कैसे उद्यमियों को उनके D2C ब्रांडों को बढ़ाने में मदद कर रहा है रोलअप ईकॉमर्स यूनिकॉर्न GlobalBees

'द टर्निंग प्वाइंट’ शॉर्ट आर्टिकल्स की एक सीरीज है जो उस क्षण पर केंद्रित है जब कोई आंत्रप्रेन्योर अपने शानदार आइडिया के साथ आगे बढ़ता है। इस सप्ताह, हम GlobalBees के बारे में बता रहे हैं, जो मई 2021 में अपनी स्थापना के बाद से एक वर्ष से भी कम समय में यूनिकॉर्न बन गया।

कैसे उद्यमियों को उनके D2C ब्रांडों को बढ़ाने में मदद कर रहा है रोलअप ईकॉमर्स यूनिकॉर्न GlobalBees

Wednesday March 09, 2022,

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थ्रेसियो मॉडल पर आधारित रोलअप ईकॉमर्स स्टार्टअप GlobalBeesकी स्थापना मई 2021 में फर्स्टक्राई के संस्थापक सुपम माहेश्वरी और एडलवाइस के पूर्व अध्यक्ष और समूह के मुख्य निवेश अधिकारी नितिन अग्रवाल ने की थी।

स्टार्टअप ब्यूटी, न्युट्रिशन, फूड, फिटनेस, पर्सनल केयर, लाइफस्टाइल, होम, स्पोर्ट्स और लाइफस्टाइल जैसी कैटेगरीज में उन डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स का अधिग्रहण करता है, जिनका रेवेन्यू रेट 1 मिलियन डॉलर से 20 मिलियन डॉलर है, और उन्हें बड़े पैमाने पर बढ़ने और विस्तार करने में मदद करता है।

पिछले साल दिसंबर में, GlobalBees ने अपनी स्थापना के बाद से केवल सात महीनों में, यूनिकॉर्न सूची में जगह बनाई।

कैसे हुई शुरुआत?

पिछले कुछ वर्षों में, बेहतर लॉजिस्टिक्स के साथ इकोसिस्टम के विकास, इंटरनेट की गहरी पैठ, और उपभोक्ता की रुचि और विश्वास में वृद्धि के कारण भारत में बहुत सारे ईकॉमर्स ब्रांड सामने आए हैं।

इनमें से बहुत से डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (d2c) ब्रांड थे जो Amazon, Flipkart और Shopify जैसे प्लेटफॉर्म की उपस्थिति के कारण फलने-फूलने में सक्षम थे।

ग्लोबलबीज के चीफ बिजनेस ऑफिस दमनदीप सिंह सोनी ने योरस्टोरी को बताया, "हमने महसूस किया कि फाउंडर्स को लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी सहित सब कुछ एक साथ मैनेज करना मुश्किल लगता है।"

इनमें से कई ब्रांड एक सीमा तक पहुंच गए, जिसके बाद उनके लिए इसे स्केल करना मुश्किल हो गया। बस यही वो आगे की प्रोसेस है जहां ग्लोबलबीज अपना काम करती है।

GlobalBees

यह कुछ ऐसा है जिसे GlobalBees की टीम ने अन्य विकसित ईकॉमर्स इकोसिस्टम में देखा था। दमनदीप कहते हैं, "हमारे पास दूसरे देशों में ये देखने की लग्जरी थी कि इकोसिस्टम कैसे परिवर्तित और विकसित हुआ।"

वे कहते हैं, "इसीलिए हम एक रोलअप ईकॉमर्स मॉडल के आइडिया के साथ आए, जहां हम सभी विशेषज्ञता को एक साथ ला सकते हैं और डी 2 सी ब्रांडों को उनके द्वारा बनाए गए स्केल पर मदद कर सकते हैं।"

योरस्टोरी के साथ पिछली बातचीत में, नितिन ने कहा कि इनमें से अधिकांश ब्रांडों में प्रोडक्ट बनाने और इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करने की महत्वाकांक्षा है। लेकिन असल में, वे अपना 95 प्रतिशत समय अन्य तकनीकी कार्यों और प्रबंधन पर खर्च करते हैं जैसे कि टेक, लॉजिस्टिक्स, सीओडी, सुलह, लिस्टिंग, वेंडर एग्रीमेंट्स आदि।

यहीं पर GlobalBees जैसी कंपनियां उन सर्विसेज को अपने हाथ में लेकर और ब्रांड को बढ़ाने के लिए एक उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करके मदद कर रही हैं।

