पुरानी पेंशन योजना को लेकर राज्‍यों को RBI की चेतावनी

RBI ने पुरानी पेंशन योजना को सब-नेशनल फिस्कल होराइजन के लिए खतरा बताया है.

पुरानी पेंशन योजना को लेकर राज्‍यों को RBI की चेतावनी

Tuesday January 17, 2023,

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पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को लेकर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार द्वारा अपने राज्‍यों में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के बाद अब कई अन्‍य राज्‍यों की सरकारें भी इस योजना को फिर से शुरू करने की प्‍लानिंग कर रही हैं.

लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐसा करना राज्‍यों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने को सब-नेशनल फिस्कल होराइजन के लिए खतरा बताया है. रिजर्व बैंक ने उन राज्‍यों के लिए चेतावनी जारी की है, जो पुरानी पेंशन योजना में लौटने की योजना बना रहे हैं.

 

स्टेट फाइनेंस पर रिजर्व बैंक की ताजा रिपोर्ट पुरानी पेंशन योजना के बारे में कुछ इन शब्‍दों में अपनी राय व्‍यक्‍त करती है, “राजकोषीय संसाधनों में हर साल कटौती और बचत की प्‍लानिंग अल्पकालिक ही है. आने वाले भविष्‍य के लिए मौजूदा खर्चों में कटौती करना और उन्‍हें स्‍थगित करना राज्‍यों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. ऐसा करके राज्‍य अपने लिए आने वाले सालों में अनफंडेड देनदारियों का जोखिम उठा रहे हैं.“

पिछले कुछ समय में पुरानी पेंशन योजना पब्लिक डिबेट से लेकर चुनावों का भी मुख्‍य मुद्दा बनी रही है. छत्‍तीसगढ़ और राजस्‍थान की कांग्रेस सरकार ने सबसे पहले अपने यहां पुरानी पेंशन योजना लागू की. उसके बाद हाल ही में हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भी पेंशन योजना की बहाली मुख्‍य चुनावी मुद्दा बना रहा. कांग्रेस ने हिमाचल और गुजरात दोनों राज्‍यों के चुनावों में वादा किया था कि यदि उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो वे पुरानी पेंशन योजना को बहाल करेंगे.

अब हिमाचल प्रदेश, झारखंड और पंजाब भी पेंशन योजना को फिर से बहाल करने की योजना पर काम कर रहे हैं. कुल मिलाकर जिन भी राज्‍यों में विपक्ष यानी कांग्रेस की सरकार है, वहां पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किए जाने की घोषणा की जा रही है. इस योजना में सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के रूप में उनकी लास्‍ट सैलरी का 50 फीसदी देने का वादा किया गया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राज्यों को अपने राजकोष को मजबूत बनाने पर ध्‍यान देना चाहिए. साथ ही ऑफ-बजट उधारी भी ऐसा सवाल है, जिस पर ध्‍यान दिए जाने की जरूरत है. RBI का कहना है कि राज्यों को उच्च पूंजीगत व्यय को वरीयता पर रखना चाहिए और उस पर ध्यान देना चाहिए. इसका कम से कम दो साल तक राज्‍यों की जीडीपी पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा. इसके अलावा रिजर्व बैंक ने राज्‍यों को कैपेक्स बफर फंड बनाने की भी सलाह दी है.


Edited by Manisha Pandey