ये स्टार्टअप खास आपकी त्वचा के हिसाब से तैयार करता है स्किन केयर उत्पाद

By Debolina Biswas
August 17, 2020, Updated on : Mon Aug 17 2020 05:31:30 GMT+0000
ये स्टार्टअप खास आपकी त्वचा के हिसाब से तैयार करता है स्किन केयर उत्पाद
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

चैतन्य के अनुसार स्किनक्राफ्ट का औसत मासिक राजस्व 8 करोड़ रुपये है और इसका एआरआर 100 करोड़ रुपये है।

स्किनक्राफ्ट की संस्थापक टीम

स्किनक्राफ्ट की संस्थापक टीम



कौन कोमल और चमकती त्वचा नहीं चाहता है? लेकिन क्या एक फॉर्मूला वास्तव में हर तरह की त्वचा पर काम कर सकता है?


हैदराबाद स्थित स्किनक्राफ्ट ऐसा नहीं सोचता है, यही वजह है कि यह स्किनकेयर स्टार्टअप भारतीय महिलाओं के लिए अनुकूलित समाधानों पर ध्यान केंद्रित करता है।


स्किनक्राफ्ट के सह-संस्थापक और सीईओ चैतन्य नल्लन कहते हैं, “यह इसलिए है क्योंकि कोई भी दो व्यक्ति समान नहीं हैं। हमारी त्वचा उतनी ही अनोखी है जितने हम हैं, लेकिन कमर्शियल कंपनियाँ बड़ी जनता के लिए उत्पाद बनाती हैं।”


स्किनकेयर ब्रांड ग्राहकों को डर्माटोलॉजिकली स्वीकृत और कस्टमाइज़्ड स्किनकेयर समाधान प्रदान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचालित तकनीक का उपयोग करता है। मूल कंपनी IncNut Digital के तहत ब्रांड स्किनक्राफ्ट ने हाल ही में अपने सीरीज़ ए दौर में RPSG वेंचर्स से 4 मिलियन डॉलर का निवेश जुटाया है।


लेकिन वास्तव में अनुकूलित स्किनकेयर ब्रांड के लॉन्च का कारण क्या था? योरस्टोरी ने हाल ही में चैतन्य के साथ बातचीत में इससे जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त की।

स्किनकेयर पर ध्यान

आईआईटी-खड़गपुर और ISB हैदराबाद से पढ़ाई करने वाले चैतन्य 2008 में अपनी एक विज्ञापन प्लेटफ़ॉर्म कंपनी mGinger, चला रहे थे और वह एक बैठक में थे। वह अपने स्टार्टअप के विचार को कलारी कैपिटल के सामने पेश कर रहे थे, जहां वह मुकेश बंसल से मिले, जो अब Cure.fit के सीईओ हैं।


चैतन्य कहते हैं, “तब मिंत्रा वैसी नहीं थी, जैसी वो आज है। मुकेश एक कंपनी के लिए एक आइडिया पिच कर रहे थे, जिसने कस्टमाइजेबल टी-शर्ट्स का जिक्र था और मुझे यह आइडिया बहुत अच्छा लगा।”





उसके बाद उपभोक्ता वरीयताओं के अनुसार ’उत्पादों की कस्टमाइज़िंग’ का विचार चैतन्य को वहीं से मिला।


2011 में चैतन्य ने संग्राम सिम्हा और वीरेंद्र शिवहरे के साथ मिलकर IncNut Digital की स्थापना की, जिसने दो महिला-केंद्रित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म, Stylecraze.com और Momjunction.com का संचालन किया।


चैतन्य याद करते हैं,

“हम इन प्लेटफार्मों के माध्यम से बहुत सारे स्किनकेयर ब्रांडों को बढ़ावा देते थे और ग्राहकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करते थे। अधिकांश महिलाएं उन उत्पादों को पसंद नहीं करती थीं जिनका वे उपयोग कर रही थीं।“

व्यक्तिगत मोर्चे पर चैतन्य ने देखा कि उनकी गर्भावस्था के दौरान उनकी पत्नी की त्वचा कैसे बदल गई और अति संवेदनशील हो गई। वो कहते हैं, “मैंने अपनी पत्नी के पैटर्न पर भी ध्यान दिया। वह एक नया सामान खरीदती थी और फिर उसे दूर फेंक देती थीं।”


IncNut के प्लेटफार्मों के माध्यम से टीम ने स्किनकेयर उत्पादों के साथ महिलाओं के मुद्दों को समझने के लिए गहन सर्वेक्षण किया। वे कहते हैं, "परिणामों के बाद हमने त्वचा विशेषज्ञों से बात करने का फैसला किया कि अधिकांश उत्पाद ग्राहकों पर काम क्यों नहीं करते हैं।"


त्वचा विशेषज्ञों और आयुर्वेद विशेषज्ञों के साथ लगातार चर्चा के बाद, टीम ने इस तथ्य पर गौर किया कि किसी भी दो लोगों की त्वचा एक जैसी नहीं होती है और स्किनकेयर उत्पादों को अनुकूलित करने की आवश्यकता है।


2017 में रूपरेखा तैयार होने के बाद स्किनक्राफ्ट ने 2018 के मध्य में ऑनलाइन खुदरा बिक्री शुरू की।


हर नए ग्राहक के लिए यह त्वचा के प्रकार, मुँहासे के प्रकार और अन्य इनपुटों को समझने के लिए त्वचा विशेषज्ञ के समान लगभग 30 सवाल पूछता है। इसके बाद परिणाम या त्वचा आईडी के आधार पर मंच अपने ग्राहकों को तीन उत्पादों का सुझाव देता है: एक क्लीन्ज़र, एक बैरियर रिपेयर (या मॉइस्चराइज़र) और एक त्वचा की समस्याओं से निपटने के लिए बाम जैसा उत्पाद।


स्किनक्राफ्ट




आगे का रास्ता

चैतन्य कहते हैं, "जब हमने शुरुआत की थी, तब हमारी सटीकता दर 54 प्रतिशत थी, आज हमारी स्किन आईडी 82 प्रतिशत सटीकता दर प्रदान करती है।"


महिलाओं के लिए एक अनुकूलित स्किनकेयर उत्पाद के साथ शुरू हुए स्किनक्राफ्ट ने अब हेयरकेयर के लिए अपने प्रसाद का विस्तार किया है। त्वचा विशेषज्ञ, फॉर्म्युलेटर और आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की एक टीम उत्पादों का निर्माण करती है। अब तक तीन मिलियन उपयोगकर्ता स्किन आईडी टेस्ट ले चुके हैं और स्टार्टअप के पास छह लाख से अधिक भुगतान करने वाले उपयोगकर्ता हैं।


चैतन्य के अनुसार स्किनक्राफ्ट का औसत मासिक राजस्व 8 करोड़ रुपये है और इसका एआरआर 100 करोड़ रुपये है।


भारत का स्किनकेयर और सौंदर्य प्रसाधन उद्योग बड़े पैमाने पर है। गोल्डस्टीन रिसर्च के अनुसार 2017 में भारतीय सौंदर्य प्रसाधन उद्योग का मूल्य 11.16 बिलियन डॉलर था और 2017 और 2030 के बीच यह 5.91 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान है।


लेकिन स्किनक्राफ्ट का मानना है कि कस्टमाइजेशन इसकी ऑफरिंग को सबसे अलग करता है।


चैतन्य कहते हैं, "हम हेयर सेगमेंट में गहराई तक जाना चाहते हैं और इस महीने के अंत तक कस्टमाइज़ करने योग्य प्रतिरक्षा उत्पादों को लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं।"


हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें