कोरोना महामारी से लड़ाई में सरकार के साथ आए ये बिजनेसमैन, जानें कैसे कर रहे हैं मदद

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इन दिनों देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। सरकार अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है। अब देश के बिजनेसमैन भी कोरोना के खिलाफ जंग में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। कई नामी बिजनेसमैनों ने इस महामारी से देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं।


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फोटो क्रेडिट: abc21



यहां हम आपको देश के ऐसे ही नामी उद्योगपतियों के बारे में बता रहे हैं जो अपने स्तर पर सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।


1. आनंद महिंद्रा (महिंद्रा ग्रुप)

सबसे पहले नाम आता है महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा का, कोरोना के लड़ने के लिए सबसे पहले आनंद महिंद्रा आगे आए। उन्होंने ट्विटर के जरिए ऐलान किया कि अगर जरूरत पड़ी तो वह अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में अस्थाई वेंटिलेटर बनाने का काम शुरू करेंगे। इसके अलावा महिंद्रा फाउंडेशन छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार वाले लोगों को कोरोना से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए एक फंड बनाएगा। इस फंड में आनंद महिंद्रा अपनी सैलरी का 100 फीसदी योगदान देंगे।





2. विजय शेखर (पेटीएम)

आनंद महिंद्रा के बाद पेटीएम के फाउंडर विजय शेयर ने भी ट्वीट कर घोषणा की है कि पेटीएम कोविड-19 के लिए सॉल्यूशंस खोजने वाले स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को 5 करोड़ रुपये की मदद देगा। उन्होंने ट्वीट में लिखा,

'हमें वेंटिलेटर्स की संभावित कमी और बाकी कोविड सॉल्यूशंस के लिए ऐसे स्वदेशी भारतीय इनोवेटर्स की आवश्यकता है। पेटीएम मेडिकल सॉल्यूशंस पर काम करने वाली ऐसी टीमों को 5 करोड़ रुपये की मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।'



3. मुकेश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड)

रिलायंस इंडस्ट्री ने एक कदम आगे बढ़ते हुए मुंबई में कोरोना से जंग के लिए एक अस्पताल बनवाया है। यह देश का पहला अस्पताल है जहां केवल कोरोना संक्रमितों का इलाज होगा। मुंबई में यह अस्पताल बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के सहयोग से तैयार किया गया। कमाल की बात है कि इसे केवल 2 हफ्तों में ही तैयार कर दिया गया। इस अस्पताल का नाम कोविड-19 रखा गया है। इसके अलावा रिलायंस ने लोधीवली में एक आइसोलेशन सेंटर भी बनाया है जिसे भी सरकार को सौंपा जा चुका है।

साथ ही सोमवार को रिलायंस ने एक बयान जारी कर बताया कि वह अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर रोज 1 लाख मास्क और कई जरूरी सामान बनाएगा। बयान के मुताबिक,

'रिलायंस अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर प्रतिदिन के 1 लाख फेस मास्क और बड़ी संख्या में देश के स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण बना रहा है।'




4. अनिल अग्रवाल (वेदांता ग्रुप)

देश के सामने इस संकट की घड़ी में वेदांता ग्रुप ने भी अपने हाथ खोले हैं। वेदांता ग्रुप ने इस महामारी से निपटने के लिए सरकार को 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के एग्जिक्युटिव चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा,

'मैं इस महामारी से लड़ने के लिए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा कर रहा हूं। देश की जरूरत के लिए एक शपथ है जो हमने ली है। यह समय है जब हमारे देश को हमारी बहुत जरूरत है। कई लोग अनिश्चिताएं झेल रहे हैं। खासतौर पर मैं उन लोगों के लिए चिंतित हूं जो दिहाड़ी मजदूर हैं। हम अपने हिस्से की मदद करेंगे।'

5. डीसीबी और एसबीआई बैंक

प्राइवेट सेक्टर के बैंक डीसीबी ने भी कहा कि वह इस महामारी से लड़ने के लिए सरकार के साथ है और आने वाले तीन महीनों में वह 1 करोड़ रुपये देगा। बैंक ने यह रकम अपने सीएसआर फंड में से देने की घोषणा की है। बैंक ने एक बयान जारी कर कहा कि बैंक कोरोना से लड़ने के लिए कई एजेंसियों की हेल्प लेगा। बैंक का प्लान आने वाले तीन महीनों में इस राशि को खर्च करने का है।


इसके अलावा देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने भी अपने कुल मुनाफे के 0.25% हिस्से को कोरोना से लड़ने में योगदान देने का ऐलान किया। बैंक ने कहा कि वह साल 2019-20 के अपने मुनाफे का 0.25% हिस्सा कोरोना से जंग में खर्च करेगा। बैंक की यह राशि भी कॉर्पोरेट रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड (सीएसआर) से दी जाएगी। इसकी जानकारी कंपनी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर दी। बैंक ने इसे अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भी पोस्ट किया। बैंक ने लिखा,

'भारत में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एसबीआई बैंक ने एक बड़ा कदम उठाया है। सीएसआर फंड का प्रयोग कोविड-19 से जुड़े कामों के लिए किया जाएगा। खासतौर पर गरीब लोगों के हेल्थ केयर के लिए।'

बात करें कोरोना की तो अभी तक पूरी दुनिया के 4,30,000 के करीब लोग इस महामारी की चपेट में हैं। 19,000 के करीब लोगों की इस महामारी के कारण मौत हो चुकी है। कोरोना ने इटली को तोड़ कर रख दिया गया है। मंगलवार के दिन भी इस बीमारी के कारण इटली में 800 के करीब लोगों की जान गई। अब तक वहां मरने वालों की संख्या 7 हजार के आंकड़े के करीब है।


भारत की बात करें तो फिलहाल भारत में 580 केस हैं। इनमें सर्वाधिक महाराष्ट्र (112) और केरल (109) हैं। इसी कारण पीएम मोदी ने मंगलवार रात देश को संबोधित करते हुए पूरे देश को 21 दिन के लिए लॉकडाउन कर दिया है। 


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