ऑस्कर पुरस्कार विजेता साउंड इंजीनियर रेसुल पुकुट्टी घरों से भागे हुए बच्चों पर बनाएंगे फिल्म

By भाषा पीटीआई
December 30, 2019, Updated on : Mon Dec 30 2019 04:01:31 GMT+0000
ऑस्कर पुरस्कार विजेता साउंड इंजीनियर रेसुल पुकुट्टी घरों से भागे हुए बच्चों पर बनाएंगे फिल्म
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ऑस्कर पुरस्कार विजेता साउंड इंजीनियर रेसुल पुकुट्टी ने शनिवार को कहा कि वह भारत में घरों से भागे हुए बच्चों पर फिल्म बनाने की योजना बना रहे हैं, जो अगले साल बनकर तैयार हो जाएगी।


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फोटो क्रेडिट: opinionexpress



पुकुट्टी ने कहा कि फिलहाल केरल के एक मशहूर पटकथा लेखक फिल्म की कहानी लिख रहे हैं, जिसके बाद शूटिंग की योजना बनाई जाएगी।


साल 2009 में 'स्लमडॉग मिलेनियर' के लिए सर्वश्रेष्ठ साउंड मिक्सिंग का अकादमी पुरस्कार जीतने वाले पुकुट्टी ने भागे हुए बच्चों के उत्थान और पुनर्वास के लिए काम कर रहे एनजीओ समातोल फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।


उन्होंने कहा,

मैं हरिहरन की लिखी पुस्तक ‘रनअवे चिल्ड्रन’ से प्रेरित हुआ। मैंने विभिन्न कारणों से अपने घरों से भागे बच्चों के जीवन पर एक फिल्म बनाने का फैसला किया है...मैं यह फिल्म बनाने जा रहा हूं।

कौन है रेसुल पुकुट्टी

रेसुल पुकुट्टी भारतीय फिल्म साउंड डिजाइनर, साउंड एडिटर और ऑडियो मिक्सर है। उन्होंने स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए रिचर्ड प्राइके और इयान टैप के साथ सर्वश्रेष्ठ साउंड मिक्सिंग के लिए अकादमी पुरस्कार जीता था। उन्होंने हॉलीवुड, हिंदी, तमिल और मलयालम फिल्मों में काम किया है।


पुकुट्टी का जन्म 20 मई 1971 को केरल के कोल्लम जिले के विलक्कुपारा गांव में हुआ था। उनके पिता एक निजी बस टिकट चेकर थे। पुकुट्टी को पास के स्कूल में 6 किमी पैदल चलना पड़ा और मिट्टी के दीपक की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ी क्योंकि उनके गाँव में बिजली नहीं थी।


उन्होंने 1987-1990 के दौरान मिलाद-ए-शेरिफ मेमोरियल कॉलेज, कयाकमुलम से भौतिकी में स्नातक की डिग्री हासिल की। बैचलर ऑफ लॉज़ (एलएलबी) की डिग्री के अध्ययन के लिए उन्हें तिरुवनंतपुरम के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में भर्ती कराया गया था, हालांकि, वह इसे पूरा नहीं कर पाए।





1995 में, उन्होंने पुणे में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से स्नातक किया। 2014 में, उन्होंने शेष एलएलबी परीक्षा के प्रश्नपत्र लिखे। रेसुल ने बताया कि कि उनके पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे।


पुकुट्टी अपने स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद मुंबई चले गए। उन्होंने इसे "संस्थान के स्नातक के रूप में एक प्राकृतिक आव्रजन" कहा।


उन्होंने बताया कि

मुंबई फिल्म उद्योग के नब्बे प्रतिशत तकनीशियन एफटीआईआई, पुणे के पूर्व छात्र हैं।

रेसुल का फिल्मी करियर

रजत कपूर के निर्देशन में बनी 1997 की फिल्म प्राइवेट डिटेक्टिव: टू प्लस टू प्लस वन, से साउंड डिजाइन में पुकुट्टी ने अपनी शुरुआत की। संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित समीक्षकों द्वारा प्रशंसित 2005 की फिल्म ब्लैक के साथ उन्हें बड़ा ब्रेक मिला। बाद में उन्होंने मुसाफ़िर (2004), ज़िंदा (2006), ट्रैफ़िक सिग्नल (2007), गाँधी, माई फादर (2007), सांवरिया (2007), दस कहानियाँ, केरल वर्मा अज़हस्सी राजा (2009) और सरगर्मी जैसी प्रमुख फिल्मों के लिए साउंड डिजाइन किया।


(Edited by रविकांत पारीक )


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