व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर कैसे कमाएं लाखों, जानें इन महिला उद्यमियों से

By Rekha Balakrishnan
January 24, 2020, Updated on : Fri Jan 24 2020 09:31:30 GMT+0000
व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर कैसे कमाएं लाखों, जानें इन महिला उद्यमियों से
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

भारत में व्हाट्सएप पर 400 मिलियन एक्टिव यूजर्स हैं। केवल दो वर्षों में, इसने अपना यूजर बेस दोगुना किया है और यह विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से कस्टमर रिलेशनशिप, सोशल कॉमर्स, फंडिंग, ई-कॉमर्स और रिटेल सेक्टर में काफी प्रभाव डालने के लिए तैयार है।


क

शनमुगा प्रिया, मेघा बाफना और  प्रीति सिन्हा



इस साल जुलाई में, महिला उद्यमिता मंच (WEP), व्हाट्सएप और नीती अयोग ने महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का समर्थन करने के लिए एक साझेदारी की घोषणा की। माध्यम की लोकप्रियता और प्रभावशीलता से उत्साहित, देश में कई महिलाएं व्हाट्सएप के माध्यम से तेज व्यापार कर रही हैं और हर महीने लाखों में कमा रही हैं।


मेघा बाफना- पुणे की मेघा बाफना पूरी तरह से व्हाट्सएप का उपयोग करके अपनी शानदार सलाद को बेच रही हैं। मेघा एक रियल एस्टेट कंपनी में फुल टाइम जॉब करती थीं और उनका पार्ट टाइम काम था सलाद बनाना। अब उन्होंने अपने उसी पार्ट टाइम काम को पूर्ण व्यवसाय में बदल दिया है।


वे कहती हैं,

“मुझे हमेशा से सलाद बनाने का शौक रहा है। चूंकि मैं उन्हें केवल अपने लिए नहीं बनाना चाहती थी, इसलिए मैंने बड़े ऑडियंस को सलाद परोसने का फैसला किया। मैंने एक छोटा सा क्रिएटिव डिजाइन किया और इसे अपने दोस्तों और परिचितों को व्हाट्सएप पर भेज दिया।”


इसके बाद मेघा ने फेसबुक पर पुणे लेडीज ग्रुप पर इसे पोस्ट किया, जहां उन्होंने लोगों को व्हाट्सएप पर ऑर्डर देने के लिए कहा। और तरह से धीरे-धीरे कारोबार बढ़ निकला।


शनमुगा प्रिया- चेन्नई की रहने वाली शनमुगा प्रिया के जीवन में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब उन्होंने अपनी सास के नक्शेकदम पर चलने और साड़ी बेचने का फैसला किया। नौकरी छोड़ने के बाद अपने परिवार की मदद करने के लिए आय के एक अतिरिक्त स्रोत की तलाश में, उन्होंने बेचने के लिए साड़ियों का एक बैग खरीदा। अपने पति द्वारा प्रोत्साहित किए जाने के बाद, उन्होंने व्हाट्सएप पर दोस्तों और परिवार को साड़ी बेचने की बात कही, जो जल्द ही तेजी से आगे बढ़ गई।


योरस्टोरी के साथ पहले के एक इंटरव्यू में, प्रिया ने कहा,

"मैंने एक परिवार और दोस्तों के समूह के साथ शुरुआत की। धीरे-धीरे एक दूसरे से सुन-सुनकर लोग मुझसे इसके बारे में और पूछने लगे। इसलिए, मैंने व्हाट्सएप साड़ी विक्रेताओं का एक फेसबुक पेज शुरू किया। आज, इसके 70,000 से अधिक विक्रेता हैं।”


प्रीति सिन्हा- जब प्रीति सिन्हा 2014 में अमेरिका से हैदराबाद लौटीं, तब उनका वजन ज्यादा था। दरअसल वे अपनी दो प्रेगनेंसी के बाद अपने सामान्य वजन में नहीं लौटी पाईं। जब उन्होंने अपने स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने का फैसला किया, तो उन्होंने स्थानीय उपज और सब्जियों, फलों, नट्स, और साग से भरे आहार को लेने के लाभों पर शोध किया। तभी उनको हैदराबाद में जिस कम्युनिटी में वह रह रही थीं वहां सलाद बेंचने का आइडिया आया।


वे कहती हैं,

“एक सुबह, मैंने एक सलाद तैयार किया और टेस्ट के लिए फिटनेस के प्रति उत्साही लोगों के एक समूह से संपर्क किया और उनका फीडबैक लिया। शुरुआती टेस्टिंग सेसन के बाद, मैंने इच्छुक कस्टमर्स के फोन नंबर लिए और एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। मैंने ग्रुप पर विभिन्न प्रकार के सलाद बेचना शुरू कर दिया। शुरू में, मैं सलाद तैयार करती थी और उन्हें डिलीवर भी करता थी। इस तरह मुझे उपभोक्ताओं से सीधे प्रतिक्रिया सुनने को मिली।"


