[YS Exclusive] दिव्यांग बच्चों के लिए खास तरह की गुड़िया बना रहा है सोशल स्टार्टअप Ginny’s Planet

By रविकांत पारीक
February 18, 2022, Updated on : Sat Feb 19 2022 06:15:28 GMT+0000
[YS Exclusive] दिव्यांग बच्चों के लिए खास तरह की गुड़िया बना रहा है सोशल स्टार्टअप Ginny’s Planet
Ginny’s Planet की शुरुआत दिल्ली की रहने वाली सोशल आंत्रप्रेन्योर श्वेता वर्मा ने अपने पति जमाल सिद्दीकी के साथ मिलकर जून, 2019 में की थी। यह स्टार्टअप दिव्यांग बच्चों की मदद करने और उनमें स्किल्स डेवलप करने के लिए एक खास तरह की गुड़िया बनाता है।
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नवंबर, 2021 में प्रकाशित UNICEF की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग 240 मिलियन दिव्यांग बच्चे हैं। UNICEF की यह ताजा रिपोर्ट स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा सहित कल्याण के कई संकेतकों में दुनिया भर में दिव्यांग 10 में से 1 बच्चे द्वारा अनुभव किए गए अभाव की गहराई को उजागर करती है।


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाल कल्याण के पैमाने पर साधारण बच्चों की तुलना में दिव्यांग बच्चे बाल कल्याण के लाभों से वंचित हैं।


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रहने वाली सोशल आंत्रप्रेन्योर श्वेता वर्मा, जो खुद एक दिव्यांग बेटे की मां है, ने इसे महसूस करते हुए इस दिशा में कुछ बेहतर करने की ठानी। उन्होंने अपने पति जमाल सिद्दीकी के साथ मिलकर जून, 2019 में सोशल एंटरप्राइज Ginny's Planetकी शुरुआत की।

Shweta Verma, Co-Founder, Ginny’s Planet

श्वेता वर्मा, को-फाउंडर, Ginny’s Planet

Ginny’s Planet दिव्यांग बच्चों की मदद करने और उनमें स्किल्स डेवलप करने के लिए एक खास तरह की गुड़िया बनाकर बेचता है। दिलचस्प बात यह है कि गिन्नी (Ginny) नाम की इस गुड़िया के नाम पर ही फाउंडर्स ने स्टार्टअप का नाम रखा।

Ginny में क्या है खास

गिन्नी, श्वेता और जमाल द्वारा बनाई गई एक खास तरह की गुड़िया है। इस गुड़िया का उद्देश्य बच्चों को उनकी कहानियों के जरिए महत्वपूर्ण बातचीत को आगे बढ़ाना है।


गिन्नी की खासियत के बारे में YourStory से बात करते हुए श्वेता बताती हैं, "गिन्नी चार साल की एक अनोखी गुड़िया है, जिसका एक हाथ रेडियल क्लब का है। इसकी नौ अंगुलियां है और वह अपनी कलाई पर एक ब्रेस पहनती है। गिन्नी अपनी विजन प्रॉब्लम्स को मैनेज करने के लिए चश्मा पहनती है।"

Ginny Dolls

गिन्नी गुड़िया

Ginny’s Planet की शुरुआत

सोशल वर्क में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद श्वेता दिल्ली में सार्थक एनजीओ के साथ काम करने लगी, जहां वह बच्चों और बड़ों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरुकता फैलाने का काम किया करती थीं। उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक एनजीओ के साथ काम किया। उसके बाद वे कई अन्य सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ के साथ जुड़ी रहीं और इस दौरान उन्होंने अपनी PhD की डिग्री भी हासिल की।


बाद में जब उन्हें दिव्यांग बेटा पैदा हुआ तब उन्होंने सकारात्मक रवैया अपनाते हुए दिव्यांग बच्चों और वयस्कों के साथ विनम्रता से पेश आने और समाज द्वारा उन्हें अपनाने के लिए जागरुकता फैलाने का निर्णय लिया। Ginny’s Planet की शुरुआत करने के साथ उन्होंने इस दिशा में अपना पहला कदम रखा।


जून 2019 में, इसके लॉन्च होने के बाद नवंबर 2019 में, Ginny’s Planet को बैंगलोर में सालाना आयोजित होने वाली India Inclusion Summit में गज़ब का समर्थन मिला।


श्वेता कहती है, “हम इस फेलोशिप में सबसे कम उम्र के एंटरप्राइज थे। और उस तथ्य ने हमें यह महसूस करने में मदद की कि हम सही रास्ते पर हैं।”


