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Startups fight COVID-19: महामारी में लोगों को घर का खाना खिलाने में मदद कर रहा है मुंबई का यह फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म

लोकल किचन एक फूड डिलीवरी स्टार्टअप है, जो घर पर बने फूड की डिलीवरी करता है। इस स्टार्टअप को संस्थापकों ने अपना पैसा लगाकर शुरू किया है। इसका उद्देश्य इस महामारी के दौरान शहर में रहने वाले सभी लोगों को घर पर बना किफायती और स्वच्छ भोजन मुहैया कराने का है।

Startups fight COVID-19: महामारी में लोगों को घर का खाना खिलाने में मदद कर रहा है मुंबई का यह फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म

Wednesday May 12, 2021 , 7 min Read

जब महामारी आई, तब कुछ अलग खाने के लिए बस फूड डिलीवरी ही इकलौता विकल्प बच गया। हालांकि, रेस्टोरेंट्स के भोजन को लेकर हमेशा साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर हमेशा आशंका बनी रहती हैं। वहीं दूसरी ओर होम शेफ को इस मामले में अधिक विश्वसनीय माना जाता है।


29 वर्षीय रोहित गवली ने ध्यान दिया कि घर में बने भोजन की मांग बढ़ रही है। ऐसे में उन्होंने अपने बचपन के दोस्त रोहित मात्रे (28 वर्ष) के साथ मिलकर 'लोकल किचन (Lokal Kitchen)' को लॉन्च करने का फैसला किया। गवली ने इससे पहले जहां ट्रिपएडवाइजर और बोस्टन एचक्यू जैसी कंपनी के साथ काम कर चुके हैं। वहीं मात्रे इससे पहले रेडिसन ब्लू के साथ काम करते थे। दोनों ने इस साल जनवरी में इस ब्रांड को मुंबई से लॉन्च किया। यह प्लेटफॉर्म होम शेफ द्वारा घर पर बनाए पकवानों की डिलीवरी करता है। इनका लोगो भी बताता है, जो है 'घर से घर तक'


रोहित गवली ने बताया, “हमने इसकी शुरुआत कुछ होम शेफों को जोड़कर और फिर दोस्तों व परिवार के बीच उनके फूड की मार्केटिंग करके की और उन्हें यह बहुत अच्छा लगा। इसके अलावा, आर्थिक संकट के चलते लोगों को आय के एक अतिरिक्त स्रोत की भी जरूरत थी। फूड ऐसी चीज है, जिसे वे रोज बनाते थे, तो आखिर इससे फिर कुछ पैसे क्यों न बनाए जाएं।”

फायदे वाली स्थिति

रोहित ने बताया, "मैं प्रतिभाशाली होम शेफ, विशेष रूप से गृहिणियों को अपनी क्षमता और प्रतिभा दिखाने का न केवल एक मंच प्रदान करना चाहता था, बल्कि उन्हें अपने 'घर-आधारित व्यवसाय' को विकसित करने का अवसर भी प्रदान करना चाहता था।"


वह कहते हैं कि उनका प्लेटफॉर्म बिल्कुल सही समय पर शुरू हुआ हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर महामारी की दूसरी लहर को देखें, तो इसने बहुत से लोगों को बीमारी के कारण या फिर लॉकडाउन के कारण घरों में कैद कर दिया है। ऐसे में खाने या कहें कि स्वाद में बदलाव के लिए तरसते रहते हैं। टीम ने सप्ताह-दर-सप्ताह 30 प्रतिशत वृद्धि देखी है।

लोकल किचन सामाजिक कार्यों के लिए भी योगदान देती है। इसने हर रविवार को अस्पतालों के बाहर लाइन में लगे लोगों को भोजन दान करने की पहल की है। ये अपनी आमदनी का एक हिस्सा जरूरतमंदों को मुफ्त में भोजन देने में खर्च करते हैं।

रोहित कहते हैं, "हमें काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और बहुत से होम शेफ हमसे जुड़ने के लिए उत्सुक है। हालांकि हमारे सामने इकलौती समस्या उन इलाकों में डिलीवरी पार्टनर ढूंढने की है। हम इस समस्या के हल के लिए एक छोटे साइज के स्थानीय बिजनेस से पार्टनरशिप करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उनके बिजनेस को भी बढ़ावा मिले।"

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यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि लोकल किचन देश भर के होम शेफ को अपने साथ जोड़ना चाहती है और 'वोकल फॉर लोकल' कल्चर को बढ़ावा देना चाहती है। लेकिन इस राह में उनके सामने कई चुनौतियां भी हैं।

चुनौतियां

इनके पास दो दो सबसे बड़ी चुनौती है, उसमें हर खास इलाके में विश्वसनीय होम शेफ को खोजना है, जो बहुत तरह के विकल्प मुहैया करा सकें। दूसरी बड़ी चुनौती बाजार में इस उत्पाद का कम चलन है। घर में बने पकवानों की होम डिलीवरी अपने आप में काफी नया विकल्प है और उसमें में भी अब एक खास ऐप के जरिए इस सुविधा को देना और भी नया है।


रोहित कहते हैं, “हमने शुरू में प्रयोग के तौर पर दोस्तों और परिवार के सदस्यों को ही ऑर्डर डिलीवर किए और उन्हें भोजन काफी पसंद आया। इसने हमें इस आइडिया को एक बिजनेस मॉडल के रूप में बदलने के लिए मजबूर किया। हमने अभी तक 100 से अधिक होम शेफ के साथ पार्टनरशिप की है, जो 30 से अधिक स्थानीय पकवानों को बनाते हैं। हमारा परिवार लगातार बढ़ रहा है। हम उन होम शेफ को उद्यम के अवसर मुहैया कराने पर भी फोकस कर रहे हैं, जो पारंपरिक और ऑथेंटिक खाने को लेकर जुनून रखते हैं, लेकिन उनके पास रेस्टोरेंट या क्लाउड किचन खोलने के लिए पैसे नहीं है।"

