100 साल बाद एक बार फिर विदेशी मुद्रा का कर्ज चुका पाने में रूस हुआ नाकाम, जानिए ऐसा क्यों हुआ?

By Vishal Jaiswal
June 27, 2022, Updated on : Mon Jun 27 2022 09:54:14 GMT+0000
100 साल बाद एक बार फिर विदेशी मुद्रा का कर्ज चुका पाने में रूस हुआ नाकाम, जानिए ऐसा क्यों हुआ?
रूस को रविवार का दिन खत्म होने तक 100 मिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना था जिसकी समयसीमा 27 मई को समाप्त हो चुकी थी और ग्रेस पीडियड के तहत उसे 26 जून तक भुगतना पूरा करना था.
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यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए सख्त प्रतिबंधों के कारण रूस 1918 के बाद पहली बार विदेशी मुद्रा में लिए गए कर्ज चुकाने के मामले में दिवालिया हो गया है.


ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के पास फंड तो है लेकिन अमेरिका और यूरोपीय देशों के प्रतिबंधों के कारण वह विदेशी मुद्रा में लिए गए कर्ज को चुका पाने में नाकाम रहा.


रूस को रविवार का दिन खत्म होने तक 100 मिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना था जिसकी समयसीमा 27 मई को समाप्त हो चुकी थी और ग्रेस पीडियड के तहत उसे 26 जून तक भुगतना पूरा करना था.


बता दें कि, 100 साल पहले 1917 की क्रांति के बाद 1918 में व्लादिमीर लेनिन की बोल्शेविक सरकार ने कर्जों को चुकाने से इनकार कर दिया था और कर्ज डिफॉल्ट कर दिया था.


वहीं, रूस के आर्थिक संकट और 1998 में रूबल के धराशाई होने के दौरान राष्‍ट्रपति बोरिश येल्‍त्‍सिन की सरकार ने 40 अरब डॉलर का अपना घरेलू कर्ज डिफॉल्‍ट किया था. 


बता दें कि, रूस के यूरोबॉन्ड्स में मार्च के बाद से ही गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है, उसके केंद्रीय बैंक की विदेशी मुद्रा फ्रीज हो गई और रूस के सबसे बड़े बैंक वैश्विक वित्तीय प्रणाली से प्रभावित हैं.


रूस की अर्थव्यवस्था और रूसी मार्केट्स को पहली ही काफी नुकसान हो चुका है. रूस इस समय दोहरे अंक में चल रही मुद्रास्फीति दर और वर्षों की सबसे बुरी आर्थिक सुस्ती का सामना कर रहा है.


हालांकि, विदेशी मुद्रा का कर्ज नहीं चुकाने के लिए दिवालिया घोषित किए जाने को रूस सही नहीं बता रहा है. उसका कहना है कि उसके पास इतना पैसा है कि वह किसी भी बिल का भुगतान कर सकता है.


उसका कहना है कि उसे भुगतान नहीं करने के लिए मजबूर किया गया है. रुस ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह 40 अरब डॉलर के बकाया कर्ज का भुगतान रूबल में करेगा.


इस बीच, रूस के वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, वह एक नई अस्थायी भुगतान प्रणाली का इस्‍तेमाल रहा है. इसके अंतर्गत, मंत्रालय कूपन के मूल्य के बराबर रूबल को मास्को स्थित नेशनल सेटलमेंट डिपॉजिटरी में ट्रांसफर करता है, जोकि भुगतान की अधिकतम समानता सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल बैंक एक्‍सचेंज रेट पर रूबल में क्रेडिटर्स को पेमेंट करता है.