कंस्ट्रक्शन सेक्टर में हितधारकों को कुछ इस तरह जोड़ रहा है SaaS स्टार्टअप पावरप्ले

2020 में स्थापित, बेंगलुरु स्थित Powerplay एक एंड-टू-एंड कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट SaaS (सॉफ्टवेयर-ऐज-ए-सर्विस) स्टार्टअप है जो कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में शामिल टीमों को सहयोग करने में मदद करता है।

कंस्ट्रक्शन सेक्टर में हितधारकों को कुछ इस तरह जोड़ रहा है SaaS स्टार्टअप पावरप्ले

Wednesday March 30, 2022,

5 min Read

भारत के दूसरे सबसे बड़े नियोक्ता, कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री (निर्माण उद्योग) में लगभग 49 मिलियन लोग हैं। अन्य क्षेत्रों की तरह, COVID-19 महामारी ने कंस्ट्रक्शन इकोसिस्टम में कंपनियों को डिजिटल टूल अपनाने के लिए प्रेरित किया है, खासतौर से ऐसे सलूशन अपनाने के लिए प्रेरित किया जो वर्कफ्लो को ऑप्टिमाइज करते हैं।

भारत में कंस्ट्रक्शन टेक स्टार्टअप्स में निवेश, वास्तव में, 2021 में रिकॉर्ड-उच्च स्तर पर पहुंच गया। जैसा कि Tracxn के आंकड़ों से पता चलता है, इस सेगमेंट को कुल $104.2 मिलियन (15 जून, 2021 तक) प्राप्त हुआ, जो पिछले सात वर्षों में सबसे अधिक है।

इसी ग्रोथ पर सवार है बेंगलुरु स्थित कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट स्टार्टअप Powerplay, IIT रुड़की के स्नातक ईश दीक्षित और शुभम गोयल द्वारा 2020 में स्थापित, सॉफ्टवेयर-ऐज-ए-सर्विस (SaaS) प्लेटफॉर्म कंस्ट्रक्शन हितधारकों को प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली टीमों के सहयोग और मैनेजमेंट में मदद करता है।

Powerplay

पावरप्ले का फ्रीमियम ऐप कंस्ट्रक्शन साइट और सेंट्रल ऑफिस टीमों के बीच संचार को आसान बनाता है। ऐप विशेष ठेकेदारों, सामान्य ठेकेदारों और बिल्डरों को एक ही मंच के माध्यम से साइट के काम, सामग्री और श्रम का प्रबंधन करने में सक्षम बनाता है।

पावरप्ले के सह-संस्थापक और सीईओ ईश ने योरस्टोरी को बताया, "पावरप्ले ने एंड्रॉइड, आईओएस और वेब प्लेटफॉर्म पर स्केलेबल, ऑप्टिमाइज्ड एप्लिकेशन बनाने के लिए अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। सिंक्रोनाइज्ड और रीयल-टाइम कम्युनिकेशन इसके प्रोडक्ट के मूल हैं। हमारे पास उत्पाद निर्माण की दिशा में अत्यधिक प्रयोगात्मक और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच है। एप्लिकेशन को खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले लो-एंड डिवाइस पर काम करने के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। वर्तमान में, ऐप 12 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।”

सह-संस्थापक का दावा है कि पावरप्ले ने सक्रिय व्यवसाय में 40 गुना (जनवरी 2020- जनवरी 2021) की वृद्धि दर्ज की है।

स्टार्टअप के सब्सक्रिप्शन प्लान्स के बारे में पूछे जाने पर, सह-संस्थापक ने बताया कि यह "हमारे वेब ऐप (डेस्कटॉप वर्जन) पर प्रीमियम मॉड्यूल ऑफर करता है। इसमें प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फाइनेंस मैनेजमेंट और खरीद प्रबंधन सेवाएं शामिल हैं, जो ऑफिस टीमों के लिए उपयुक्त हैं।"

खासियत

ईश के अनुसार, कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट के क्षेत्र में पावरप्ले के पास फर्स्ट-मूवर यानी सबसे पहले होने का लाभ है क्योंकि वर्तमान में कोई अन्य ऐप टीमों को उनके वर्कफ्लो को मैनेज करने में मदद नहीं करता है।