बिजनेस को बढ़ाना

मेघा का व्हाट्सएप ग्रुप समय के साथ बढ़ता गया और जल्द ही वह एक दिन में लगभग 200 ऑर्डर और बल्क ऑर्डर भी पूरा कर रही थीं। उनके ज्यादातर ग्राहक आईटी सेक्टर, बीपीओ और अस्पतालों से आते हैं। वर्तमान में, उनके पास 15 लोगों की एक टीम है जो उनके लिए काम कर रही है, जिसमें डिलीवरी वाले भी शामिल हैं। उनके पास लगभग 22 तरह की सलाद हैं जो वह एक महीने तक नहीं दोहराती है। यह एक दिन में एक तरह की सलाद है जो पूरी तरह से परिरक्षक मुक्त है और इसकी शेल्फ लाइफ डिलीवरी से पहले यानी तैयार किए जाने के बाद से 24 घंटे की होती है।


शनमुघा प्रिया वर्तमान में लगभग 11 व्हाट्सएप ग्रुपों को मैनेज करती हैं और आठ लोगों की एक टीम है जो फेसबुक ग्रुप्स पर साड़ियों को बेचता करती है। अपने बिजनेस को शुरू करने के साथ, उन्होंने अपने घर की पहली मंजिल को स्टॉक की जांच करने के लिए खरीदारों के लिए एक अलग प्रवेश द्वार के साथ एक गोदाम में बदल दिया है। उन्होंने डिलीवरी के लिए विभिन्न लॉजिस्टिक्स / कूरियर कंपनियों के साथ करार किया है।


आठ महीने के शुरुआती पायलट प्रोजेक्ट के बाद, जब प्रीति सिन्हा ने मांग में वृद्धि देखी, तो उन्होंने कंपनी को पंजीकृत किया और बाद में न्यूट्रीशनिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट्स को समग्र कल्याण की दिशा में मौजूदा सलाद को ठीक करने के लिए शामिल किया। उन्होंने जल्द ही अपनी कंपनी, ग्रीन्स एंड मोर को रजिस्टर कराया। 


व्हाट्सएप फॉर बिजेनस

मेघा ने अपने सलाद व्यवसाय में लगभग 3,500 रुपये का निवेश किया और अब वह अपनी फुल टाइम जॉब जारी रखने के अलावा हर महीने 1.25 लाख रुपये का सकल राजस्व कमाती हैं।


वे कहती हैं,

“व्हाट्सएप ने हमारे व्यापार करने के तरीके को बदल दिया है। मैं पूरी तरह से व्हाट्सएप फॉर बिजनेस पर निर्भर हूं। मेरी योजना यह है कि मैं अपने व्यवसाय को अपने घर से बड़े परिसर में स्थानांतरित करूं और तेजी से बढ़ूं।"


प्रीति खुश हैं कि उनका छोटा वेंचर साइज में अब बढ़ रहा है। वे कहती हैं,

“हम पहले दिन से लाभ कमा रहे हैं। अपने एमवीपी चरण के दौरान, हमने 30,000 मील डिलीवर किए हैं। कॉर्पोरेट विस्तार के लिए, हमारी विकास रणनीति Zomato के Food@work और हंगर बॉक्स को ऑन-बोर्ड प्राप्त करके प्रक्रिया को तेज करना है। चूंकि वे रिवेन्यू शेयरिंग पर काम करते हैं, इसलिए हम पर शुरुआती पूंजीगत व्यय का बोझ नहीं पड़ेगा। अब तक, सब्सक्रप्शन सर्विसेस के लिए उत्पाद सत्यापन किया गया है। कॉरपोरेट्स (दृश्यता भंडार) में उत्पाद स्वीकृति को मान्य करने के बाद, प्रमुख स्थानों में व्यक्तियों द्वारा स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी में सीखने को दोहराने में आसान होगा।”


शामुघा प्रिया का यूनीक थ्रेड एक दिन में 50-80 साड़ी बेचता है, और त्योहारों के दौरान, संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने 2016-17 में 2.4 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। कुल मिलाकर, उनके पास सात से 10 प्रतिशत का लाभ मार्जिन है, और थोक के लिए, वह सात प्रतिशत का मार्जिन रखती हैं और रीसेलर्स के लिए 10 प्रतिशत का।


व्हाट्सएप के ग्लोबल हेड, विल कैथार्ट ने जुलाई में कहा था,

"छोटे व्यवसाय एक मजबूत अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और मुझे गर्व है कि भारत की महिला उद्यमियों की अगली पीढ़ी के निर्माण में व्हाट्सएप भूमिका निभा सकता है।"


ऐसे में उम्मीद करते हैं अधिक महिलाएँ इन सफल महिला उद्यमियों से प्रेरित होंगी और व्हाट्सएप का उपयोग न केवल अपने जीवन को बदलने के लिए, बल्कि अपने जीवन स्तर को बदलने के लिए एक माध्यम के रूप में करेंगी।