लंबे सफर के बाद अब मुनाफा कमा रहा है बायजूस, 37,000 करोड़ के मूल्य के साथ बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान एड-टेक कंपनी

"विश्व भर में एक ओर जहां यूनिकॉर्न स्टार्टअप अपने राजस्व को लेकर चिंता में डूबे हुए हैं, वहीं भारत के दिग्गज एड-टेक स्टार्टअप बायजूस ने इस साल अपने मुनाफे की घोषणा की है, गौरतलब है कि पिछले साल बायजूस को 28.65 करोड़ रुपये का नुकसान भी हुआ था।"

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बायजूज़ के संस्थापक बायजू रविन्द्रन

तकनीक के साथ शिक्षा को आगे ले जाने वाले एड-टेक स्टार्टअप बायजूस ने न सिर्फ यूनिकॉर्न स्टार्ट अप की श्रेणी में एक बेंचमार्क सेट किया है, बल्कि उत्पाद के तौर पर खुद को स्थापित करने के मामले में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। बायजूस आज 37 हज़ार करोड़ रुपये के मूल्य के साथ दुनिया की सबसे मूल्यवान एड-टेक कंपनी बन चुकी है।

बायजू रविन्द्रन ने आनंद महिंद्रा को पछाड़ा

बायजूस की स्थापना करने वाले संस्थापक बायजू रविन्द्रन को हाल ही में फ़ोर्ब्स ने 100 सबसे कम उम्र के अमीर भारतियों की ताज़ा सूची में जगह दी थी। इस सूची में जगह बनाने वाले बायजू को 5 अन्य अरबपतियों के साथ शामिल हैं।


बायजू ने जिस तेज़ी से इस शिखर को छुआ है, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हाल ही में बायजू की संपत्ति 13 हज़ार 571 करोड़ रुपये आँकी गई थी, जिसके बाद बायजू ने संपत्ति के मामले में आनंद महिंद्रा जैसे दिग्गज को भी पछाड़ दिया है।


शिक्षक के घर पैदा हुए बायजू कभी शिक्षक नहीं बनना चाहते थे, उनकी रुचि सबसे अधिक खेलों की तरफ थी, लेकिन कुछ एक संयोग ने बायजू को इस दिशा की तरफ कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।


केरल के कुन्नूर में पैदा हुए बायजू बताते हैं,

“मेरी पढ़ाई मलयाली माध्यम से हुई है, जिसके चलते मैंने इंग्लिश का ज्ञान अपने ही दम पर अर्जित किया है। ऐसा मैंने क्रिकेट कमेंट्री सुनकर किया।"

बायजू अपनी इस सफलता के लिए अपने पिता को प्रेरणाश्रोत मानते हैं। वो बताते हैं,

“मेरे पिता ने मुझे कॉलेज के दौरान काफी आज़ादी मुहैया कराई, उनका मानना था कि जितना मैं क्लास के भीतर सीखूँगा, उससे कहीं अधिक मैं क्लास के बाहर सीख पाऊँगा।”

खेलों के प्रति रुझान को लेकर बायजू कहते हैं कि,

“खेलों से जुड़कर मैंने टीम में एक साथ मिलकर काम करना, नेतृत्व करना और दवाब से निपटना सीखा। उद्यमी बनने के दौरान मुझे इससे काफी मदद मिली।”

बायजूस में बायजू रविन्द्रन की 21 फीसदी की हिस्सेदारी है, जिसके दम पर उनकी कुल संपत्ति 1 अरब डॉलर से भी अधिक आँकी गई थी।


आंकड़ों के आधार पर बायजूस के प्रदर्शन की बात करें, तो बायजूस भविष्य को लेकर काफी पुख्ता रणनीति के साथ आगे बढ़ती हुई दिख रही है, जिसका फर्क उसके राजस्व पर सीधे तौर पर देखा जा सकता है।

कमाया मुनाफा

एजुकेशनल टेक्नालजी कंपनी बायजूस के स्वामित्व वाली कंपनी ‘थिंक एंड लर्न’ ने मार्च 31 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में 20.16 करोड़ रुपये की शुद्ध आय होने की घोषणा की है। इस तरफ बायजूस भारत का एकलौती मुनाफा कमाने वाला यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन गया है।


गौरतलब है कि बायजूस ने इसी साल भारतीय क्रिकेट टीम के प्रायोजन अधिकार चीनी मोबाइल निर्माता' कंपनी ओप्पो से ले लिए थे।





बायजूस के पास 28 लाख से अधिक पेड यूजर्स हैं और इस संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इन पेड यूजर्स के दम पर ही कंपनी मुनाफा उठाने में कामयाब रही है। बायजूस का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर करीब 4 करोड़ यूजर रजिस्टर हैं।


वित्तीय वर्ष 2019 में कंपनी के खर्चों में बड़े पैमाने पर बढ़ोत्तरी दर्ज़ की गई है। कंपनी ने एक साल पहले जहां 518.52 करोड़ रुपये का खर्च दर्शाया था, वही इस वर्ष कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 13 सौ 41 करोड़ से भी अधिक हो चुका है। हालांकि बायजूस ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 3 हज़ार करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया है।


बायजूस के सीओओ मृणाल मोहित बताते हैं कि,

"हमारे साथ जुड़े 60 प्रतिशत छात्र मेट्रो शहर के बाहर से हैं, बावजूद इसके बेहतर सीखने की ललक इसके पहले कभी इस स्तर पर नहीं नहीं रही।"

बायजूस अपने प्लेटफॉर्म पर छात्रों को आईआईटी, नीट, कैट और सिविल सेवा जैसी प्रतियोगिताओं की परीक्षाओं के साथ ही छात्रों को 12वीं तक के विषयों की क्लास उपलब्ध कराई जा रही है।



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