किसी ने प्रदूषण से निपटने के लिए छोड़ दी हाई प्रोफाइल जॉब तो कोई सेटेलाइट डेटा का इस्तेमाल कर निकाल रहा समस्या का हल

By yourstory हिन्दी
December 10, 2019, Updated on : Thu Dec 12 2019 12:00:16 GMT+0000
किसी ने प्रदूषण से निपटने के लिए छोड़ दी हाई प्रोफाइल जॉब तो कोई सेटेलाइट डेटा का इस्तेमाल कर निकाल रहा समस्या का हल
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जलवायु परिवर्तन हम पर पहले से कहीं ज्यादा बड़ा असर डाल रहा है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इतने खतरनाक स्तर तक बढ़ गया, कि सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना पड़ा। हालांकि इसके लिए मानव निर्मित आपदा को जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन हमारी सबसे पहली प्राथमिकता अभी भी पर्यावरण को बचाने की है।


इसी समस्या को देखते हुए आपको कुछ ऐसी शख्सियतों और उनकी कहानियों से रूबरू करा रहे हैं जो हमें उत्साहित कर सकती हैं और उम्मीद जगाती हैं कि अभी देर नहीं हुई है।

विजाग में ये गोताखोर समुद्र को साफ करने के मिशन पर हैं, ये लोग पहले ही 5,000 किलोग्राम कचरा साफ कर चुके हैं

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ये गोताखोर समुद्र को साफ करने के मिशन पर हैं।

जल प्रदूषण एक बड़ी समस्या है जो पर्यावरण को प्रभावित करती है। हमारी नदियों, झीलों, समुद्रों, महासागरों और अधिकांश जल निकायों में कई टन कचरा विशेष रूप से प्लास्टिक भरा हुआ है, जिससे मानव और समुद्री जीवन दोनों को नुकसान होता है।


दुनिया भर के कई पर्यावरणविद प्लास्टिक खतरे को रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, विशाखापत्तनम के इन गोताखोरों ने इस गंभीर समस्या को अपने हाथों में ले लिया है, और अपने शहर में जल प्रदूषण से निपटने का फैसला किया है।


ग्रुप में सर्टिफाइड गोताखोर शामिल हैं। इनमें सुभाष चंद्रन जोकि एक गोताखोरी प्रशिक्षक, और स्कूवा डाइविंग वेंचर प्लैटिपस एसकैपेस (Platypus Escapes) के मालिक हैं, पद्मावती मदिपल्ली, सचिन शर्मा, सरगडा अप्पना, और दिव्या तेजा जैसे प्रमाणित गोताखोर शामिल हैं। एक साथ, समूह ने 13 दिनों में समुद्र से 5,000 किलोग्राम कचरे को हटा दिया। यह स्वयंसेवकों की एक टीम द्वारा समर्थित अक्टूबर से समुद्र की सफाई में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

बेंगलुरु के एक वैज्ञानिक द्वारा विकसित इस एंटी-कैंसर किट को यूएसएफडीए द्वारा अप्रूव किया गया है

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राजा विजय कुमार और उनकी एंटी-कैंसर किट

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) सेंटर फॉर डिवाइसेज एंड रेडियोलॉजिकल हेल्थ ने बेंगलुरु के एक वैज्ञानिक द्वारा स्तन, यकृत और अग्नाशय के कैंसर के उपचार के लिए तैयार की गई "ब्रेकथ्रू डिवाइस" को चिकित्सा आविष्कार बताया है।


इस इनोवेशन के पीछे जो आदमी है, वो हैं राजा विजय कुमार। कुमार एक इनोवेटिव टेक्नोलॉजी कंपनी ऑर्गनाइजेशन डी स्केलेन के अध्यक्ष और बायोफिज़िक्स, नैनो टेक्नोलॉजी एंड सस्टैनबल एनर्जी के क्षेत्र में एक शोधकर्ता भी हैं। 





राजा द्वारा तैयार की गई डिवाइस Cytotron का उद्देश्य ऊतकों (Tissues) के अनियंत्रित विकास में गिरावट लाना है। यह इन कोशिकाओं को दोगुनी रफ्तार से फैलने से रोकने के लिए विशिष्ट प्रोटीन के रेगुलेशन में परिवर्तन करके कैंसर कोशिकाओं के ऊतक इंजीनियरिंग को सहायता प्रदान करता है।

तमिलनाडु के गांव में बच्चों को मुफ्त में जरूरी शिक्षा दे रही है यह 22 वर्षीय लड़की

