कभी एक 1 लाख रुपये से की थी शुरुआत, आज इन्फ्लुएंसर्स मार्केटिंग स्टार्टअप से हर महीने 50 लाख रुपये कमा रहा है ये 23 वर्षीय शख्स

By Sindhu Kashyaap
December 24, 2019, Updated on : Sun Dec 29 2019 14:14:00 GMT+0000
कभी एक 1 लाख रुपये से की थी शुरुआत, आज इन्फ्लुएंसर्स मार्केटिंग स्टार्टअप से हर महीने 50 लाख रुपये कमा रहा है ये 23 वर्षीय शख्स
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इनफ्लुएंसर्स अर्थात प्रभावकारी व्यक्तियों के पास प्रोडक्ट, आइडियाज और सर्विसेस को बेचने की शक्ति होती है। और यह उन चुनिंदा कारणों में से एक है कि कई सालों से लेकर आज तक ब्रांड अपने प्रोडक्ट और सर्विसेस को प्रमोट करने के लिए मशहूर हस्तियों और खिलाड़ियों की तलाश में रहते हैं।


आज के दौर में, इनफ्लुएंसर कम्युनिटी बड़े पैमाने पर है और सोशल मीडिया स्पेस में उनकी बड़ी पहुंच है। इनफ्लुएंसर्स के फॉलोअर्स की संख्या ब्रांडों को आकर्षित करती है और उनके द्वारा की जाने वाली एक्टिविटी ने मार्केटिंग कम्युनिकेशन के तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है, इसका असर ऑफलाइन दुनिया पर भी साफ दिखता है।



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MAD Influence की टीम



23 वर्षीय गौतम माधव को भी दिल्ली के एक कार्यक्रम में इनफ्लुएंसर्स की पावर का आंदाजा हुआ। एक कांफ्रेंस में, उन्होंने देखा कि कई प्रतिनिधि एक पैनल पर एक वक्ता को सुनने आए थे।


गौतम माधव याद करते हुए बताते हैं,

मैंने सोचा, अगर कोई व्यक्ति कुछ मुट्ठी भर दर्शकों को प्रभावित कर सकता है, तो क्या होगा अगर हम ऐसे लोगों का समुदाय बनाएँ जो एक से अधिक बड़े दर्शकों को जोड़ सके? और इसी समय MAD Influence तस्वीर में आया और हमने इसे जनवरी 2018 में शुरू किया। तब से, हमने फेसबुक, इंस्टाग्राम, TikTok, YouTube, Twitter आदि कई नेटवर्कों से पूरे भारत में 8000 से अधिक कंटेंट क्रिएटर्स को अपने बोर्ड पर जोड़ा है।


दिल्ली में शुरू हुए MAD Influence का अब मुंबई में भी ऑफिस हैं। इसके संस्थापक, गौतम माधव, दिल्ली में 15 और मुंबई में 4 लोगों की एक टीम चलाते हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम ग्रेजुएट हैं और उद्यमी छात्र संगठन AIESEC से जुड़े हुए हैं और WeChat के साथ उन्होंने काम किया है।

टीम और उनका काम

कोर टीम में पूर्व स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और सीएफओ मानव मेहरा, बोटेनी ग्रेजुएट और सीनियर इन्फ्लुएंसर मैनेजर अमन नरूला, बीटेक ग्रेजुएट और स्ट्रेटजी एंड पार्टनरशिप मैनेजर शिवम शुक्ला, एमिटी यूनीवर्सिटी ग्रेुजुएट और डिजिटल कम्युनिटी मैनेजर सृष्टि भाटिया, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग मैनेजर श्वेता सचदेवा, और लोकेश शर्मा शामिल हैं। MAD Influence ब्रांडों को उनके प्रोडक्ट्स या सर्विसेस की मार्केटिंग के लिए सलूशन प्रदान करता है।


गौतम बताते हैं,

हम सबसे पहले यह समझने की कोशिश करते हैं कि ब्रांड क्या प्रमोट करना चाहता है और मौजूदा कम्युनिकेशन कैसा है।


क्लाइंट के साथ पहली बातचीत के आधार पर, टीम एक विस्तृत योजना बनाती है। इसमें पीआर और मीडिया बायिंग जैसे अन्य ऐड-ऑन चैनलों की योजना के साथ अलग-अलग ऑनलाइन और ऑफलाइन इंटीग्रेशन में इन्फ्लुएंसर्स को निर्धारित करना शामिल होता है, जो बाहर के लोग होते हैं।

