कश्मीर का यह स्कूल ड्रॉपआउट अब यूके में है आईटी कंपनी का मालिक

By Irfan Amin Malik & रविकांत पारीक
July 19, 2021, Updated on : Mon Jul 19 2021 05:35:34 GMT+0000
कश्मीर का यह स्कूल ड्रॉपआउट अब यूके में है आईटी कंपनी का मालिक
शेख, जिन्होंने 800 से अधिक बच्चों को पढ़ाया है, को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक - पद्मश्री पुरस्कार 2022 के लिए भी नामांकित किया गया है।
Clap Icon0 claps
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 claps
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

वह बहुत सारी महत्वाकांक्षाओं और लक्ष्यों वाले एक उज्ज्वल छात्र थे, लेकिन घर में गरीबी ने उन्हें अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। हालाँकि, नियति के पास उनके लिए अन्य योजनाएँ थीं, और आज वह एक आंत्रप्रेन्योर है जो यूनाइटेड किंगडम में स्थित एक आईटी कंपनी के मालिक है।


जम्मू और कश्मीर में श्रीनगर शहर के बटमालू इलाके के रहने वाले, शेख आसिफ ने वर्ष 2008 में स्कूल छोड़ने के बाद, कश्मीर में एक स्थानीय आईटी कंपनी के साथ लगभग छह वर्षों तक काम किया।


“वित्तीय बाधाओं के कारण, मैंने केवल 8 वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की है। हालाँकि, 2016 में, मुझे यूनाइटेड किंगडम जाने का मौका मिला, जहाँ मैं एक Google कर्मचारी से मिला, जिसने मुझे एक वेब डिज़ाइन कंपनी Thames Infotech शुरू करने में मदद की, ” 27 वर्षीय शेख ने मुस्कुराते हुए कहा।

शेख को 2022 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक पद्मश्री पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया था।

शेख को 2022 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक पद्मश्री पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया था।

उन्होंने आगे कहा, "आज, मैं एक आंत्रप्रेन्योर और यूके स्थित इसी कंपनी का सीईओ और फाउंडर हूं।" एक अच्छा छात्र होने के बावजूद, शेख को अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अलग-अलग दुकानों में काम करना पड़ता था। “वर्ष 2001 से 2007 तक, मेरे पिताजी ज्यादातर अस्वस्थ रहे, जिसके कारण मुझे अपने परिवार के लिए आजीविका अर्जित करनी पड़ी। वह समय आया जब मैंने अपना स्कूल छोड़ने और कमाई शुरू करने का फैसला किया।”


तमाम मुश्किलों के बावजूद शेख ने वेब डिजाइनिंग और ग्राफिक्स में हार नहीं मानी। “2014 में, मैं अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक रूप से स्थिर था, लेकिन कश्मीर में बाढ़ के कारण, मेरी योजना एक बार फिर पटरी से उतर गई। नौकरी की तलाश में मैंने कश्मीर से दिल्ली और दिल्ली से लंदन का सफर शुरू किया।“


अपनी मातृभूमि में आईटी के प्रति जागरूकता पैदा करने के अपने सपने को पूरा करने के लिए शेख 2018 में कश्मीर लौट आए। "जब मैं कश्मीर लौटा, तो मैंने वेब डिज़ाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग में रुचि रखने वालों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं प्रदान करने के लिए एक वेंचर शुरू किया।"


तब से, वह कश्मीरी युवाओं के बीच आईटी के प्रति जागरूकता पैदा कर रहे हैं और उन्हें वेब डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग सीखा रहे हैं। शेख ने अब तक दुनिया भर के 800 छात्रों को डिजिटल मार्केटिंग सिखाने का दावा किया है।


कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए छात्र सीधे उनकी आधिकारिक वेबसाइट www.sheikhasif.com या उनके फेसबुक @sheeikhasif/Instagram @sheiikhaasif के माध्यम से पहुंच सकते हैं। शेख ने लोगो, ग्राफिक्स और मोबाइल एप्लिकेशन सहित कई वेबसाइटें भी डिजाइन की हैं।


कश्मीर घाटी में आत्महत्या के बढ़ते मामलों और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के बाद, उन्होंने 'Listen To Me' नाम से एक मोबाइल एप्लिकेशन बनाया। शेख ने YourStory से बात करते हुए दावा किया, "सिर्फ तीन हफ्तों के भीतर, ऐप को सौ से अधिक यूजर्स द्वारा डाउनलोड किया गया।"


दिलचस्प बात यह है कि इस स्कूल ड्रॉपआउट ने तीन किताबें भी लिखी हैं- Digitization in Business, Online Business Ideas and Start a Business.


उन्हें तीन बेस्ट-रेटेड (यूके) और वाशिंगटन स्थित आईटी कंपनियों से 2017-18-19-2020 में बेस्ट वेब डिज़ाइनर अवार्ड सहित कई पुरस्कार भी मिले हैं।


हाल ही में, शेख को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक (पद्मश्री पुरस्कार 2022) के लिए भी नामांकित किया गया था।

शेख ने लोगों के लिए एक संदेश साझा करते हुए कहा कि माता-पिता को शिक्षा के प्रति अपने सोचने का तरीका बदलना चाहिए। “डॉक्टरों और इंजीनियरों के अलावा, एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए अन्य पेशेवरों की आवश्यकता है। उन्हें हमेशा अपने बच्चों के सपनों और जुनून का समर्थन करना चाहिए।"

Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close