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कृतिका राव

कृतिका राव और उनके पिता गणेश राव द्वारा सह-स्थापित नुक्कड़ पाठशाला, एक गैर-लाभकारी सीएसआर पहल है, जिसे फरवरी 2014 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य गाँवों में बच्चों को मुफ्त में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उन्हें स्कूल छोड़ने से रोकना है।


नुक्कड़ पाठशाला, केजी से दसवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए भारत भर के गाँवों के "नुक्कडों" में स्थापित एक नि: शुल्क स्कूल-शिक्षा केंद्र है। 


यह तमिलनाडु के 38 गाँवों में बच्चों को मूलभूत गणित, अंग्रेजी और विज्ञान से परिचित कराता है। पिछले पांच वर्षों में, यह पहल तमिलनाडु के 38 केंद्रों - सलेम, कोयम्बटूर, नामक्कल, तंजावुर, तूतीकोरिन, त्रिची और उडुमल्पेट में बढ़ी है। नौ सदस्यीय टीम वर्तमान में 1,500 छात्रों के जीवन को प्रभावित कर रही है।

रियल टाइम एनालिसिस के लिए सेटेलाइट डेटा का उपयोग करते हुए, यह स्टार्टअप टॉक्सिक एयर पॉल्युशन से निपट रहा है

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गुरुग्राम स्थित ब्लू स्काई एनालिटिक्स (बीएसए), अभिलाषा पुरवार और क्षितिज पुरवार द्वारा शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय मुद्दों को संबोधित करना है, और विशेष रूप से वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाना है।


बीएसए डेटा एनालिटिक्स मार्किट में एक डाउनस्ट्रीम वैल्यू प्रोवाइडर है, और इसका उद्देश्य विभिन्न उद्योगों को अंतर्दृष्टि और बेहतर निर्णय लेने वाले उपकरणों के साथ सेवा देना है। इसके प्लेटफ़ॉर्म प्रदूषकों के स्थूल कणों को ट्रैक करने में महत्वपूर्ण मूल्य लाते हैं, और इन प्रदूषकों की उत्पत्ति के साथ-साथ वायु गुणवत्ता को समझने में मदद करते हैं।





वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और कम करने के लिए संगठनों और अन्य हितधारकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करने के लिए, बीएसए दुनिया की सबसे बड़ी भू-स्थानिक डेटा रिफाइनरी बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जो बड़ी मात्रा में रॉ डेटा एकत्र करेगी, और इसे क्लीनिंग, प्यूरिफिकेशन और ट्रीटमेंट सिस्टम की प्रक्रिया से गुजारेगी। 


ये कदम डेटा को अधिक सटीक और सहज बनाएंगे, और संबंधित हितधारकों द्वारा बेहतर निर्णय और कार्यों को शक्ति प्रदान कर सकते हैं।


अपने अस्तित्व के दो साल से भी कम समय में, स्टार्टअप को एमआईटी सॉल्व, एआई इनोवेशन प्राइज और कोपरनिकस मास्टर्स सोशल एंटरप्रेन्योरशिप चैलेंज जैसे पुरस्कारों से पहचान मिली है।

इस व्यक्ति ने भारत की वायु प्रदूषण समस्या पर काम करने के लिए अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी

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51 वर्षीय मोहित बेतरा

इस वर्ष की शुरुआत में, 51 वर्षीय, मोहित बेतरा, जो एयरटेल में मुख्य ब्रांड अधिकारी के रूप में काम कर रहे थे, ने बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ कार्य करने का निर्णय लिया और वायु प्रदूषण एक्शन ग्रुप (A-PAG) की शुरुआत की। स्टार्टअप नागरिकों के बीच वायु प्रदूषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने, और हवा की गुणवत्ता में सुधार के उपायों को लागू करने के साथ सरकार की सहायता करने पर केंद्रित है।


उन्होंने वायु प्रदूषण के प्रति जागरुकता और नागरिक जुड़ाव पैदा करने के लिए एक सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया। अपनी पाँच की टीम के साथ, उन्होंने 'पॉल्युशन का क्या प्लान है?' नाम से एक YouTube चैनल बनाया, और आकर्षक वीडियो के रूप में कंटेंट डिजाइन करना शुरू किया। वीडियो में प्रदूषण, स्वास्थ्य जोखिम और स्थिति में सुधार के बारे में चौंकाने वाले तथ्य दिखाए गए हैं।


अब, ए-पीएजी के माध्यम से, मोहित ने वायु प्रदूषण संकट को हल करने के अपने प्रयासों को जारी रखने की योजना बनाई है, और सरकार के साथ मिलकर वायु गुणवत्ता में सुधार के उपायों को लागू करने के लिए काम कर रहे हैं।