क्रिप्टोकरेंसी 'जुआ' के अलावा कुछ नहीं, उनकी वैल्यू सिर्फ 'छलावा' है: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास

By रविकांत पारीक
January 15, 2023, Updated on : Sun Jan 15 2023 06:52:05 GMT+0000
क्रिप्टोकरेंसी 'जुआ' के अलावा कुछ नहीं, उनकी वैल्यू सिर्फ 'छलावा' है: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की अपनी अपील दोहराई है. उन्होंने कहा कि क्रिप्टो 'जुआ के अलावा कुछ नहीं' है और उनका कथित 'मूल्य सिर्फ एक छलावा है.'
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भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टकरेंसी को लेकर एक बार फिर आगाह किया है.


RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की अपनी अपील दोहराई है. उन्होंने कहा कि क्रिप्टो 'जुआ के अलावा कुछ नहीं' है और उनका कथित 'मूल्य सिर्फ एक छलावा है.'


इस तरह की मुद्राओं पर अपने विरोध को आगे बढ़ाने हुए और अन्य केंद्रीय बैंकों के मुकाबले बढ़त लेने के लिए आरबीआई ने हाल में ई-रुपये के रूप में अपनी डिजिटल मुद्रा (केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा) पेश की है.


शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में क्रिप्टो पर पूर्ण प्रतिबंध की जरूरत पर फिर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इसका समर्थन करने वाले इसे एक संपत्ति या वित्तीय उत्पाद कहते हैं, लेकिन इसमें कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं है. यहां तक कि एक ‘ट्यूलिप' भी नहीं है.


गौरतलब है कि पिछली शताब्दी की शुरुआत में ट्यूलिप के फूल की मांग बहुत बढ़ गई थी. इसकी कीमत आसमान पर पहुंच गई. लोग किसी भी कीमत पर ट्यूलिप पाना चाहते थे.


गवर्नर ने कहा, "प्रत्येक संपत्ति, प्रत्येक वित्तीय उत्पाद में कुछ अंतर्निहित मूल्य होना चाहिए, लेकिन क्रिप्टो के मामले में कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं है... एक ट्यूलिप भी नहीं ... और क्रिप्टो के बाजार मूल्य में वृद्धि सिर्फ एक छलावा है."


उन्होंने कहा कि इसे बहुत स्पष्ट रूप से कहें तो यह जुआ है.


आरबीआई गवर्नर ने जोर देकर कहा, "हम अपने देश में जुए की अनुमति नहीं देते हैं, और अगर आप जुए की अनुमति देना चाहते हैं, तो इसे जुआ ही मानें. जुए के नियम भी निर्धारित करें... लेकिन क्रिप्टो एक वित्तीय उत्पाद नहीं है."


इससे पहले, RBI गवर्नर ने मैक्रोइकॉनॉमिक और वित्तीय स्थिरता जोखिमों का हवाला देते हुए क्रिप्टोकरेंसी के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है.


बीते साल, दिसबंर महीने में RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने चेतावनी दी कि प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी जैसे सट्टेबाजी के साधनों को अगर बढ़ने की इजाजत दी गई, तो ये अगले वित्तीय संकट की वजह बन सकते हैं. उन्होंने साथ ही बिटकॉइन जैसे साधनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की. दास ऐसे साधनों के प्रबल विरोधी रहे हैं और आरबीआई इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय तक गया है.


वहीं, RBI के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने दिसबंर, 2022 में कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर जो भी डेटा उपलब्ध है, वह भ्रामक है. साथ ही उन्होंने इससे जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से समझने की बात कही है कि डिजिटल करेंसी क्या हैं और उसका इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए. उन्होंने क्रिप्टो के प्रभावी रेगुलेशन के लिए बोर्ड में एक राय की अपील की. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) द्वारा आयोजित की गई वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में टी शंकर ने कहा कि डेटा उपलब्ध नहीं है. जो भी डेटा उपलब्ध है, वह गुमराह करने वाला है. उन्होंने आगे कहा कि पर्याप्त जानकारी की गैर-मौजूदगी में नियम बनाने से गलत संकेत जाता है. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने पर्याप्त, विश्वसनीय जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत पर जोर दिया.