BharatPe ने फाउंडर अश्नीर ग्रोवर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया, जानिए क्या है मामला

By yourstory हिन्दी
December 09, 2022, Updated on : Fri Dec 09 2022 05:40:47 GMT+0000
BharatPe ने फाउंडर अश्नीर ग्रोवर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया, जानिए क्या है मामला
याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतपे के ग्रोवर और उनकी पत्नी को बृहस्पतिवार को समन जारी किए. हाईकोर्ट ने इस दीवानी मामले और आपराधिक शिकायत पर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन और तीन अन्य संबंधियों को समन जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब देने को कहा.
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फिनटेक कंपनी भारतपे BharatPe ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और उनकी पत्नी पर कंपनी कोष में हेराफेरी करने के आरोप लगाए हैं और कथित धोखाधड़ी एवं हेराफेरी की क्षतिपूर्ति के तौर पर 88.67 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है. इसके साथ ही, भारतपे ने याचिका पर ग्रोवर और उनकी पत्नी को कंपनी के खिलाफ मानहानि करने वाले बयान देने से रोकने का आग्रह किया गया है.


याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतपे के ग्रोवर और उनकी पत्नी को बृहस्पतिवार को समन जारी किए. हाईकोर्ट ने इस दीवानी मामले और आपराधिक शिकायत पर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन और तीन अन्य संबंधियों को समन जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब देने को कहा. इस मामले की अगली सुनवाई नौ जनवरी, 2023 को होगी.


कंपनी ने ग्रोवर दंपती के खिलाफ न्यायालय से आपराधिक शिकायत करते हुए कहा है कि ग्रोवर, उनकी पत्नी तथा अन्य परिजनों ने फर्जी बिल बनाए, कंपनी को सेवा देने वाले काल्पनिक विक्रेता बनाए और नियुक्ति के लिए कंपनी से ज्यादा पैसा वसूला. जिन लोगों को समन जारी किए गए हैं उनमें ग्रोवर के पिता, भाई और एक रिश्तेदार भी शामिल हैं.


भारतपे ने अपनी याचिका में मांग की है कि कोष में कथित हेराफेरी की वसूली और इसके ब्याज समेत कंपनी की प्रतिष्ठा को पहुंचे नुकसान के एवज में ग्रोवर, जैन तथा तीन अन्य को ब्याज समेत 88.67 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने का निर्देश दिया जाए. कंपनी ने प्रतिवादियों को उनकी संपत्तियों का खुलासा करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया है.


भारतपे की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सुनवाई के दौरान कहा कि ग्रोवर, जैन तथा उनके अन्य संबंधी कंपनी के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने अदालत को वे ट्वीट भी दिखाए जो प्रतिवादियों ने कंपनी से अलग होने के बाद किए हैं.


कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस बारे में कहा, ‘‘भारतपे ने पूर्व सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर, पूर्व नियंत्रण प्रमुख माधुरी जैन ग्रोवर तथा उनके परिजनों के खिलाफ दीवानी एवं फौजदारी कार्रवाई शुरू की है.’’

क्यों मांगा गया है हर्जाना?

कंपनी ने ग्रोवर और उनके परिवार के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा में आपराधिक शिकायत दर्ज करवाई है. वहीं, दीवानी मामले में

कंपनी ने कोष में हेराफेरी के एवज में 83 करोड़ रुपये की और ग्रोवर के सार्वजनिक बयानों से हुई मानहानि के लिए पांच करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है.


मांगे गए हर्जाने में गैर-मौजूद विक्रेताओं के बिल के खिलाफ 71.7 करोड़ रुपये की राशि के भुगतान, जीएसटी अधिकारियों को 1.66 करोड़ रुपये की राशि के जुर्माने का भुगतान, कथित रूप से भर्ती सेवाएं प्रदान करने वाले वेंडरों को कुल 7.6 करोड़ रुपये का भुगतान और ग्रोवर और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा किए गए ट्वीट्स और अन्य बयानों के कारण कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान के लिए 5 करोड़ रुपये के हर्जाने का भुगतान का दावा शामिल है.

ग्रोवर के खिलाफ आरोप क्या हैं?

दरअसल, इस साल जनवरी की शुरुआत में आए एक ऑडियो क्लिप में ग्रोवर कथित तौर पर कोटक महिंद्रा बैंक के एक कर्मचारी को फोन पर धमकाते हुए सुनाई दिए थे. वह नायका के आईपीओ के दौरान शेयर आवंटन में बैंक की तरफ से गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए सुनाई दिए थे.


बाद में ग्रोवर ने कथित तौर पर यह कहा कि छुट्टी पर जाने के लिए कंपनी के निवेशकों ने उन पर दबाव बनाया और उनका सीईओ समीर सुहैल पर से भरोसा उठ गया है.

कौन हैं अश्नीर ग्रोवर?

अश्नीर ग्रोवर ने गत मार्च में शीर्ष प्रबंधन के साथ विवाद होने पर कंपनी से इस्तीफा दे दिया था जबकि उनकी पत्नी को पद से हटा दिया गया था. साल 2018 में ही ग्रोवर तीसरे फाउंडर के रूप में कंपनी से जुड़े थे. उससे पहले ग्रोवर पीसी ज्वेलर से जुड़े थे. वह ऑनलाइन ग्रॉसरी फर्म ग्रोफर्स के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) भी थे और अमेरिकन एक्सप्रेस के शीर्ष अधिकारी के रूप में भी काम कर चुके थे.


अगस्त, 2021 में कंपनी द्वारा जुटाई गई आखिरी फंडिंग के अनुसार, भारतपे का कुल कारोबार 2.8 अरब डॉलर था. ग्रोवर के पास कंपनी के 9.5 फीसदी शेयर थे जिसकी कुल कीमत 1915 करोड़ रुपये थी.


Edited by Vishal Jaiswal