नितिन ने कहा था, “वे (ब्रांड) प्रोडक्ट को लेकर काफी जुनूनी हैं, उन्हें कैटेगरीज के बारे में समझ है, और सही मायने में उस पर समय बिताना चाहते हैं। इसलिए यह ग्लोबलबीज और उद्यमियों दोनों के लिए फायदे का सौदा है कि वे उस पूरी क्षमता का लाभ उठाएं।”

GlobalBees अमेजॉन पर मौजूद विक्रेताओं के साथ अधिग्रहण और साझेदारी करता है और उन्हें मार्केटिंग और ग्रोथ, टेक्नोलॉजी, डिस्ट्रीब्यूशन, सोर्सिंग, ब्रांडिंग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, आर एंड डी, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और ऑपरेशन में क्षमताओं से लैस करता है। डिजिटल स्पेस में ब्रांडों को तेजी से स्केल करने के लिए ये सभी आवश्यक चीजें हैं।

यात्रा

नई दिल्ली स्थित ग्लोबलबीज ने लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स की अतिरिक्त भागीदारी के साथ फर्स्टक्राई और उसके कुछ निवेशकों के नेतृत्व में इक्विटी और ऋण के मिश्रण से सीरीज ए में 150 मिलियन डॉलर जुटाए। यह किसी भारतीय स्टार्टअप द्वारा उठाए गए सबसे बड़े सीरीज ए राउंड में से एक था।

तब से, इसने द बेटर होम, और मी, प्रोलिक्सर, एब्सोर्बिया, येलो चाइम्स, हेल्दीहे और अन्य सहित कैटेगरीज में 12 ब्रांड का अधिग्रहण किया है।

ब्रांडों में निवेश करते समय, GlobalBees विक्रेताओं में कई तरह की चीजों की तलाश करता है। यह उनकी ग्लोबल अपील, ई-कॉमर्स फ्रेंडलीनेस, युनिट इकोनॉमिक्स और ग्रोथ के पहलुओं को देखता है। पॉजिटिव कस्टमर रिव्यू और रिपीट होने वाले कन्यूमर्स होना भी कुछ ऐसा है जो उन्हें बढ़ने में मदद करता है।

दमनदीप कहते हैं, फिलहाल कंपनी की रणनीति इनके साथ काम करने और इन्हें तैयार करने की है।

वे कहते हैं, "उन्होंने (ब्रांड) अपनी शून्य से 1 तक की यात्रा की है, हमें उन्हें 1 से 100 तक ले जाना है।" इसका मतलब है कि ब्रांडों को समुदायों के निर्माण में मदद करना और उनकी आपूर्ति श्रृंखला और रसद के अलावा उनकी कहानी को संप्रेषित करने में मदद करना है।

अगले तीन वर्षों में, स्टार्टअप अरबों डॉलर के रेवेन्यू को टारगेट कर रहा है, जिसमें तेजी से बिकने वाली उपभोक्ता वस्तुएं (एफएमसीजी), स्पोर्ट्स, होम ऑर्गनाइजेशन और लाइफस्टाइल सहित वर्टिकल में 100 ब्रांडों में निवेश करने की योजना है।

अभी के लिए, यह इन ब्रांडों को विकसित करने और उनकी टीमों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

बाजार

रोलअप ईकॉमर्स सेगमेंट को पिछले एक साल में निवेशकों से काफी मान्यता मिली है क्योंकि इस क्षेत्र में नई कंपनियां आ रही हैं।

मेन्सा ब्रांड्स के अलावा, G.O.A.T ब्रांड लैब्स, ग्लोबलबीज, इवनफ्लो, पावरहाउस91, अपस्कैलियो और 10क्लब जैसे स्टार्टअप भारत में डी2सी अवसर का लाभ उठाने के लिए 'हाउस ऑफ ब्रांड' मॉडल का अपना संस्करण बना रहे हैं।

वैश्विक ब्रांड थ्रेसियो ने भी जनवरी में 3,750 करोड़ रुपये के पर्स साइज के साथ भारत में प्रवेश की घोषणा की।

उन्होंने कहा, ”हमें काफी सक्रिय इनबाउंड इंटरेस्ट भी मिल रहा है। प्रारंभ में, इस मॉडल के बारे में बहुत संदेह था, अवसर और मूल्यांकन प्राप्त करने के मामले में जो प्लेटफॉर्म लाएगा और इसी तरह। यह सब व्यवस्थित होने लगा है और दोनों - उद्यमी और मंच - एक दूसरे को समझने लगे हैं।”


Edited by Ranjana Tripathi