सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते से टैक्स मामलों, आपराधिक अपील, भूमि अधिग्रहण, मोटर दुर्घटना की सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच गठित होंगी: CJI डी वाई चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते से टैक्स मामलों, आपराधिक अपील, भूमि अधिग्रहण, मोटर दुर्घटना की सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच गठित होंगी: CJI डी वाई चंद्रचूड़

Wednesday November 23, 2022,

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भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को कहा कि टैक्स मामलों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में अगले सप्ताह से विशेष पीठ गठित की जाएगी. सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, "अगले सप्ताह एक विशेष अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष कर (Indirect and Direct Tax) पीठ होगी. हम इसे सूचीबद्ध करेंगे." सीजेआई ने यह तब कहा, जब एक वकील ने तत्काल लिस्टिंग के लिए कर मामले का उल्लेख किया. CJI ने कहा कि अगले सप्ताह से एक विशेष प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर पीठ होगी. सीजेआई ने यह भी दोहराया कि रजिस्ट्री को नए दायर मामलों के लिए स्वत: तारीख देने के निर्देश दिए गए हैं.


CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट में अगले सप्ताह से आपराधिक अपीलों, भूमि अधिग्रहण मामलों, मोटर दुर्घटना के दावों और टैक्स मामलों की सुनवाई के लिए विशेष बेंच गठित करने की बात भी कही. सीजेआई ने कहा, "अगले हफ्ते से पुरानी आपराधिक अपीलों, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर मामलों, भूमि अधिग्रहण के मामलों और मोटर दुर्घटनाओं के दावों के ट्रिब्यूनल मामलों के लिए विशेष खंडपीठें होंगी." सीजेआई चंद्रचूड़ ने यह तब कहा कि जब एक वकील तत्काल लिस्टिंग के लिए एक मामले का उल्लेख कर रहा था. मुख्य न्यायाधीश ने वकील से कहा कि अगले सप्ताह विशेष पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करें.


इसके अलावा, पेंडिंग केसेस से निपटने के लिए CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत लंबित मामलों को कम करने के लिए सभी बेंच को रोजाना 10 वैवाहिक मामले और 10 जमानत याचिकाओं से जुड़े मामलों पर सुनवाई करने के लिए कहा है. CJI ने यह भी कहा कि जमानत याचिकाओं को जल्द सूचीबद्ध करना महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें अभियुक्तों की ‘स्वतंत्रता का अधिकार’ शामिल है. उन्होंने कहा, ‘यह भी तय किया गया था कि प्रत्येक बेंच रोजाना कम से कम 10 जमानत याचिकाएं सुनेंगी, इसके अलावा अन्य सौंपे गए मामले भी होंगे.’


CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अब तक शीर्ष अदालत में वैवाहिक मामलों से संबंधित 3,000 याचिकाएं लंबित हैं जहां पक्षकार मामलों को अपनी पसंद के स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं. आगे कहा कि यदि प्रत्येक पीठ प्रतिदिन 10 तबादलों के मामलों की सुनवाई करती है तो 13 पीठें प्रतिदिन 130 मामले और प्रति सप्ताह 650 मामले तय कर सकेंगी. जिससे काम का बोझ भी खत्म हो जाएगा. सीजेआई ने कहा कि इन 20 जमानत और स्थानांतरण याचिकाओं को रोजाना निपटाने के बाद बेंच नियमित मामले लेना शुरू कर देगी.  न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि उन्होंने पूरक सूची में अंतिम समय में सूचीबद्ध होने वाले मामलों की संख्या में कटौती करने का फैसला किया है ताकि न्यायाधीशों पर बोझ कम हो सके जो देर रात तक केस फाइलों को देखने के लिए मजबूर हैं.




Edited by Prerna Bhardwaj