Upasana
November 11, 2022, Updated on : Sat Nov 12 2022 06:10:03 GMT+0000
मैंने गलतियां की हैं, माफी मांगता हूंः Byju Raveendran
YourStory के फ्लैगशिप टेक इवेंट TechSparks 2022 में बिजनेस में नुकसान से लेकर हजारों की संख्या में कर्मचारियों की छंटनी करने, एक्विजिशन और मशहूर फुटबाल प्लेयर लियोनेल मेसी को ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर बनाने पर Byju's के को-फाउंडर रविंद्रन बायजू और दिव्या गोकुलनाथ ने दी सफाई.
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एडटेक सेक्टर की सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी Byju's बीते दिनों में ताबड़तोड़ कर्मचारियों की छंटनी करने, बिजनेस में नुकसान, एक्विजिशन की वजह से काफी चर्चा में रही है. कंपनी के को-फाउंडर्स रविंद्रन बायजू (Byju Raveendran) और दिव्या गोकुलनाथ (Divya Gokulnath) ने इन सभी आलोचनाओं को लेकर गुरुवार को TechSparks 2022 में जवाब दिए.


YourStory के फ्लैगशिप टेक इवेंट TechSparks 2022 में फाउंडर और सीईओ श्रद्धा शर्मा के साथ चर्चा में दिव्या गोकुलनाथ ने कहा, लोगों को निकालना किसी भी कंपनी के लिए आसान नहीं होता. हमने बहुत भारी दिल से ये कदम उठाया है. बतौर स्टार्टअप फाउंडर आपको वो चीजें करनी होती हैं जो कंपनी की जरूरत होती है, ना की जो आप करना चाहते हैं.


एक तरफ कर्मचारियों की छंटनी और दूसरी तरफ मशहूर फुटबाल प्लेयर लियोनेल मेसी (Lionel Messi) को ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर बनाने के फैसले पर भी Byju's को भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. इस पर रविंद्रन ने कहा कि मेसी के साथ डील पर 6 महीनों से बात चल रही थी और डील इस अनाउंसमेंट से काफी पहले पक्की हो चुकी थी. वर्ल्ड कप शुरू होने के बाद हम अनाउंसमेंट नहीं कर सकते थे इसलिए हमें वो समय चुनना पड़ा, जिस समय दुर्भाग्यवश हमें कंपनी में लेऑफ करना पड़ रहा है.


मेसी को साइन करने पर दिव्या ने कहा कि इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड करना है. इंडिया में Byju's एक बड़ा नाम बन चुकी है. अब हम Byju's को बाहर के देशों में बड़ा नाम बनाना चाह रहे हैं.


बिजनेस में नुकसान के मुद्दे पर रविंद्रन बायजू ने कहा कि हम मानते हैं कि बीता वित्त वर्ष FY21 खराब रहा. मगर मुझे पूरा भरोसा है कि FY22 अच्छा रहेगा. रेवेन्यू यकीनन तीन से साढ़े तीन गुना बढ़ जाएगा.


दरअसल जो कंज्यूमर सेगमेंट हमारा टारगेट है उसके पास क्रेडिट कार्ड नहीं हैं. उन्हें हम EMI का विकल्प देते हैं. कई बार हमारे सामने ऐसी समस्या आई कि ऐसे कस्टमर्स को NBFC फंडिंग मिलने में दिक्कत होती है. इसलिए हमने उन्हें अपने अकाउंट बुक से पैसे देने शुरू कर दिए.


कोविड के समय में बैंकों ने जहां 3 महीने का मोरेटोरियम दिया हमने उन्हें पेमेंट के लिए 6 महीने का मोरेटोरियम दिया. ये पैसे 21 में खर्च की तरह दिख रहे हैं मगर अगले वित्त वर्ष ये पैसे वापस हमारे अकाउंट बुक में रेवेन्यू की तरह नजर आएंगे.


रविंद्रन ने आगे कहा कि हम एडटेक सेक्टर के लीडर हैं. फर्स्ट मूवर होने के कई फायदे होते हैं और नुकसान भी हैं. सफलता की कोई तय रेसिपी नहीं है. बतौर इंडस्ट्री लीडर हम भी नई चीजें कर रहे हैं, गलतियां कर रहे हैं और सीख रहे हैं. जो भी आलोचनाएं, शिकायतें आती हैं या आ रही हैं हम उन पर लगातार काम कर रहे हैं.


रविंद्रन बायजू ने आगे कहा कि हम लॉन्ग टर्म गोल (लक्ष्य) के साथ इस बिजनेस में हैं. मैं कंपनी में पूरी तरह इनवेस्टेड हूं. मेजॉरिटी शेयरहोल्डर हूं क्योंकि मुझे और हमारी फाउंडिंग टीम को हमारे गोल पर पूरा भरोसा है. हम यहां 10 साल के गोल के इरादे से नहीं हैं. हमारा विजन 30 साल का है. उस हिसाब से Byju's के हाल को लेकर कोई भी अंदाजा लगाना बहुत जल्दबाजी होगी.


हां, मैं मानता हूं कि हमने बहुत सारी गलतियां की हैं और हम उन्हें सुधार रहे हैं. मगर जैसा कि मैंने कहा हमारा गोल 30 साल का है और इतने लंबे गोल में गलतियां होना जायज है.


बिना गलती के आप सफलता की कहानी नहीं लिख सकते. दिव्या ने कहा कि हम बहुत दूर आएं हैं अभी बहुत दूर जाना है. इतनी जल्दी कंपनी के हाल को लेकर कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी है.


हाल के समय में Byju's की तरफ से हुए एक्विजिशन पर रविंद्रन ने कहा कि हमारा कोर बिजनेस 50% साल-दर-साल की रेट से बढ़ रहा हैं. 5 में से 4 एक्विजिशन सफल हैं. इस यात्रा में हमने कई आंत्रप्रेन्योर्स को ऑनबोर्ड किया है.


हां, हमें अमेरिका में कस्टमर एक्विजिशन में थोड़ी दिक्कत आ रही है मगर उसका भी कोई हल ढूंढ लेंगे. मुझे भरोसा है हम अगले क्वॉर्टर में प्रॉफिटेबल रहने वाले हैं.

आंत्रप्रेन्योर के लिए टिप्स

जीरो से एक, एक से दस, दस से सौ का सफर मुश्किल होना तय है. मगर हमें याद रखना होगा कि हम स्टार्टअप नहीं, हम अपना सपना पूरा कर रहे हैं. स्टार्टअप भले फेल हो सकते हैं मगर आंत्रप्रेन्योर नहीं.


कंपनी की स्थिति बाहर के शोर से खराब नहीं होती बल्कि अंदर के लोगों की मानसिकता से होती है. जहां फाउंडर्स का भरोसा डगमगाया वहीं से स्टार्टअप डगमगाना शुरू हो जाता है. इसलिए बाहर दुनिया कुछ भी कहे फाउंडर्स को हमेशा अपने विजन को लेकर भरोसेमेंद होना चाहिए. तभी आप मुश्किल दौर का सामना कर सकते हैं.


हमारे लिए बीते 6 महीने बहुत मुश्किल भरे रहे हैं और उन दिनों को देखकर अगर कोई कहता है कि Byju's डूबने वाली है या हमारे दिन खत्म हो रहे हैं, तो वो गलत हैं.

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