पहले ख्यालों को दी आवाज, अब बड़े पर्दे पर आने की है तैयारी, जानिए कहानीकार सुधांशु राय की कहानी

By Anuj Maurya
August 16, 2022, Updated on : Wed Sep 07 2022 05:44:39 GMT+0000
पहले ख्यालों को दी आवाज, अब बड़े पर्दे पर आने की है तैयारी, जानिए कहानीकार सुधांशु राय की कहानी
सुधांशु राय ने अपने करियर की शुरुआत तो एक कहानीकार की तरह की, लेकिन फिर डायरेक्शन भी करने लगे. अब तो वह एक्टिंग भी कर रहे हैं और जल्द ही फिल्म बनाने की तैयारी में हैं.
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एक गांव में घूमता छोटा सा बच्चा, जो हर छोटी-बड़ी चीज को अच्छे से ऑब्जर्व करता है. वह जो कुछ भी देखता है, वो तस्वीर मानो उसके ख्यालों में छप सी जाती है. ये बच्चा अपनी जिंदगी भर की यादें सहेजता जाता है और एक दिन पहुंच जाता है देश की राजधानी दिल्ली. यहां पहले वो अपने ख्यालों को आवाज देता है और फिर उन्हे पर्दे पर उकेरना शुरू कर देता है. ये कहानी है कहानीकार सुधांशु राय की, जो अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस Saints Art भी शुरू कर चुके हैं.


प्रोडक्शन हाउस Saints Art के जरिए कहानीकार सुधांशु राय ने चायपत्ती (Chaipatti) जैसी हॉरर कॉमेडी शॉर्ट फिल्म बनाई, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया. इसके जरिए उन्होंने एक डिटेक्टिव वेब सीरीज डिडेक्टिव बूमरा (Detective Boomrah) भी बनाई है, जिसे कई ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जा चुका है. लोकप्रिय कहानीकार सुधांशु राय इस प्रोडक्शन हाउस की मदद से अब तक 100 से भी ज्यादा कहानियां तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी कर चुके हैं. जल्द ही 'चिंतामणि' हॉरर कॉमेडी भी लॉन्च होने वाली है. इतना ही नहीं, उनका प्रोडक्शन हाउस सैंट्स आर्ट एक फीचर फिल्म लाने की तैयारी भी कर रहा है.

कहानीकार की तरह शुरू किया करियर

सुधांशु राय आज की तारीख में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. उनकी शॉर्ट फिल्में और उनकी कहानियां लोगों को खूब पसंद आती हैं. 'कहानियां कहानीकार सुधांशु राय के साथ' नाम का उनका एक शो भी रेडियो (104.8 FM) पर आ चुका है. गोरखपुर में जन्मे सुधांशु राय ने अपने करियर की शुरुआत तो एक कहानीकार की तरह की, लेकिन आज की तारीख में वह डायरेक्टर भी हैं और एक्टर भी. सुधांशु राय ने अपने करियर की शुरुआत 2018 में कहानीकार सुधांशु राय नाम से एक यूट्यूटब चैनल बनाकर की.

कैसे शुरू हुई कहानीकार सुधांशु राय की कहानी

सुधांशु राय एक गांव में पैदा हुए, जिनके अंदर हर चीज को ऑब्जर्व करने की एक अनोखी ताकत सी थी. सब इसी तरह चलता रहा और धीरे-धीरे वह कॉलेज पहुंच गए. वहां उन्हें थिएटर ग्रुप मिला, जिससे उनके सपनों को मानो पंख लग गए. अपना पैशन फॉलो करते हुए वहां उन्होंने कहानियां लिखना शुरू किया और डायरेक्शन भी करने लगे. अपने बचपन के ख्यालों को उन्होंने एक कहानी में पिरोया और 'मंगू चित्रकार' की इमोशनल सी कहानी लिख डाली.


अधिकतर लोग सुधांशु राय को थ्रिलर, हॉरर और डिटेक्टिव कहानियों के लिए जानते हैं. कम ही लोगों को पता है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इमोशनल, लव स्टोरी और प्रेरणा देने वाली कहानियों से की थी. बाद में जब उन्हें लगा कि उन्हें दूसरों से कुछ अलग करना चाहिए तो वह हॉरर, थ्रिलर और डिटेक्टिव वाली कहानियां लिखने लगे. सुधांशु को जो भी अच्छा लगता है और उन्हें लगता है कि 10 लोग भी उसे पसंद करेंगे, तो वह उस पर कहानी बना देते हैं. डिजिटल इंडिया में ओटोटी प्लेटफॉर्म्स ने सुधांशु राय को तरक्की की सीढ़ियां चढ़ने में बहुत मदद की है.

शाहिद कपूर और तब्बू के फैन हैं सुधांशु

हर किसी का कोई न कोई फेवरेट एक्टर होता ही है. इसी तरह सुधांशु राय के फेवरेट एक्टर हैं शाहिद कपूर और तब्बू. सुधांशु कहते हैं कि वह आने वाले दिनों में अपनी फिल्मों या वेब सीरीज के लिए शाहिद कपूर और तब्बू को जरूर अप्रोच करेंगे. वह मानते हैं कि शाहिद कपूर थ्रिलर और डिटेक्टिव कहानियों पर बहुत अच्छा काम कर सकते हैं, लेकिन अभी तक उन्हें ऐसा कोई मौका नहीं मिला है. इस सफलता को हासिल करने में सुधांशु राय अपने दोस्त अनंत राय और पुनीत शर्मा का अहम योगदान मानते हैं, जिनकी मदद से उन्हें एक अच्छी टीम मिली है. ये टीम ही होती है, जिसकी मदद से एक प्रोडक्शन हाउस लोगों को बेहतरीन कंटेंट मुहैया करा पाता है. देखना दिलचस्प रहेगा कि कब तक सुधांशु के प्रोडक्शन हाउस में बनी फीचर फिल्म आती है और उसे लोगों का कैसा रेस्पॉन्स मिलता है.