बेंगलुरू से अपनी कंपनी शुरू करने वाले युवा, जो बेहद कम उम्र में बन बैठे अरबपति

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पिछले कुछ समय में देश में युवा अरबपतियों की संख्या बड़ी तेज़ी से बढ़ी है, इस सूची में बेंगलुरू का बड़ा योगदान है। खास बात ये है कि बेंगलुरु से शुरुआत करने वाले इन सभी अरबपतियों की उम्र 40 साल से कम है। अपने आइडिया को इरादों के साथ आगे बढ़ाते हुए इन सभी ने देश में स्टार्टअप के उज्ज्वल भविष्य को पुख्ता किया है।

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देश के सबसे युवा अरबपति

भारत की सिलिकन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरू का स्टार्टअप कल्चर काफी पहले से देश को एक नई दिशा देता आया है। बेहतरीन आइडिया के साथ देश की कई बड़ी कंपनियाँ बंगलुरु में ही शुरू हुईं और बाद में उन्होने भारत समेत विश्व के तमाम देशों में अपनी पकड़ बनाई। आज बेंगलुरु में बड़ी तेज़ी से नए स्टार्ट अप शुरू हो रहे हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती प्रदान करने का काम कर रहे हैं।


इनमें से कुछ स्टार्ट अप आज यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन चुके हैं। यहाँ स्टार्ट अप की दुनिया में कदम रखने वाले बहुत सारे युवा चेहरे ऐसे भी हैं, जिन्होने अपने बेहतरीन आइडिया को न सिर्फ एक कंपनी की शक्ल दी, बल्कि बेहद कम समय में ही खुद भी अरबपति बने।


इन सभी सफल युवा आंत्रप्रेन्योर ने जो ठाना उसे पूरा किया। हम आपको ऐसे ही कुछ सफल आंत्रप्रेन्योर के बारे में बता रहे हैं, जिन्होन बेहद कम समय में देश के युवा अरबपतियों की सूची में अपनी जगह बनाई है।

नितिन कामथ

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नितिन कामथ, ज़ेरोधा के फाउंडर और CEO

बेंगलुरु के इन अरबपतियों की लिस्ट में नितिन कामथ का नाम आता है। नितिन ने साल 2010 में स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी ज़ेरोधा की शुरुआत की थी। आज इस कंपनी का भारतीय स्टॉक ब्रोकिंग सेक्टर में करीब 15 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। ज़ेरोधा के साथ आज करीब 15 लाख से भी अधिक सक्रिय ग्राहक जुड़े हुए हैं


अपने कॉलेज के दिनों से ही शेयर ब्रोकिंग शुरू करने वाले नितिन महज 39 साल की उम्र में आज करीब 66 सौ करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। गौरतलब है कि नितिन ने ज़ेरोधा शुरू करने से पहले कॉल सेंटर में भी काम किया है।

सचिन बंसल और बिन्नी बंसल

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सचिन बंसल और बिन्नी बंसल, फ्लिपकार्ट के संस्थापक

भारत में स्टार्ट अप क्षेत्र के पोस्टर बॉय बन चुके सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने अमेज़न जैसी कंपनी में अपनी बेहतरीन नौकरी छोड़कर भारत की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनी बनने वाली फ्लिपकार्ट की शुरुआत की।


पिछले साल जब वालमार्ट ने फ्लिपकार्ट के 77 प्रतिशत शेयर 16 अरब डॉलर में खरीदे, तब सचिन बंसल ने अपने हिस्से के फ्लिपकार्ट के करीब 6 प्रतिशत शेयर भी बेंचे। इन शेयर की कीमत करीब 1 अरब डॉलर के आस-पास आँकी गई, वहीं बिन्नी के पास 8 सौ मिलियन डॉलर कीमत के शेयर आँके गए थे। बंसल अब नए स्टार्ट अप में पैसे लगा रहे हैं।

रविन्द्रन बायजू

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रविन्द्रन बायजू, बायजूस के संस्थापक

ऑनलाइन एजुकेशन ऐप बायजूस की शुरुआत करने करने वाले रविन्द्रन बायजू भी बेंगलुरु के युवा अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हैं। रविन्द्रन की कुल संपत्ति 36 सौ करोड़ रुपये के आस-पास आँकी गई थी। गौरतलब है कि बायजूस की पैरेंट कंपनी ‘थिंक एंड लर्न’ का मूल्य इसी साल 5.5 अरब डॉलर आँका गया था।


38 साल के रविन्द्रन की बायजूस में 21 फीसदी हिस्सेदारी है। हाल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार रविन्द्रन ने कुल संपत्ति के मामले में देश के दिग्गज कारोबारी आनंद महिंद्रा और संजीव गोयनका को भी पीछे छोड़ दिया था।




