बीते हफ्ते प्रकाशित हुईं कुछ बेहतरीन स्टोरीज़, जो रोचक होने के साथ प्रेरणादाई भी हैं

By प्रियांशु द्विवेदी
February 15, 2020, Updated on : Mon Feb 17 2020 04:36:06 GMT+0000
बीते हफ्ते प्रकाशित हुईं कुछ बेहतरीन स्टोरीज़, जो रोचक होने के साथ प्रेरणादाई भी हैं
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बीते हफ्ते प्रकाशित हुईं कुछ बेहद खास स्टोरीज़ जिन्हे हम संक्षेप में प्रस्तुत कर रहे हैं। आप इन स्टोरीज़ के साथ दी गए लिंक पर क्लिक कर पूरी कहानी पढ़ सकते हैं।

बीते हफ्ते की कुछ प्रेरणादायक कहानियाँ

बीते हफ्ते की कुछ प्रेरणादायक कहानियाँ



बीते हफ्ते प्रकाशित हुई कुछ स्टोरीज़ बेहद खास रहीं। ये स्टोरीज़ प्रेरणा के साथ हमारे भीतर एक नए जज्बे का भी संचार करती हैं। स्टोरी चाहे ‘पैरासाइट’ के ऑस्कर जीतने की हो या मोहित चौहान के दो उँगलियों से किताब लिखने की, सभी कहानियाँ अपने आप में बेहद खास हैं।


नीचे हम उन्ही कहानियों को आपके सामने संक्षेप में रख रहे हैं, इसी के साथ स्टोरी का लिंक भी है, जहां आप क्लिक कर उस स्टोरी को विस्तार से पढ़ सकते हैं हैं।

पैरासाइट ने जीता ऑस्कर

दक्षिण कोरियाई फिल्म ने चार ऑस्कर जीतने के साथ इतिहास बनाया है।

दक्षिण कोरियाई फिल्म ने चार ऑस्कर जीतने के साथ इतिहास बनाया है।



इस हफ्ते की शुरुआत एकेडमी अवार्ड के साथ हुई, जिसमें दक्षिण कोरियाई फिल्म ‘पैरासाइट’ ने बेस्ट फिल्म के साथ चार ऑस्कर जीत कर इतिहास रच दिया। फिल्म ‘जोकर’ में मुख्य किरदार निभाने वाले वॉकिन फीनिक्स ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर जीता।


इस बार ऑस्कर में सभी विजेताओं की सूची आप इधर देख सकते हैं। भारत की तरफ से इस बार फिल्म ‘गली बॉय’ को आधिकारिक एंट्री के तौर पर भेजा गया था, हालांकि फिल्म अंतिम सूची में अपनी जगह बनाने में नाकाम रही थी।


भारत की तरफ से अब तक सिर्फ 3 फिल्में ही ऑस्कर की नॉमिनेशन लिस्ट में अपनी जगह बना सकीं हैं। भारतीय फिल्में ऑस्कर में अपना प्रभाव छोड़ने में असफल क्यों रहती हैं, ये आप इधर पढ़ सकते हैं।

हौसलों की उड़ान

केतकी जानी

केतकी जानी



एलोपेशिया बीमारी के कारण केतकी जानी ने 40 वर्ष की आयु में ही अपने बालों को खो दिया। किसी आम महिला का ऐसे में आत्मविश्वास डगमगा सकता था, लेकिन केतकी ने इस बीमारी को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना चुना और उन्होने ‘मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड’ के फाइनलिस्ट बनने तक का सफर तय किया।


केतकी कहती है,

"यदि आप खुद से प्यार करते हैं, तो आप कभी इस बात से परेशान नहीं होंगे कि समाज आपसे प्यार करता है या नहीं, और इसी तरह आप दुनिया पर विजय प्राप्त करते हैं।"

केतकी जानी ने अब तक कई पुरस्कार जीते हैं और उन्हे कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। केतकी की यह प्रेरणादायक कहानी आप इधर पढ़ सकते हैं।

चलकर घर आएगा पेट्रोल-डीजल

ईंधन सप्लाई करता माईपेट्रोलपंप का ट्रक

ईंधन सप्लाई करता माईपेट्रोलपंप का ट्रक



ईंधन खरीदने के लिए फिलिंग स्टेशन पर लगने वाली लंबी लाइनें और मिलावटखोरी जैसी परेशानियों से माइपेट्रोलपंप आज कई बिजनेस को राहत मुहैया करा रहा है। बी2बी मॉडल पर आगे बढ़ते हुए यह कंपनी आज बैंगलोर, पुणे और हैदराबाद में अपनी सेवाओं का संचालन कर रही है।




कंपनी के सह-संस्थापक आशीष गुप्ता ने कंपनी की शुरुआत करने से पहले एक दशक तक शेल जैसी बड़ी कंपनी के साथ काम किया है। माइपेट्रोलपंप की कहानी आप इधर क्लिक कर पढ़ सकते हैं। माई पेट्रोलपंप आज हर महीने तीस लाख लीटर ईंधन की सप्लाई कर रही है।

दो उँगलियों से लिखी किताब

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के साथ मोहित चौहान

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के साथ मोहित चौहान



मोहित चौहान छह साल के थे, जब उन्हें मांसपेशियों की डिस्ट्रोफी का पता चला था, जो मांसपेशियों की बीमारी थी, जिसके परिणामस्वरूप समय के साथ कंकाल की मांसपेशियों के कमजोर होने और टूटने की संभावना होती है। लेकिन न तो वह और न ही उनके माता-पिता मोहित को उनके घर की चार दीवारों के भीतर कैद करने के लिए तैयार थे।

अपनी दो उँगलियों की मदद से कविताओं की किताब लिखने वाले मोहित चौहान कहते हैं,

"अब मेरा पूरा ध्यान अपनी कविता पर है। मैं "ग़ालिब" या "जौन एलिया" नहीं बनना चाहता। मैं "मोहित चौहान" बनना चाहता हूं।"

मोहित की लिखी कविताएं कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी मौजूद हैं। मोहित की यह प्रेरणादायक कहानी आप इधर पढ़ सकते हैं। मोहित स्टीफन हॉकिंग को अपना रोल मॉडल मानते हैं।

कपल्स ने खड़ा किया करोड़ों का कारोबार

इन कपल्स ने खड़ी की करोड़ों की कंपनी

इन कपल्स ने खड़ी की करोड़ों की कंपनी



देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार बेहतर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और यही कारण भी है कि देश में स्टार्टअप बड़ी संख्या में विकसित हो रहे हैं। इन स्टार्टअप को शुरू करने वाले उद्यमियों में से कई युगल भी हैं, जिन्होने अपने निजी रिश्तों की नींव के साथ आगे बढ़ते हुए उद्यम को भी नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।


जोड़ों द्वारा शुरू की गई कंपनियाँ आज करोड़ों का कारोबार कर रही हैं। आनंद शाहनी और महक शाहनी द्वारा शुरू की गई कंपनी वेडमीगुड आज देश भर में अपने वेडिंग प्लानिंग व्यवसाय के साथ आगे बढ़ रही है, तो वहीं विवेक और शुभ्रा द्वारा शुरू की गई कंपनी चुंबक देश के 17 शहरों में अपने स्टोर के जरिये लोगों को डिजाइनर एसेसरीज़ उपलब्ध करा रही है। इस स्टोरी को आप इधर क्लिक कर आसानी से पढ़ सकते हैं।