काले गेहूं की खेती से होगा 5-6 गुना तक मुनाफा, डिमांड इतनी कि खत्म हो जाता है सारा स्टॉक

By Anuj Maurya
November 15, 2022, Updated on : Tue Nov 15 2022 09:45:58 GMT+0000
काले गेहूं की खेती से होगा 5-6 गुना तक मुनाफा, डिमांड इतनी कि खत्म हो जाता है सारा स्टॉक
अगर आप किसान हैं तो काले गेहूं की खेती कर सकते हैं. एक ओर जहां आम गेहूं में आपको 2.5 गुना तक मुनाफा होता है, काले गेहूं से आप 5-6 गुना तक मुनाफा कमा सकते हैं.
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खेती में तब तक तगड़ा फायदा नहीं कमाया जा सकता, जब तक औरों से कुछ अलग ना उगाया जाए. इस वक्त रबी की फसल की बुआई चल रही है. तमाम किसान गेहूं, जौ, आलू, मटर, सरसों जैसी फसलों की बुआई कर रहे हैं. अगर आप एक किसान हैं और मोटी कमाई वाली कोई खेती करना चाहते हैं तो आप इस वक्त काले गेहूं की खेती (Agriculture Business Idea) कर सकते हैं. यह गेहूं काले रंग का होता है, जो सामान्य गेहूं के मुकाबले कई गुना महंगा होता है. यह गेहूं डायबिटीज को कंट्रोल में रखने समेत कई गुणों से लैस होता है, इसलिए इसकी तगड़ी डिमांड रहती है. आइए जानते हैं कैसे की जाती है काले गेहूं की खेती (How to do Black Wheat Farming) और इस खेती से आप कितना मुनाफा (profit in Black Wheat Farming) कमा सकते हैं.

पहले जानिए काले गेहूं के फायदे

काले गेहूं में प्रोटीन, एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर, मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं. इनकी वजह से जो इसके आटे की रोटियां खाता है, उसका स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है. इस खास गेहूं को पंजाब के मोहाली स्थित नेशनल एग्री फूड बॉयोटेकनोलॉजी इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है. तमाम औषधीय गुणों की वजह से इसकी खूब डिमांड रहती है और इसी वजह से इसकी कीमत भी ऊंची बनी रहती है. काले गेहूं में एंथ्रोसाइनिन पिगमेंट 40-140 पीपीएम तक होता है. आम गेहूं में यह 5-15 पीपीएम ही होता है. यह गेहूं डायबिटीज, कैंसर, हार्ट अटैक, मानसिक तनाव, घुटनों के दर्द, एनीमिया जैसे रोगों में फायदे वाला साबित होता है.

कब और कैसे की जाती है काले गेहूं की खेती?

किसी भी गेहूं की खेती के लिए रबी का सीजन यानी ठंड का मौसम सबसे बेहतर वक्त होता है. इसी दौरान इसकी बुआई की जाती है और मार्च-अप्रैल तक इसकी हार्वेस्टिंग हो जाती है. अधिकतर किसान अक्टूबर मध्य से लेकर नवंबर अंत तक गेहूं की बुआई कर देते हैं, ताकि समय से उन्हें फसल मिल सके और अच्छी पैदावार हो. इसकी खेती में प्रति एकड़ 15 क्विंटल तक की पैदावार मिलती है. इसकी खेती भी आम गेहूं की तरह ही होती है, बस इसका ख्याल थोड़ा ज्यादा रखना पड़ता है और आम गेहूं की तुलना में इसकी पैदावार कुछ कम होती है.

इसकी खेती से होगा कितना मुनाफा?

अगर आप आम गेहूं की बात करें तो उसमें प्रति एकड़ करीब 20-22 क्विंटल की पैदावार मिलती है. एक एकड़ में करीब 50 किलो गेहूं का बीज लगता है. उसमें लागत की बात करें तो किसान को करीब 15-17 हजार रुपये खर्च करने होते हैं. इसमें खेत की जुताई, सिंचाई, बुआई, कटाई, उर्रवक, कीटनाशक सबका खर्च जुड़ा है. मान लेते हैं कि गेहूं की पैदावार 20 क्विंटल होती है और वह 2200 रुपये प्रति क्विंटल की की एमएसपी पर बिकता है. इस तरह आपकी कमाई करीब 44 हजार रुपये की होगी. वहीं इसमें से 17 हजार रुपये की लागत निकाल दें तो आपको 27 हजार रुपये का मुनाफा होगा. यानी इसमें आपको 2.5 गुना तक का रिटर्न मिलता है.


वहीं काले गेहूं की खेती में प्रति एकड़ से करीब 15 क्विंटल की पैदावर मिलती है. काले गेहूं का बीज भी एक एकड़ में करीब 50 किलो तक लगता है. इसमें किसान की लागत करीब 18-20 हजार रुपये आ जाती है और उसकी फसल 7-8 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकती है. यानी काले गेहूं की खेती में एक एकड़ से करीब 1.20 लाख रुपये की कमाई होगी. इसमें से लागत के 20 हजार निकाल भी दें तो आपको 1 लाख रुपये का मुनाफा होगा. मतलब काले गेहूं की खेती में आपको 5-6 गुना तक रिटर्न मिलता है.