घर बैठे कमाई का जरिया बना विनजो का 'प्ले फॉर मनी' प्लेटफॉर्म

By जय प्रकाश जय
September 06, 2019, Updated on : Fri Sep 06 2019 04:30:44 GMT+0000
घर बैठे कमाई का जरिया बना विनजो का 'प्ले फॉर मनी' प्लेटफॉर्म
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विनजो भारत के ऐसे ई-स्पोर्ट्स स्टार्टअप में से एक है, जिसने देश के छोटे, मझोले शहरों के लाखों-करोड़ों लोगों की बोलियों के माध्म से हाल ही में 600 घरेलू महिलाओं और टीचर्स को टारगेट किया है। विनजो ऐप से जुड़ी हजारों गृहिणियां और टीचर्स हर महीने औसतन दस-पंद्रह हजार रुपये खेल-खेल में कमा रहे हैं। 

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सांकेतिक फोटो (Shutterstock)


भारत की नौ क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध ई-स्पोर्ट्स गेमिंग प्लेटफॉर्म 'विनजो' ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 600 से अधिक गृहिणियों और स्कूली शिक्षकों के साथ भागीदारी करने की घोषणा की है। विनजो भारत के ऐसे ई-स्पोर्ट्स स्टार्टअप में से एक है, जिसने छोटे और मझोले शहरों में रहने वाले लोगों की बोलियों की ताकत को ही टारगेट कर लिया है। विनजो ऐप पर कोई भी व्यक्ति कम से कम दस भाषाओं में खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंट, फैंटेसी लीग, क्विज आदि खेलकर इनाम जीत सकता है।


विनजो ने आगामी एक साल के भीतर भारतीय उपयोगकर्ताओं की तादाद पांच करोड़ और वैश्विक स्तर पर ये संख्या साढ़े सात करोड़ टारगेट कर चुका है। इस समय उसकी संख्या लगभग सत्तर लाख है। यूट्यूब पर विनजो से जुड़े वीडियो को एक लाख से अधिक हिट्स मिल चुके हैं। विनजो ऐसे खिलाड़ियों का ग्रुप बनाकर माइक्रो-इन्फ्लूएंसर के तौर पर उनका इस्तेमाल करना चाहता है। 


कलारी कैपटिल द्वारा समर्थित ई-स्पोर्ट्स गेमिंग प्लेटफॉर्म विनजो ने हाल ही में अपने एक बयान में बताया है कि उसके ऐप आधारित इस ई-स्पोर्ट्स गेमिंग प्लेटफॉर्म पर 30 से अधिक गेम उपलब्ध हैं। यह ऐप अंग्रेजी, हिंदी, बंगला, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, गुजराती, मराठी, पंजाबी और भोजपुरी में उपलब्ध है। ऐप पर उपलब्ध सभी गेम को सरल क्षेत्रीय भाषाओं में ग्रामीण क्षेत्र की गृहिणियों और स्कूल के शिक्षकों ने अनुवाद किये हैं। इस ऐप से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं और शिक्षक हर महीने औसतन 10 से 15 हजार रुपये कमा रहे हैं।





विनजो ट्रिविया में 5 लाख से अधिक प्रश्नों का एक डेटाबेस है, जिसका अनुवाद केवल गृहिणियों, कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों द्वारा किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म पर 80 प्रतिशत से अधिक उपयोगकर्ता गैर-अंग्रेजी भाषाओं में ऐप का उपयोग कर रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर खिलाड़ियों द्वारा बिताया जाने वाला औसत समय लगभग 55 मिनट का होता है। इसमें केवल 10 प्रतिशत गेमर देश के बड़े शहरों के होते हैं। इनमें हिस्सा लेने का शुल्क काफी कम है। एक खिलाड़ी मात्र दो रुपए के शुल्क पर खेल में हजारों रुपए का इनाम जीत सकता है। 


उल्लेखनीय है कि कलारी कैपिटल ई-गेमिंग कंपनी ड्रीम-11 के शुरुआती निवेशकों में भी शामिल है। सौम्या सिंह राठौड़ और पवन नंदा की कंपनी ने 'प्ले फॉर मनी' प्लेटफॉर्म विनजो की स्थापना के बाद से इस वर्ष 50 लाख डॉलर की राशि इकट्ठी की है। ये कंपनी सेवा प्रदाता के रूप में इंडोनेशिया, यूक्रेन आदि के डेवलपर्स से ई-खेल आउटसोर्स करती है। उसने टैलेंटेड खेल प्रोडक्टर्स को सहयोग के लिए अलग से एक कोष भी बना रखा है।


'दी गेमिंग स्पॉटलाइट-2018' के एक रिव्यू के मुताबिक, 2021 तक हमारे देश में ऑनलाइन खेल कारोबार का आकार एक लाख करोड़ डॉलर का हो जाएगा, जिसमें करीब 31 करोड़ खिलाड़ियों को शामिल करने का लक्ष्य है। गौरतलब है कि वर्ष 2010 की 20 कंपनियों के मुकाबले पिछले साल तक ऐसी 'प्ले फॉर मनी' प्लेटफॉर्म वाली कंपनियों की संख्या लगभग ढाई सौ हो चुकी है। ऐसे तमाम प्लेटफॉर्म्स को सट्टेबाजी का छुतहा रोग भी लग चुका है, जिससे उनकी मॉर्केट वैल्यु कोकानूनी अड़चनों का भी सामना करना पड़ रहा है।