धार्मिक स्थानों पर एकत्रित होने वाली भीड़ से दिग्गज संगीतकार ए आर रहमान ने की ये अपील

By भाषा पीटीआई
April 02, 2020, Updated on : Fri Apr 03 2020 04:11:45 GMT+0000
धार्मिक स्थानों पर एकत्रित होने वाली भीड़ से दिग्गज संगीतकार ए आर रहमान ने की ये अपील
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ऑस्कर पुरस्कार विजेता ने यह अपील ऐसे समय में की है जब दिल्ली के निजामुद्दीन (पश्चिम) में तबलीगी जमात का मरकज देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 को फैलाने का केंद्र बनकर सामने आया है। मरकज में 1 से 15 मार्च तक हुए धार्मिक आयोजन में हजारों लोगों ने भाग लिया था।


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संगीतकार ए. आर. रहमान



चेन्नई, दिग्गज संगीतकार ए आर रहमान ने लोगों से खुद को पृथक रखने की सरकार की सलाह का पालन करने का अनुरोध करते हुए कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर धार्मिक स्थानों पर जुटने से ‘‘अव्यवस्था’’ पैदा होगी।


ऑस्कर पुरस्कार विजेता ने यह अपील ऐसे समय में की है जब दिल्ली के निजामुद्दीन (पश्चिम) में तबलीगी जमात का मरकज देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 को फैलाने का केंद्र बनकर सामने आया है। मरकज में 1 से 15 मार्च तक हुए धार्मिक आयोजन में हजारों लोगों ने भाग लिया था। बुधवार को टि्वटर पर पोस्ट किए बड़े से बयान में रहमान ने लोगों से ‘‘दयालु और समझदार’’ बनने की अपील की।


उन्होंने कहा,

‘‘ईश्वर आपके मन में है (सबसे पवित्र धर्म स्थल) इसलिए धार्मिक स्थानों पर एकत्रित होकर यह अव्यवस्था पैदा करने का वक्त नहीं है। सरकार की सलाह सुनिए। कुछ हफ्तों के लिए खुद को पृथक रखने से आपको कई और साल मिल सकते हैं।’’


उन्होंने कहा,

‘‘विषाणु मत फैलाइए और बाकी के लोगों को नुकसान न पहुंचाए। यह बीमारी न केवल आपको आगाह करती है कि आप एक माध्यम है बल्कि यह भी मत मानिए कि आप संक्रमित नहीं हैं। यह झूठी अफवाहों तथा और घबराहट फैलाने का वक्त नहीं है।’’


रहमान ने देश में कई जानों को बचाने के लिए इस वैश्विक महामारी से लड़ रहे स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों का भी आभार जताया। 53 वर्षीय संगीतकार ने कहा,

‘‘यह संदेश भारत के अस्पतालों और क्लिनिकों में काम कर रहे डॉक्टरों, नर्सों तथा सभी कर्मचारियों की बहादुरी तथा निस्वार्थ सेवा के लिए उनका शुक्रिया अदा करने के वास्ते है। यह देखकर दिल भर जाता है कि वे सबसे घातक इस महामारी से निपटने के लिए कितने तैयार हैं! वे हमारी जान बचाने के लिए अपनी जान खतरे में डालते हैं।’’


उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संकट के इस समय में व्यक्ति को अपने पड़ोसियों, वरिष्ठ नागरिकों, वंचित लोगों और प्रवासी मजदूरों की मदद करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा,

‘‘यह वक्त अपने मतभेदों को भुलाने और इस अदृश्य दुश्मन के खिलाफ एकजुट होने का है जिसने दुनिया को नीचे धकेल दिया है। यह वक्त मानवता और आध्यात्मिकता की खूबसूरती को सामने लाने का है।’’