Ginny’s Planet अपने प्रोडक्ट्स को InstaMojo के जरिए ऑनलाइन बेच रहा है। प्रोडक्ट्स की रेंज 80 रुपये से शुरु होकर 1200 रुपये तक होती है। गिन्नी गुड़िया के अलावा बच्चों के लिए कहानियों की किताबें और इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स भी स्टार्टअप द्वारा बेचे जाते हैं।

Ginny’s Planet का उद्देश्य

Ginny’s Planet की को-फाउंडर श्वेता वर्मा कहती है, "दिव्यांगजनों के लिए दुनिया एक संवेदनशील जगह नहीं है। हमने इसे कठिन तरीके से सीखा जब हमारा बेटा जन्मजात समस्याओं के साथ पैदा हुआ था। एक समाज के रूप में, हम नहीं जानते कि ऐसे व्यक्ति को कैसे स्वीकार किया जाए जो दूसरों से अलग है क्योंकि हम सामान्य स्थिति के अपने टेम्पलेट्स में इतने मगन हैं कि हम आगे नहीं देख सकते हैं। कोई भी स्कूल कभी यह नहीं सिखाता कि कोई भी जो दिखने, या आदतों, आकार, आवाज़ या रंग के मामले में अलग हो सकता है और फिर भी सामान्य हो सकता है।"

Shweta talking to a group

Ginny’s Planet की को-फाउंडर श्वेता वर्मा स्कूली छात्राओं को गिन्नी गुड़िया के बारे में बताते हुए

Ginny’s Planet का उद्देश्य एक ऐसी दुनिया का निर्माण करना है जहां मतभेदों के आधार पर किसी को भी अजीब न माना जाए। श्वेता वर्मा कहती है, "हम मानते हैं कि विकलांगता भी मानव विविधता का एक हिस्सा है, खामियां हमारे जीवन का हिस्सा हैं, और सभी को फलने-फूलने के अवसर मिलने चाहिए।"


श्वेता आगे कहती है, "हम लोगों के सोचने के तरीके में बदलाव लाना चाहते थे और एक अधिक समावेशी समाज बनाना चाहते थे। तभी हमने गिन्नी का कॉन्सेप्ट तैयार किया। गिन्नी की अपनी पर्सनैलिटी है। उसकी आँखों में वही सपना है जो उसकी उम्र के छोटे बच्चों में होता है, वही प्यार, बारिश, इधर-उधर भागना, और फुटबॉल खेलना आदि!"


"Ginny's Planet के जरिए हमारा प्रयास है कि हम कहानियों और कार्यशालाओं के माध्यम से समाज को अक्षमताओं और विविधता को स्वीकार करना सीखा पाएं। गिन्नी गुड़िया और कार्यशालाओं के जरिए, माता-पिता अपने बच्चों को वास्तविक जीवन की गिन्नी को दोस्तों के रूप में और उनमें से एक के रूप में स्वीकार करना सिखा सकते हैं। हम आशा करते हैं कि बच्चे बड़े होकर विचारशील वयस्क बनें और इस परिवर्तन को महसूस करें।"


श्वेता और उनकी टीम लोगों का सम्मान करने वाले जागरूक, सहानुभूतिपूर्ण और विविधता का एक नेटवर्क बनाने के लिए दिन-रात काम करती है। उनका लक्ष्य - भविष्य के लीडर्स और डिसीजन मेकर्स को बढ़ाने में मदद करना है।

Ginny’s Planet

Ginny’s Planet

श्वेता का कहना है, "हम मानते हैं कि अगर भविष्य को अलग करने की जरूरत है, तो भविष्य के निर्णय लेने वाले भी अलग होने चाहिए।"


Ginny's Planet सहानुभूति, विविधता, विकलांगता को विविधता के रूप में समझने, पूछताछ के माध्यम से सीखने आदि विषयों पर कार्यशालाएं भी प्रदान करता है।

भविष्य की योजनाएं

गिन्नी को देशभर से सराहना मिल रही है। श्वेता वर्मा को Adgully और Sheroes द्वारा साल 2019 में Women Startup Entrepreneur Of The Year अवार्ड से नवाजा जा चुका है।


श्वेता बताती हैं, "जबकि गिन्नी प्रमुख है, साई (Sai) नाम की एक गुड़िया को आगे लॉन्च किया जाएगा। इन गुड़िया और एक्शन फिगर्स का उद्देश्य बच्चों के साथ-साथ वयस्कों के बीच मानव विविधता के पहलुओं पर बातचीत शुरु करना है।"


Edited by Ranjana Tripathi