'मैं रतन टाटा... क्या हम मिल सकते हैं?' कैसे एक फोन कॉल ने बदल दी इस स्टार्टअप की किस्मत

By रविकांत पारीक
August 08, 2022, Updated on : Tue Aug 09 2022 06:10:06 GMT+0000
'मैं रतन टाटा... क्या हम मिल सकते हैं?' कैसे एक फोन कॉल ने बदल दी इस स्टार्टअप की किस्मत
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देश के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों में से एक रतन टाटा, स्टार्टअप जगत की रीढ़ है. कई नामचीन स्टार्टअप्स को उन्होंने सपोर्ट किया है. Ola Electric, Generic Aadhaar, Mailit, Tork Motors, Lybrate आदि ऐसे स्टार्टअप्स हैं, जिन्हें रतन टाटा से समर्थन मिला है.


इस लिस्ट में Repos Energyका भी नाम शुमार है. यह एक मोबाइल-एनर्जी डिस्ट्रीब्यूशन स्टार्टअप है. यह स्टार्टअप घर-घर पेट्रोल-डीजल डिलीवर करता है. स्टार्टअप ने कुछ ही हफ्तों पहले ऑर्गेनिक-वेस्ट से चलने वाला 'मोबाइल इलेक्ट्रिक चार्जिंग व्हीकल' सॉल्यूशन लॉन्च किया था. हाल ही में बीते दिनों को याद करते हुए Repos के फाउंडर्स ने बताया कि कैसे रतन टाटा के एक कॉल ने उनकी किस्मत बदल दी.

दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के साथ, Repos Energy के को-फाउंडर अदिति भोसले वलुंज और चेतन वलुंज

दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के साथ, Repos Energy के को-फाउंडर अदिति भोसले वलुंज और चेतन वलुंज (फोटो साभार: Aditi Bhosale Walunj)

Repos को शुरु करते समय, को-फाउंडर अदिति भोसले वलुंज और चेतन वलुंज को लगा कि कंपनी की ग्रोथ के लिए, उन्हें एक गुरू (मेंटर) की जरुरत है - कोई ऐसा शख्स जो उन्हें ग्रोथ की दिशा में सही राह दिखा सके. उनके जेहन में जिस पहले शख्स का खयाल आया, वो रतन टाटा ही थे.


जब अदिति ने चेतन को रतन टाटा से मिलने का सुझाव दिया, तो चेतन ने जवाब दिया, "अदिति, वह (रतन टाटा) हमारे पड़ोसी नहीं है कि तुम कह रही हो... कि चलो उनसे मिलते हैं."


हालांकि, वह पीछे नहीं हटीं. लिंक्डइन पर अदिति ने लिखा, "हम दोनों के पास कोई फॉर्मल बिजनेस एजुकेशन नहीं है, लेकिन हमने अपने ज़िंदगी में एक बात बहुत पहले सीख ली थी - किसी भी चीज के लिए बहाना एक नींव है, जिस पर सिर्फ असफलता का घर बनाता है."


उन्होंने आगे लिखा, "सभी ने हमें बताया कि आप उनसे (रतन टाटा) नहीं मिल सकते. यह असंभव है. हमने इसे बहाने के रूप में इस्तेमाल नहीं किया. "नहीं" का तो सवाल ही नहीं था..."


यह बताते हुए कि आखिरकार उन्हें मुंबई में टाटा से मिलने का मौका कैसे मिला, अदिति ने लिखा कि उन्होंने एक 3D प्रजेंटेशन तैयार की. इसमें उन्होंने बताया कि कैसे Repos Energy एनर्जी डिस्ट्रीब्यूशन को बदलना चाहती है? कैसे यह टेक्नोलॉजी के जरिए लास्ट मील तक किसी भी एनर्जी / फ्यूल को डिलीवर करना चाहता है. उन्होंने अपने हाथों से लिखे लेटर भी टाटा को भेजे थे. वे उन सॉर्सेज से भी मिले, जो उन्हें रतन टाटा तक पहुंचा सकते थे. यहां तक ​​कि उन्होंने, उनके घर के बाहर 12 घंटे तक इंतजार भी किया.


बाद में, जब वे अपने होटल लौटे, तो उन्हें रात 10 बजे एक कॉल आया.


"मेरा मन नहीं था, लेकिन जब मैंने कॉल अटेंड किया, तो दूसरी तरफ से आवाज़ आई", 'हाय! क्या मैं अदिति से बात कर सकता हूं?" अदिति भोसले वलुंज याद करती हैं.


हालांकि उन्होंने पूछा कि कौन बोल रहा है, उन्होंने कहा कि अपने दिल में वह जानती थी कि यह वह कॉल है जिसका वे इंतजार कर रहे थे.


“मैं रतन टाटा. मुझे आपका लेटर मिला है. क्या हम मिल सकते हैं?" अदिति ने फोन पर सुना.


अदिति ने एक ही समय में कई भावनाओं का अनुभव करना याद किया. वह स्तब्ध थी, रोंगटे खड़े हो गए थे. उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे और होठों पर मुस्कान थी.


अदिति आगे लिखती हैं, "अगले दिन सुबह 10.45 बजे, हम उनके (रतन टाटा) घर पहुंचे और अपनी प्रजेंटेशन के साथ, लिविंग रूम में उनका इंतजार किया. और ठीक 11 बजे एक नीली शर्ट पहने एक लंबा, गोरा शख्स हमारी ओर चला आ रहा था. ऐसा लगा जैसे सब मौन हो. सुबह 11 बजे से शुरु हुई मीटिंग, दोपहर 2 बजे तक चली. वे तीन घंटे हमारे लिए सरासर मध्यस्थता थे जहां उन्होंने हमारे आइडिया को सुना, अपने अनुभव साझा किए और हमारा मार्गदर्शन किया."


Repos Energy की को-फाउंडर ने कहा कि रतन टाटा ने उनसे पूछा कि वह उनसे क्या उम्मीद करती हैं, जिस पर दंपति ने जवाब दिया, “सर, लोगों की सेवा करने और हमारे देश को वैश्विक बनाने में हमारी मदद करें. हमारा मार्गदर्शन करें." उन्होंने जवाब में कहा, "ठीक है".


अदिति भोसले वलुंज ने कहा, "हमने उनके घर से बाहर कदम रखा, जैसे हम मंदिर से बाहर निकल रहे थे. उसके बाद की Repos की कहानी जगजाहिर है."


"Tata Motors से मदद मिलने से लेकर, रतन टाटा के साथ बातचीत करने तक... उन्हें अपना पहला मोबाइल फ्यूल स्टेशन दिखाने और उनका फीडबैक हासिल करने और 2019 में अपना पहला टोकन इन्वेस्टमेंट और फिर अप्रैल 2022 में दूसरा इन्वेस्टमेंट हासिल करने तक - यह पूरी टीम के बिना संभव नहीं हो पाता."


उन्होंने रतन टाटा के ऑफिस में पर्सनल मैनेजर शांतनु नायडू को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने लिखा, "वे हमारे लिए ऐंजल रहे हैं".