12वीं पास महिला ने खड़ा किया करोड़ों का बिज़नेस, प्रधानमंत्री मोदी भी हैं इनके 'मुरीद'

By Rekha Balakrishnan
February 12, 2019, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:31:24 GMT+0000
12वीं पास महिला ने खड़ा किया करोड़ों का बिज़नेस, प्रधानमंत्री मोदी भी हैं इनके 'मुरीद'
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पीएम मोदी के साथ अरुलमोझी

क्या आप सोच सकते हैं कि एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली 12वीं पास महिला, बिना किसी भारी निवेश के करोड़ों का बिज़नेस खड़ा कर सकती है? जी हां, तमिलनाडु की अरुलमोझी सर्वानन ने यह कारनामा कर दिखाया है और उनकी सफलता की कहानी का पूरा देश गवाह बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मासिक तौर पर प्रसारित होने वाले अपने कार्यक्रम 'मन की बात' में 2017 में पहली बार अरुलमोझी की कहानी देश के साथ साझा की थी और सभी महिलाओं को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया था। इसके बाद भी कई बार प्रधानमंत्री मोदी अरुलमोझी की मिसाल दे चुके हैं।


अरुलमोझी तमिलनाडु के मदुरै ज़िले में स्थित उसिलामपट्टी कस्बे के पास एक गांव में पली-बढ़ीं। 12वीं कक्षा के बाद वह अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकीं क्योंकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इस बात की इजाज़त नहीं देती थी। एक साल घर पर ही बिताने के बाद 19 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई।


जल्द ही, वह एक बच्चे की मां बन गईं और परिवार के साथ मदुरै में ही रहने लगीं। दो साल बाद, उनके घर एक बच्ची का जन्म हुआ और इसके बाद उन्होंने एक ट्रेनिंग कोर्स में दाखिला ले लिया। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी उन्होंने नौकरी तलाश नहीं की क्योंकि उनका मानना था कि ऐसा करके वह अपने बच्चों के साथ अन्याय करेंगी और उन्हें पूरा वक़्त नहीं दे पाएंगी।


अरुलमोझी बताती हैं, "मैं ऐसे किसी काम की तलाश में थी, जिसके माध्यम से मेरे परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग मिल जाए और मुझे काम के लिए बाहर भी न जाना पड़े। इस दौरान ही मैंने सरकार द्वारा संचालित ई-मार्केटप्लेस (GeM) के बारे में सुना। इस मार्केटप्लेस पर आमतौर पर उपयोग में आने वाले सामान और सुविधाएं मौजूद रहती हैं। मैंने ऑफ़िस प्रोडक्ट्स की सप्लाई के लिए इस प्लेटफ़ॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराया। मैंने अपने जे़वरों को गिरवी रखकर 40 हज़ार रुपए जुटाए और धीरे-धीरे सामान ख़रीदना शुरू कर दिया।" वह बताती हैं कि जीईएम पर रजिस्ट्रेशन तो बस पहला कदम था। इसके बाद जो इंतज़ार था, वह अरुलमोझी के काफ़ी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। करीब दो महीनों तक उन्हें एक भी ऑर्डर नहीं मिला, लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा। इसका फल अरुलमोझी को मिला और उन्हें पहला ऑर्डर 10 स्टैंप पैड्स का मिला, जिसकी क़ीमत 243 रुपए थी।


शुरुआती तौर पर मिले ऑर्डरों और मुनाफ़े से उनकी हिम्मत में इज़ाफ़ा हुआ और उन्होंने अपने पोर्टफ़ोलियो में उत्पाद बढ़ाने पर विचार शुरू किया। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा संचालित मुद्रा योजना का लाभ उठाते हुए बैंक से 50 हज़ार रुपए का लोन लिया। पैसे मिलने के बाद उन्होंने थोक बाज़ार से सामान ख़रीदना शुरू कर दिया। ऑफ़िस प्रोडक्ट्स के चुनाव के विषय में जानकारी देते हुए अरुलमोझी ने बताया कि इन उत्पादों में जोख़िम कम रहता है और इसलिए ही उन्होंने इन उत्पादों के साथ काम शुरू किया। अरुलमोझी अपने इस काम में अपने परिवार के 5 सदस्यों की मदद लेती हैं। 


वह बताती हैं कि उन्होंने डिलिवरी के लिए इंडिया पोस्ट सर्विस का चुनाव किया क्योंकि यह सुविधा बेहद किफ़ायती होती है और साथ ही, देश के हर कोने तक इन पहुंच होती है। अरुलमोझी ने जानकारी दी कि उन्होंने हाल ही में लेह तक भी अपने सामान की डिलिवरी की है।


कुछ समय पहले उनके पास प्रधानमंत्री कार्यालय से 1,600 रुपए के एक थर्मस फ्लास्क का ऑर्डर आया। उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए एक पत्र लिखा और साथ में ऑर्डर भी भेजा। अपने पत्र में उन्होंने ज़िक्र किया कि किस तरह सरकार की योजनाओं ने उनकी मदद की और उनकी ज़िंदगी को बदलकर रख दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने 2017 में मासिक रूप से प्रसारित होने वाले अपने कार्यक्रम मन की बात में अरुलमोझी और उनकी प्रेरणाप्रद कहानी का ज़िक्र किया। प्रधानमंत्री कार्यालय से जानकारी लेने के लिए उनके पास कॉल आया था और इस समय तक भी उन्हें इस बारे में कोई अंदाज़ा नहीं था। बाद में उन्होंने तमिल अख़बारों में इस बारे में पढ़ा और उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा


2017 के बाद से कई बार प्रधानमंत्री मोदी अरुलमोझी का जिक़्र कर चुके हैं। वह अक्सर महिला सशक्तिकरण की मिसाल के तौर पर अरुलमोझी का नाम लेते रहते हैं। अरुलमोझी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक़, उनके एंटरप्राइज़ ने हालिया वित्तीय वर्ष में 1 करोड़ रुपए से भी अधिक का टर्नओवर कर लिया। छोटे-छोटे ऑर्डर से शुरू हुई यात्रा, अब लाखों रुपए के प्रोडक्ट्स की मांग तक पहुंच चुकी है। अरुलमोझी अपने व्यवसाय को इसी तरह से जारी रखना चाहती हैं और जल्द ही ऑफ़िस प्रोडक्ट्स के लिए एक मैनुफ़ैक्चरिंग यूनिट की भी शुरूआत करने की योजना बना रही हैं।


वह कहती हैं, "अगर आपके पास एक अच्छा बिज़नेस आइडिया है, लेकिन उसे शुरू करने के लिए आपके पास पर्याप्त पैसा नहीं है तो आपको हताश नहीं होना चाहिए। सरकार द्वारा कई अच्छी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके अंतर्गत बेहद सहजता के साथ आप लोन ले सकते हैं। अगर आपके अंदर अपने लक्ष्य को लेकर पूरी निष्ठा है और आप कड़ी मेहनत के लिए तैयार हैं तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।"


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