एनर्जी फोकस: इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा के लिए बजट में किए गए प्रावधान

By yourstory हिन्दी
February 04, 2019, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
एनर्जी फोकस: इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा के लिए बजट में किए गए प्रावधान
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

सांकेतिक तस्वीर

1 फरवरी को कार्यवाहक वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट में ऊर्जा पर भी बात हुई। वक्त के साथ-साथ जीवाश्म ईंधन समाप्त हो रहे हैं और महंगे पेट्रोलियम के आयात की वजह से देश को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। इसे देखते हुए वित्त मंत्री ने बजट में नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा, 


कच्चे तेल औ प्राकृतिक गैस के आयात पर भारत की निर्भरता हमारी सरकार के लिए बड़ी चिंता की बात रही है। हमने बायो ईंधन और वैकल्पिक प्रोद्योगिकियों के माध्यम से मांग वृद्धि को कम करने के लिए कई सारे उपाय किए हैं, फिर भी हाइड्रोकार्बन का उत्पादन बढ़ाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है ताकि पेट्रोलियम आयात को घटाया जा सके। 


वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कि इस क्षेत्र में रोजगार के लाखों अवसरों का सृजन हो रहा है। उन्होंने कहा, 


पिछले पांच वर्षों में भारत की स्‍थापित सौर ऊर्जा उत्‍पादन क्षमता 10 गुनी बढ़ी है। श्री गोयल ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के संदर्भ में हमारी प्रतिबद्धता अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन के गठन से परिलक्षित होती है। यह पहला संधि आधारित अंतर-सरकारी संगठन है जिसका मुख्‍यालय भारत में है। 


अंतरिम बजट में उज्ज्वला योजना की बात करते हुए गोयल ने कहा कि इस के तहत 6 करोड़ से भी अधिक कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अपने चुनाव घोषणा पत्र में हमने यह वादा किया था कि हम स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर ग्रामीण भारत की महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता में बदलाव लायेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक गृहणी के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए यह भी जरूरी है कि महिला अपने परिवार के पोषण के लिए खाना पकाते समय आंसू न बहाए। उन्होंने कहा,


हमारी सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन देने का कार्यक्रम निश्चित किया था। अभी तक 6 करोड़ से अधिक कनेक्शन दिये जा चुके हैं और बकाया मुफ्त कनेक्शन अगले साल तक दे दिये जायेंगे। उज्ज्वला हमारे सरकारी कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण सफलता की कहानी है। यह जिम्मेदार और समर्पित नेतृत्व के साहसिक लेकिन क्रियात्मक विजन को परिभाषित करती है।


बीते साल 2018-19 के केंद्रीय बजट में सरकार ने राज्यों एक सिस्टम विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिससे सौर पैनल को उचित दामों में बेचा जा सके। पिछले सा के बजट में सोलर टेंपर्ड ग्लास पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को भी हटा लिया गया था। पिछले साल सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को 217 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे वहीं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को 9,900 करोड़ रुपये दिए गए थे।


यह भी पढ़ें: एयरफोर्स के युवा पायलटों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर बचाई हजारों जिंदगियां