जानिए किसान क्रेडिट कार्ड से ढाई करोड़ किसानों को कैसे मिलेगा दो लाख करोड़ रुपये का रियायती ऋण

जानिए किसान क्रेडिट कार्ड से ढाई करोड़ किसानों को कैसे मिलेगा दो लाख करोड़ रुपये का रियायती ऋण

Friday May 15, 2020,

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नयी दिल्ली, सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि मछुआरों और पशुपालन के काम से जुड़े किसानों सहित 2.5 करोड़ किसानों को सरकार के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के तहत किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से दो लाख करोड़ रुपये का रियायती ऋण मिल सकेगा।


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फोटो साभार: सोशल मीडिया


कोविड-19 संकट की मार झेल रहे लघु और सीमांत किसानों के लिए राहत उपायों की घोषणा करते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नाबार्ड द्वारा अतिरिक्त 30,000 करोड़ रुपये की आपातकालीन कार्यशील पूंजी का वित्तपोषण किया जायेगा, जिससे लगभग तीन करोड़ किसान लाभान्वित होंगे।


इस वर्ष के दौरान सामान्य पुनर्वित्तपोषण के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रदान की जाने वाली 90,000 करोड़ रुपये की राशि से आगे बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये की यह धनराशि दी जायेगी।


मंत्री ने कहा,

‘‘नाबार्ड, सहकारी ग्रामीण बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) की, फसल ऋण आवश्यकताओं के लिए 30,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पुनर्वित्तपोरण समर्थन प्रदान करेगा। यह मई - जून में रबी फसल की कटाई बाद तथा मौजूदा खरीफ फसलों की जरुरतों को पूरा करने में मदद करेगा।”

किसानों को दो लाख करोड़ रुपये रियायती ऋण देने के संबंध में, मंत्री ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पीएम-किसन लाभार्थियों को ऋण प्रदान करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।


सीतारमण ने कहा,

‘‘इस तरह के किसान, रियायती ब्याज दर पर संस्थागत ऋण प्राप्त कर सकेंगे। मछुआरों और पशुपालन किसानों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के कोविड-19 आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के तहत प्रोत्साहन उपायों के दूसरे दौर की घोषणा करते हुए, सीतारमण ने कहा कि आने वाले दिनों में किसानों के लिए और भी कदमों की घोषणा की जाएगी।


सीतारमण ने कहा,

‘‘प्रत्येक पैकेज के वक्त हम प्रवासी श्रमिकों, गरीबों, जरूरतमंदों और संबंधित लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखकर उसे प्राथमिकता देंगे और यह जारी रहेगा। अगर मैंने आज कुछ चीजों के बारे में नहीं बोला है तो ऐसा नहीं है कि सरकार भूल गयी है। ऐसा बिल्कुल नहीं है।”


उन्होंने 25 मार्च को लॉकडाऊन के बाद सरकार द्वारा किए गए उपायों का स्मरण कराते हुए कहा कि 4.22 लाख करोड़ रुपये का कृषि ऋण लेने वाले तीन करोड़ किसानों ने तीन महीने तक कर्ज किस्त का भुगतान करने पर लगी रोक का लाभ उठाया है।


इसके साथ ही, एक मार्च से फसली ऋणों पर ब्याज सहायता और शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन 31 मई, 2020 तक बढ़ा दिया गया है।


इसके अलावा, 25,000 करोड़ रुपये की ऋण सीमा के साथ 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए हैं।


उन्होंने कहा कि एक मार्च, 2020 से 30 अप्रैल, 2020 के बीच कृषि क्षेत्र में 86,600 करोड़ रुपये के 63 लाख ऋण स्वीकृत किए गए हैं। नाबार्ड ने मार्च 2020 में सहकारी बैंकों और आरआरबी को 29,500 करोड़ रुपये का पुनर्वित्तपोषण प्रदान किया है।


ग्रामीण अवसंरचना के लिए मार्च के दौरान ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के तहत 4,200 करोड़ रुपये का समर्थन प्रदान किया गया है।


इसके अलावा, मार्च 2020 से राज्य सरकार की संस्थाओं को कृषि उपज की खरीद के लिए 6,700 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी सीमा को मंजूरी दी गई है।



Edited by रविकांत पारीक