उन्होंने कहा, "ऐप को अपनाना ठीक उसी तरह है जैसे टीमें स्लैक को अपनाती हैं, और फिर पूरी कंपनी इसका इस्तेमाल करना शुरू कर देती है।" अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, Procore और Assignar जैसी कंपनियां पिरामिड के शीर्ष यानी कंस्ट्रक्शन सेक्टर के भीतर उद्यमों की सेवा कर रही हैं, लेकिन SMB ठेकेदारों की बात करें तो अभी भी एक शून्य है।

टीम

ईश पावरप्ले की कॉर्पोरेट टीम के प्रमुख हैं जबकि टेक्नोलॉजी विंग के लिए सह-संस्थापक और सीटीओ शुभम जिम्मेदार हैं।

ईश और शुभम दोनों ने आईआईटी रुड़की से स्नातक की पढ़ाई पूरी की, जहां वे दोस्त बन गए और एक साथ कई आइडियाज पर काम किया। उन्होंने पावरप्ले पर उतरने से पहले एआर मैप्स, एआर माइंडमैप से लेकर सब्सक्रिप्शन मैनेजमेंट तक कई उत्पादों का निर्माण किया है।

ईश ने पहले तीन स्टार्टअप की स्थापना की है और जंबोटेल में प्रमुख अकाउंट मैनेजमेंट के रूप में भी काम किया है, जबकि शुभम ने एक सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में टेक दिग्गज सैमसंग के साथ काम किया है।

Powerplay

एक पावरहाउस का निर्माण करना

पावरप्ले का दावा है कि पूरे भारत में इसकी पहुंच है और 2022 के अंत तक विदेशों में विस्तार करने की योजना है।

एसएमबी (छोटे से मध्यम व्यवसाय) ठेकेदार जो पावरप्ले का इस्तेमाल एलएंडटी, टाटा प्रोजेक्ट्स, गोदरेज, एचएडीपीएल, बिल्डकॉन, जीएमआर, एनएसपीएल, हिंदलैंड इंफ्रास्ट्रक्चर, आदि कंपनियों के लिए करते हैं।

एनसीआर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, जम्मू, मणिपुर और यहां तक कि केंद्र शासित प्रदेश अंडमान सहित भारत के सभी राज्यों को कवर करते हुए, प्लेटफॉर्म की व्यापक पहुंच है। सभी राज्यों में प्रवेश दर स्वस्थ रही है, जिसमें महाराष्ट्र 16 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है, इसके बाद तमिलनाडु और कर्नाटक 9 प्रतिशत, गुजरात 8 प्रतिशत, एनसीआर और तेलंगाना 7 प्रतिशत और मध्य प्रदेश 6 प्रतिशत है।

वे कहते हैं, “2021 में, पावरप्ले ने 7000 करोड़ रुपये की भारत की कुल कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी का 1 प्रतिशत मैनेज किया। 2021 में पावरप्ले पर 1100 करोड़ रुपये के मटेरियल्स को मैनेज किया गया था। पिछले साल प्लेटफॉर्म पर प्रति दिन 250,000 से अधिक श्रमिकों का प्रबंधन किया गया था।”

पावरप्ले वर्तमान में प्री-रेवेन्यू स्टेज में है और 2022 में सब्सक्रिप्शन के माध्यम से मोनेटाइज करने की योजना है।

फंडिंग के मोर्चे पर, पावरप्ले ने पहले एक्सेल पार्टनर्स, सिकोइया सर्ज और इंडिया कोटिएंट से 5.8 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है।

ईश कहते हैं, “शुरुआती दिनों में, किसी भी संस्थागत निवेशक को विश्वास नहीं था कि पावरप्ले काम करेगा। लेकिन, हमने देखा कि ग्राहक उत्पाद से खुश थे और निर्माण करते रहे। हमने अपने पहले ग्राहक से 30 लाख रुपये का एक छोटा सा एंजेल चेक जुटाया। उस पैसे का उपयोग करके, हम अपने उत्पाद को बाजार में लाने में सक्षम थे। सात महीनों के बाद, हमें भारत के सबसे प्रमुख निवेशकों से दिलचस्पी दिखाई देने लगी।”

2022 के लक्ष्य में 1 मिलियन कंस्ट्रक्शन व्यवसायों की संख्या तक पहुंचना, ऐप में अधिक फीचर्स और सर्विस मॉड्यूल जोड़ना और सास प्लेटफॉर्म के रूप में विश्व स्तर पर विस्तार करना शामिल है। 


Edited by Ranjana Tripathi