कंपनी का कामकाज

टीम ने सोशल मीडिया पर एक उपस्थिति के साथ इन्फ्लुएंसर्स को जोड़ने और उनके साथ संबंधों की स्थापना के साथ शुरूआत की। फिर, उन्होंने ब्रांडों और ग्राहकों के साथ काम करने और दोनों को एक साथ लाने पर ध्यान केंद्रित किया।


टीम का दावा है कि उन्होंने धर्मा प्रोडक्शन, टिकटोक, ALTBalaji, टी-सीरीज, वीवो, पेन (Pen), हॉटस्टार, Alibaba.com, एचसीएल और सोनी म्यूजिक जैसे कुछ नामों के साथ काम किया है। ग्राहकों को कॉन्ट्रैक्ट की अवधि के दौरान इंगेजमेंट और इंप्रेशन्स की रियल टाइम की रिपोर्ट प्रदान की जाती है।


गौतम कहते हैं,

“हम उन सभी प्रमोशन्स के लिए रियल टाइम एनालिटिक्स प्रदान करते हैं, जो हम अपने इन्फ्लुएंसर्स के जरिए करते हैं। इसके लिए हम अपने इंटीग्रेटेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का इस्तेमाल करते हैं। यह उन ब्रांड को एक क्लिक के साथ हजारों इन्फ्लुएंसर्स के बीच पहुंचने और उन्हें चुनने में सक्षम बनाता है।”


स्टार्टअप अपनी स्थापना के बाद से पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड है।


गौतम कहते हैं,

इसे शुरू करने के लिए उन्होंने अपने दोस्तों और परिवार से 1 लाख रुपये का ऋण लिया था।


कंपनी को गौतम के दोस्त, लक्ष्य से काफी मदद मिली जिन्होंने बिना किराया लिए ऑफिस की जगह मुहैया कराई। इससे लागत को कम करने में काफी मदद मिली है।

कंपनी का रेवेन्यू

यह बिजनेस मॉडल दो मापदंडों पर काम करता है- एजेंसी कमीशन और विज्ञापन शुल्क। टीम उन्हें मिलने वाली हर डील पर इन्फ्लुएंसर्स से कमीशन लेती है, और वे क्लाइंट को प्रदान की गई सेवाओं के लिए उनसे प्रीमियम लेते हैं।


गौतम बताते हैं,

वीडियो प्रोडक्शन, कंटेंट राइटिंग आदि जैसी अन्य सेवाओं के लिए, हम बाजार के मानकों के अनुसार चार्ज करते हैं।



टीम 25-30 प्रतिशत का मार्जिन लेती है। वह साझा करते हैं कि पहले छह महीनों में हुई आय 10 लाख रुपये थी, जो अगले छह महीनों में 20 लाख रुपये हो गई। 2019 की पहली तिमाही में, उनका दावा है कि स्टार्टअप ने 60 लाख रुपये का राजस्व दर्ज किया, और वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इसने 1.2 करोड़ रुपये कमाए। गौतम कहते हैं वे अब हर महीने 50 से 55 लाख रुपये की मासिक फीस ले रहे हैं।

स्पेस और फ्यूचर

इन्फ्लुएंसर्स मार्केटिंग की दुनिया में कई स्टार्टअप हैं। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु में Winkl है, जिसकी स्थापना राहुल सिंह और निखिल कुमार ने की है। मेडिकिक्स के अनुसार, यह बाजार 2020 तक वैश्विक स्तर पर 10 बिलियन डॉलर तक पहुंचने के लिए तैयार है।


भारत में, इस सेगमेंट के अभी बढ़ने के आसार हैं और इसे 1.5 बिलियन डॉलर के डिजिटल खर्च बाजार के तहत वर्गीकृत किया गया है। फिर भी, इन्फ्लुएंसर्स मार्केटिंग के बढ़ते ट्रैक्शन ने बड़ी संख्या में नवोदित और महत्वाकांक्षी इन्फ्लुएंसर्स को जन्म दिया है।


गौतम कहते हैं,

“ब्रांडों के संदर्भ में, हम पहले से ही फॉर्च्यून 500 की लिस्ट में शामिल प्यूमा, आइडिया सेल्युलर, कोलगेट, आदि जैसों को अपनी सर्विस दे रहे हैं, और भारत में जल्द ही आने वाले आगामी स्टार्टअप जैसे ओयो रूम्स, क्लब फैक्ट्री, और Alibaba.com को सर्विसे दे रहे हैं, हम भारत में प्रवेश करने वाले प्रत्येक ब्रांड के लिए एक स्थायी लेकिन सस्ते सलूशन बनाने की योजना बना रहे हैं।” 


(Edited by रविकांत पारीक )


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