भावेश अग्रवाल और अंकित भाटी

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भाविश अग्रवाल और अंकित भाटी, ओला के संस्थापक

ओला के को-फाउंडर भाविश अग्रवाल की कुल संपत्ति 31 सौ करोड़ रुपये के आस-पास आँकी गई है। 34 साल के भावेश ने साल 2011 में ओला की शुरुआत की थी।


इसी के साथ इस लिस्ट में अंकित भाटी का भी नाम शामिल है। भाविश के साथ मिलकर रुपये की शुरूआत करने वाले अंकित कंपनी के सीटीओ भी है। साल 2011 में आईआईटी बॉम्बे से डुअल डिग्री करने वाले अंकित की कुल संपत्ति 14 सौ करोड़ रुपये के आस-पास है।

श्रीहर्ष मजेटी

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श्रीहर्ष मजेटी, स्वीग्गी के संस्थापक

खाना डिलीवर करने वाली जानी-मानी कंपनी स्विग्गी के संस्थापक श्रीहर्ष मजेटी की संपत्ति हाल ही में 14 सौ करोड़ रुपये आँकी गई थी। गौरतलब है कि स्वीग्गी की शुरुआत लॉजिस्टिक संबंधी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से हुई थी, लेकिन जल्द ही इस कंपनी ने ऑनलाइन खाना डिलीवरी में अपना हाथ जमा लिया।

देविता सराफ़

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देविता सराफ़, फाउंडर, वीयू टेलिविजन

लिस्ट में शामिल देविता सराफ़ वीयू टेलिविजन की संस्थापक हैं। 38 साल की देविता 18 सौ करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन हैं। देविता ने वीयू की शुरुआत साल 2006 में की थी।


देविता की कंपनी अभी 150 मिलियन डॉलर का राजस्व उठा रही है। गौरतलब है कि देविता ने महज 24 साल की उम्र में इस कंपनी की स्थापना की थी।




दीपिंदर गोयल

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दीपिंदर गोयल, को-फाउंडर, ज़ोमैटो

लिस्ट में जोमैटो के सह संस्थापक दीपिंदर गोयल का भी नाम शामिल है। 36 साल के दीपिंदर की कुल संपत्ति 19 सौ करोड़ रुपये के आस-पास आँकी गई है। दीपिंदर ने साल 2008 में पंकज चड्ढा के साथ मिलकर जोमैटो की शुरुआत की थी।

आमोद मालवीय, वैभव गुप्ता और सुजीत कुमार

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उड़ान के को-फाउंडर, (दायें से) सुजीत कुमार, आमोद मालवीय और वैभव गुप्ता

बी टू बी कॉमर्स कंपनी उड़ान की शुरुआत करने वाले आमोद, वैभव और सुजीत कुमार भी अपनी अरबों की संपत्ति के साथ इस लिस्ट में शामिल हैं। 38 साल के आमोद की संपत्ति जहां 35 सौ करोड़ रुपये आँकी गई है, वहीं वैभव और सुजीत की कुल संपत्ति भी 35 सौ करोड़ रुपये के करीब है।


उड़ान कंपनी का कुल मूल्य आज करीब 3 अरब डॉलर है। उड़ान आज 900 से अधिक शहरों के छोटे व्यापारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

रितेश अग्रवाल

Ritesh Agrawal

रितेश अग्रवाल, ओयो के फाउंडर

भारत के स्टार्ट अप क्षेत्र में सबसे कम उम्र में इन ऊंचाइयों को छूने वाले लोगों में सबसे बड़ा नाम रितेश अग्रवाल है। ओयो रूम्स की शुरुआत करने वाले 25 साल के रितेश अग्रवाल की कुल संपत्ति 75 सौ करोड़ रुपये के करीब है।


रितेश ने साल 2013 में ओयो रूम्स की शुरुआत की थी। ओयो को साल 2019 में सॉफ्टबैंक से 1.5 बिलियन डॉलर का निवेश मिला था।

दीपक गर्ग

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दीपक गर्ग, रिविगो के सह-संस्थापक

लिस्ट में शामिल दीपक गर्ग लॉजिस्टिक कंपनी रिविगो के सह-संस्थापक हैं। 38 साल के दीपक की संपत्ति 28 सौ करोड़ है। दीपक ने आईआईटी कानपुर से बीटेक और आईआईएम लखनऊ से एमबीए की डिग्री हासिल की है।


दीपक ने गज़ल कालरा के साथ मिलकर साल 2014 में रिविगो की स्थापना की थी।


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