होम शेफ की मदद करना

रोहित कहते हैं, "हम डिलीवरी और रॉ मैटेरियल से जुड़ा सारा काम देखते हुए होम शेफ को एक अच्छा माहौल देने की कोशिश करते हैं, ताकि वे अपना सारा ध्यान पकवानों को शानदार बनाने में लगा सकें। हमने एक नई सेवा शुरू की है जिसे फ्रेश फ्लीट कहा जाता है। यह स्थानीय वेंडरों से ताजा किराने का सामान और मांस की आपूर्ति प्रदान करता है। इस तरह हम स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने के अपने उद्देश्य को भी पूरा करते हैं।”


स्टार्टअप की युवा कस्टम सक्सेस टीम, ग्राहकों के अनुभवों को रिकॉर्ड करने पर खास जोर देती है। लोकल किचन की वेबसाइट के मुकाबले लोकल किचन ऐप पर यह जोर अधिक है। कंपनी एक सदस्यता सेवा भी देती है, जिसके तहत लोग एक महीने में 10, 15 या 30 मील को सब्सक्राइब कर सकते हैं। साथ ही वह किसी एक टिफिन सर्विस के साथ चिपके रहने की जगह, यहां होम सेफ के उपलब्ध तमाम विकल्प से प्री-ऑर्डर कर सकते हैं। एक ऑर्डर की औसत कीमत रुपये है।

यह कैसे काम करता है

एक बार होम शेफ की पहचान हो जाने के बाद, लोकल किचन की टीम उनके सबसे अच्छे व्यंजनों के नमूनों का मूल्यांकन करती है, उनकी रसोई की स्वच्छता मानकों पर जांच करती है और उसके बाद ही उन्हें पंजीकरण की सुविधा प्रदान करती है।


परिवार के लोग या फिर ऑफिस वाले डिलीवरी विकल्प के रूप में ऑन-डिमांड या प्री-ऑर्डर में से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। 


इसका टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म होम शेफ के फोन-आधारित एप्लिकेशन के साथ वेब और मोबाइल उपभोक्ताओं को एकीकृत करके फूड ऑर्डर और डिलीवरी का अनुकूलन करता है। ऑर्डर मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स पार्टनर का अनुकूलन इसके डिलीवरी राइडर फोन सॉफ्टवेयर के जरिए किया जाता है।

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स्विगी और दूसरे ऐप की तरह लोकल किचन भी अपने ग्राहकों को ऑन-डिमांड और प्री-ऑर्डर के लिए बहुत सारे विकल्प मुहैया कराती है। कंपनी का मोबाइल ऐप विकल्पों की लिस्ट मुहैया कराती है, जो ग्राहक के घर के कुछ दूरी के भीतर घर पर बने ताजा पकवान देते हैं। ऐप ग्राहक के सर्च और ऑर्डर हिस्ट्री के आधार पर उसे 'फूड सजेशन' भी देती है और साथ ही उन्हें अतिरिक्त कूपन भी मुहैया कराया जाता है।


जहां तक होम शेफ की बात है तो, एक बार कंपनी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन होने के बाद शेफ-सपोर्ट टीम उनसे संपर्क कर बाकी जरूरी दस्तावेजों को पूरा करने में मदद करती है। इसके बाद उन्हें बिना किसी शुल्क के कंपनी के प्लेटफॉर्म पर जोड़ दिया जाता है। फूड उत्पादकता, स्वच्छता, पैकेजिंग, फास्ट डिस्पैच आदि से जुड़े मसलों पर कंपनी होम शेफ को भी ट्रेनिंग भी देती है।

बाजार और भविष्य

रेडसीर की एक रिपोर्ट के अनुसार फूड डिलीवरी मार्केट का अनुमानित मूल्य 36 अरब डॉलर है। महामारी आने के बाद से टेकअवे और फूड डिलीवरी में करीब 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस सेक्टर की कुछ अहम कंपनियों में स्विगी, जोमैटो, डंजो, जूलीज किचन, बायहोममेड आदि शामिल हैं।


रोहित कहते हैं, “पहले कुछ हफ्तों के दौरान एक दिन में हमें औसतन 10-15 ऑर्डर मिलते थे। हम इसके बहुत जल्द बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। मौजूदा स्थिति को देखकर भविष्य के लिए तैयारी करना देख कभी साइंस फिक्शन फिल्मों की तरह लगता है, लेकिन यहां अंतर यह है कि यह बिल्कुल वास्तविक है। वे कारोबार, जो हमेशा समय के मुताबिक बदलते रहते हैं, उनके लंबे तक बने रहने और फलने-फूलने की संभावना अधिक रहती है। मैं 2021 का अधिकतम फायदा बनना चाहता हूं और इसका मतलब यह है कि हमें कर्व से आगे रहना है। हम इसके लिए मानसिक रूप से तैयार हैं।"


भविष्य की योजनाओं के बारे में, रोहित कहते हैं, “लोकल किचन एक घरेलू ब्रांड बनने जा रहा है, जो घर के बने भोजन को बढ़ावा देता है और खाना पकाने का शौक रखने वालों के लिए एक अवसर प्रदान करता है। खासतौर पर उन्हें, जिनके पास रेस्टोरेंट खोलने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है। हम होममेड स्नैक्स और मिठाइयां भी बेचने की तैयारी कर रहे हैं और निकट भविष्य में उपयोगी उत्पाद बनाने के बारे में भी सोच रहे है।”