Google-CCI मामला: NCLAT ने Google को 1337.76 करोड़ के जुर्माने का 10% जमा करने के लिए कहा

Google-CCI मामला: NCLAT ने Google को 1337.76 करोड़ के जुर्माने का 10% जमा करने के लिए कहा

Wednesday January 04, 2023,

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NCLAT (National Company Law Appellate Tribunal) ने बुधवार को Google के एक एंटीट्रस्ट रूलिंग पर अंतरिम रोक लगाने के अनुरोध को अस्वीकार कर लिया, जिसने टेक दिग्गज को अपने एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर अपना दृष्टिकोण बदलने का आदेश दिया था.

भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने अक्टूबर में अल्फाबेट इंक की कंपनी Google पर ऑनलाइन सर्च और एंड्रॉइड ऐप स्टोर के माध्यम से बाजारों में अपनी प्रमुख स्थिति का फायदा उठाने के लिए 161 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया और प्री-इंस्टॉलिंग ऐप्स से संबंधित स्मार्टफोन निर्माताओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को बदलने के लिए कहा.

प्रतिस्पर्धा आयोग ने Android मोबाइल उपकरणों के संबंध में प्रतिस्पर्धा-रोधी प्रथाओं के लिए Google पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. अक्टूबर के फैसले में, CCI ने इंटरनेट प्रमुख को विभिन्न अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं को बंद करने और हटाने का भी आदेश दिया था.

सूत्रों ने दावा किया कि CCI का निर्णय भारतीय उपयोगकर्ताओं को अभूतपूर्व सुरक्षा जोखिमों के लिए उजागर करता है, और भारत में Android उपकरणों को अधिक महंगा, कम कार्यात्मक और कम सुरक्षित बना देगा.

कंपनी के रुख से वाकिफ सूत्रों ने कहा कि गूगल का मानना है कि इस फैसले से भारतीय डेवलपर्स को नुकसान होगा जिनकी लागत बढ़ जाएगी.

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने अक्टूबर में दो फैसलों में गूगल पर कुल 2,200 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया था. एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर गूगल पर यह कार्रवाई की गई थी. दूसरे मामले में कंपनी पर 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया. इससे पहले CCI आदेश के मुताबिक, 8 फरवरी 2018 में भी गूगल पर 135.86 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था.

इससे पहले CCI आदेश के मुताबिक, 8 फरवरी 2018 में भी गूगल पर 135.86 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था. उस समय भी इसके पीछे सीसीआई ने गूगल को ऑनलाइन सर्च और विज्ञापन बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग का दोषी पाया था. आपको बता दे कि गूगल पर जुर्माने की रकम 135.86 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2013, 14, और 15 में भारत में कंपनी द्वारा अर्जित औसत रेवेन्यू का 5 फीसदी रही थी.

CCI ने अप्रैल 2019 में देश में एंड्रॉइड आधारित स्मार्टफोन के उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था. गूगल पर एप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट (MDA) और एंटी फ्रैगमेंटेशन एग्रीमेंट (AFA) जैसे दो समझौतों में गलत कारोबारी गतिविधियां अपनाने का आरोप लगाया गया था.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इस वक्त करीब 60 करोड़ स्मार्टफोन लोगों के हाथ में हैं और इनमें से 97% एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं.