अनाजमंडी आग हादसे में हो गई थी मुस्लिम दोस्त की मौत, हिंदू दोस्त ने ली परिवार की जिम्मेदारी

By yourstory हिन्दी
December 10, 2019, Updated on : Tue Dec 10 2019 13:00:33 GMT+0000
अनाजमंडी आग हादसे में हो गई थी मुस्लिम दोस्त की मौत, हिंदू दोस्त ने ली परिवार की जिम्मेदारी
इस दोस्ती की दास्तां पढ़कर भर जायेंगी आपकी आंखें...
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मुशर्रफ ने मरने से ठीक पहले आखिरी कॉल अपने दोस्त मोनू अग्रवाल को किया था। अपने आखिरी कॉल में मुशर्रफ ने मोनू से रोते हुए कहा था कि मरने के बाद उसके परिवार का ख्याल रखना।

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पहली फोटो में मरहूम मुशर्रफ, दूसरी फोटो में मोनू


दोस्ती का कोई मजहब नहीं होता, इस बात को सही साबित करती है शोभित अग्रवाल (मोनू) और मुशर्रफ अली (मूसा) की दोस्ती। 8 दिसंबर को दिल्ली के फिल्मीस्तान इलाके में लगी भीषण आग में 43 लोगों की मौत हुई थी। इसमें 30 साल के मूसा उर्फ मुशर्रफ अली की जिंदगी भी चली गई थी। इस दर्दनाक घटना में मरने वाले मुशर्रफ ने मरने से ठीक पहले आखिरी कॉल अपने दोस्त मोनू अग्रवाल को किया था।


अपने आखिरी कॉल में मुशर्रफ ने मोनू से रोते हुए कहा था कि मरने के बाद उसके परिवार का ख्याल रखना। रिकॉर्डिंग में मुशर्रफ ने मोनू से कहा,

'जैसे-तैसे मेरा घर चला लेना। बच्चों के बड़े होने तक, अभी किसी को मत बताना, आराम से बताना और यहां आने (शव लेने के लिए) की तैयारी कर लेना। सांस नहीं आ रहा है, बस 3-4 मिनट का खेल है। सब खत्म हो गया।'


इस कॉल की रिकॉर्डिंग जिस किसी ने भी सुनी, उसका कलेजा बैठ गया। जिस मोनू को मुशर्रफ ने मरने से पहले कॉल किया था। अब वह भी सामने आए और कहा कि मुशर्रफ से उनका रिश्ता मजहब से भी ऊपर का है। वह उसके पूरे परिवार का ख्याल रखेंगे। सोमवार को दोस्ती धर्म निभाते हुए मोनू अपने दोस्त मुशर्रफ का शव लेने दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल पहुंचे।





अमर उजाला में छपी एक खबर के मुताबिक,

'मुशर्रफ अली बिजनौर जिले के नगीना थाना क्षेत्र स्थित हाढामाई दास गांव के निवासी थे। उनकी शोभित अग्रवाल (मोनू) से उनकी काफी गहरी दोस्ती थी। मुशर्रफ अपने पीछे मां और 4 बच्चे छोड़कर गए हैं। पूरे परिवार का हाल खराब हो गया है।'

अपने दोस्त का शव लेने पहुंचे मोनू ने कहा कि मुशर्रफ का परिवार अब मेरा भी परिवार है। मैं आखिरी सांस तक उसके पूरे परिवार का ध्यान रखूंगा। साथ ही उन्होंने यूपी सरकार से भी मुशर्रफ के परिवार की मदद करने का अनुरोध किया। बता दें, मुशर्रफ ने मौत को सामने खड़ा देखते हुए अपने किसी घरवाले को फोन नहीं करके अपने दोस्त मोनू को फोन किया था। मुशर्रफ ने मोनू से 7 मिनट बात की थी जिसकी रिकॉर्डिंग बहुत वायरल हुई। रिकॉर्डिंग में मुशर्रफ ने मोनू से अपने परिवार का ख्याल रखने के लिए कहा था।


मालूम हो, 8 दिसंबर (रविवार) को सेंट्रल दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में भीषण आग लगी थी। इसमें 43 लोगों की जान चली गई और 50 से अधिक लोगों को राहत दलों ने बाहर निकाला। इस दर्दनाक घटना पर पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित तमाम बड़ी हस्तियों ने शोक जताया।