इन 4 वजहों से भाग रहे हैं गौतम अडानी के शेयर, खरीदने से पहले देख लीजिए ये आंकड़े

अडानी एंटरप्राजेज के शेयर तो 4 दिन में करीब 57 फीसदी तक चढ़ चुके हैं. बाकी तमाम कंपनियों के शेयरों में भी आए दिन अपर सर्किट लग रहा है. सवाल ये है कि आखिर शेयर अचानक क्यों भाग रहे हैं? क्या सब कुछ ठीक हो गया है या फिर से कोई खेल चल रहा है?

इन 4 वजहों से भाग रहे हैं गौतम अडानी के शेयर, खरीदने से पहले देख लीजिए ये आंकड़े

Monday March 06, 2023,

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अगर अडानी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों की बात करें तो पिछले करीब 4 दिनों में ग्रुप की तमाम कंपनियों के शेयरों में तगड़ी तेजी देखने को मिल रही है. ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राजेज (Adani Enterprises Share Price) के शेयर तो 57 फीसदी तक चढ़ चुके हैं. ग्रुप की बाकी कंपनियों में भी शानदार तेजी देखने को मिल रही है. तमाम कंपनियों के शेयरों में आए दिन अपर सर्किट लग रहा है. इन सबकी वजह से कुछ दिन पहले 30 अरब डॉलर की नेटवर्थ (Gautam Adani Networth) के करीब पहुंच चुके गौतम अडानी की दौलत भी तेजी से बढ़ रही है. सवाल ये है कि आखिर किन वजहों से कंपनी के शेयर तेजी से भाग रहे हैं. आइए जानते हैं.

इन 4 वजहों से भाग रहे हैं अडानी ग्रुप के शेयर

अडानी ग्रुप के शेयरों में तगड़ी तेजी की सबसे बड़ी वजह हैं पिछले दिनों में आई कुछ पॉजिटिव खबरें.

1- 6500 करोड़ का कर्ज चुकाने वाला है अडानी ग्रुप

करीब हफ्ते भर पहले ही रायटर्स की एक रिपोर्ट आई थी कि अडानी ग्रुप मार्च अंत तक शेयर गिरवी रखकर लिए गए करीब 690 मिलियन से 790 मिलियन डॉलर यानी करीब 6500 करोड़ रुपये के लोन चुका देगा. इस खबर के आते ही शेयरों में मानो पंख लग गए.

2- अडानी ग्रीन से जुड़ी बड़ी खबर

हाल ही में एक खबर आई थी कि ग्रुप को करीब 800 मिलियन डॉलर की डेट फैसिलिटी मिल गई है. इसका इस्तेमाल अडानी ग्रीन एनर्जी के 750 मिलियन डॉलर के 4.375 फीसदी बॉन्ड को रीफाइनेंस करने में होगा. बता दें कि यह बॉन्ड सितंबर 2024 में ड्यू हैं. ऐसे में कंपनी के लिए ये खबर भी बड़े काम की साबित हुई, जिसने अडानी ग्रुप के शेयरों में और तेजी भर दी.

3- राजीव जैन ने खरीदे 15,400 करोड़ रुपये के शेयर

इन्वेस्टमेंट फर्म GQG Partners ने हाल ही में गौतम अडानी की कंपनियों में बड़ा निवेश किया था. उन्होंने इन कंपनियों में करीब 15,400 करोड़ रुपये का निवेश किया है. कंपनी के प्रमुख राजीव जैन ने इकनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उन्होंने कंपनी की सस्ती वैल्युएशन, ग्रोथ की उम्मीद, कमाई बढ़ने का अनुमान, कम रिस्क और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में कोई भी सच्चाई ना देखते हुए अडानी ग्रुप में इतना बड़ा निवेश किया है.

FII ने अडानी एंटरप्राइजेज का 3.4 प्रतिशत 1,410.86 रुपये के शेयर मूल्य पर, अडानी पोर्ट्स का 4.1 प्रतिशत 596.2 रुपये के शेयर मूल्य पर, अडानी ट्रांसमिशन का 2.5 प्रतिशत 504.6 रुपये प्रति शेयर और अडानी ग्रीन एनर्जी का 3.5 प्रतिशत 668.4 रुपये प्रति शेयर पर खरीदा. NRI निवेशक राजीव जैन के स्वामित्व वाले GQG के निवेश से केवल 2 दिनों में 3,102 करोड़ रुपये का सांकेतिक लाभ हुआ है.

4- रोड-शो ने भी किया कमाल

अडानी ग्रुप ने अपने कारोबार की ताकत बताने के लिए हाल ही में सिंगापुर और हांगकांग में रोड शो किया था. इसके तहत निवेशकों को समझाया गया कि आने वाले दिनों में कैसे कंपनी अपने सारे कर्जे निपटा देगी और साथ ही यह भी बताया कि कैसे कंपनी तगड़ी कमाई करेगी. गौतम अडानी इन दिनों तमाम बड़े निवेशकों के साथ मीटिंग कर रहे हैं और उन्हें कंपनी के बिजनेस की बातें समझा रहे हैं. वह लंदन, दुबई और अमेरिका में भी निवेशकों से मिल रहे हैं. इन सभी से निवेशकों ने भरोसा जाग रहा है और कंपनी के शेयरों में निवेश बढ़ रहा है.

ये तेजी हकीकत है या सिर्फ हवा...?

अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में तेजी तो दिख रही है, लेकिन जो हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में जिस बात पर सबसे ज्यादा फोकस था, उसका कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है. आरोप था शेयरों में हेरा फेरी और अकाउंटिंग फ्रॉड का. सेबी अभी जांच कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है. ऐसे में ग्रुप की तमाम कंपनियों के शेयरों में आई तेजी बहुत सारे लोगों को पच नहीं रही है.

वहीं कंपनी पर भारी-भरकम कर्ज भी एक बड़ी समस्या बनकर उभरा था. कंपनी पर करीब 3.4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बताया जा रहा था, लेकिन उसके संदर्भ में भी अभी तक कोई बड़ा भुगतान नहीं हुआ है. ऐसे में गौतम अडानी ग्रुप के शेयरों में जो तेजी पिछले कुछ दिनों से देखने को मिल रही है, ऐसा दौर अडानी ग्रुप के शेयरों में पहले भी देखा जा चुका है. सवाल ये है कि क्या वाकई अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों को निवेशक धड़ल्ले से खरीद रहे हैं या फिर गौतम अडानी को निवेशक दोस्तों की मदद मिल रही है? आने वाले दिनों में पूरी डिटेल के साथ तेजी की वजहों पर फोकस करने वाली रिपोर्ट भी जरूर आएंगी और तब पता चलेगा कि शेयरों में तेजी की असल वजह क्या है.

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