ये 3 तरह के लोग गलती से भी ना लगाएं म्यूचुअल फंड में पैसे, फायदा होना तो दूर की बात है, उल्टा पछताना पड़ेगा

म्यूचुअल फंड में निवेश की राय तो आपको बहुत से लोग देते होंगे, लेकिन ये बात कोई नहीं बताएगा. 3 तरह के लोगों को म्यूचुअल फंड में पैसे कभी नहीं लगाने चाहिए. ऐसे लोग म्यूचुअल फंड में पैसे लगाकर बहुत पछताते हैं.

ये 3 तरह के लोग गलती से भी ना लगाएं म्यूचुअल फंड में पैसे, फायदा होना तो दूर की बात है, उल्टा पछताना पड़ेगा

Saturday October 08, 2022,

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म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) के बारे में तो हम सभी जानते हैं, लेकिन अधिकतर लोग इसे ठीक से समझते नहीं हैं. म्यूचुअल फंड एक ऐसा फंड होता है, जिसे एएमसी (AMC) यानी असेट मैनेजमेंट कंपनियां ऑपरेट करती हैं. यह फंड बहुत सारे लोगों के पैसों से मिलकर बना होता है. एएमसी इन पैसों को थोड़ा-थोड़ा करके निवेश (Investment) करती हैं और निवेश करने के दौरान यह ध्यान रखती हैं कि पैसे सुरक्षित तरीके से निवेश हों. यह कंपनियां निवेशकों के पैसों को सोच-समझकर पूरी रिसर्च के बाद कहीं निवेश करती हैं. इन पैसों को शेयर बाजार में भी लगाया जाता है और सोने में भी लगाया जाता है. जो भी रिटर्न मिलता है, उसे निवेशकों में उनके शेयरों की हिस्सेदारी के हिसाब से बांट दिया जाता है.

म्यूचुअल फंड की अच्छी बात ये है इसमें आप सिर्फ 500 या 1000 रुपये से भी निवेश शुरू कर सकते हैं. हालांकि, इसमें निवेश से पहले आपको ये समझना होगा कि यह बैंक एफडी जैसा नहीं है, जिसमें पैसों पर गारंटी के साथ रिटर्न मिले. म्यूचुअल फंड का रिटर्न कम-ज्यादा हो सकता है. तीन तरह के लोगों को म्यूचुअल फंड में पैसे नहीं लगाने चाहिए. आइए जानते हैं इनके बारे में.

1- जिन्हें एक्स्ट्रा चार्ज देना पसंद नहीं

म्यूचुअल फंड को संभालने के लिए आपको अपने निवेश में से एक एक्सपेंस रेश्यो का चार्ज चुकाना पड़ता है. एसेट मैनेजमेंट कंपनियां फंड डिस्ट्रिब्यूशन और मार्केटिंग का खर्च उठाती हैं. इतना ही नहीं, यह कंपनियां ट्रांसफर कस्टोडियन, लीगल और ऑडिटिंग का खर्च भी उठाती हैं. ये सारे ही खर्चे म्यूचुअल फंड खरीदने वाले निवेशकों से वसूले जाते हैं. एक्सपेंस रेश्यो एक ही बार में नहीं वसूले जाते हैं, फंड हाउस हर दिन के खर्चों को जोड़कर डेली बेसिस के हिसाब से खर्च निकालते हैं. जो इन खर्चों को नहीं चुकाना चाहते, उन्हें म्यूचुअल फंड से दूर ही रहना चाहिए.

2- जिन्हें लंबी अवधि के निवेश पंसद ना हों

अगर आप उन लोगों में से हैं, जिन्हें अपने निवेश पर जल्दी रिटर्न चाहिए होता है, तो म्यूचुअल फंड आपके लिए नहीं है. अधिकतर मामलों में विशेषज्ञ मानते हैं कि म्यूचुअल फंड में फायदा तभी है, जब लंबे वक्त के लिए पैसे लगाए जाएं. वहीं म्यूचुअल फंड में एक लॉक-इन पीरियड भी होता है. तो अगर आपको लंबे वक्त के लिए पैसे निवेश करना पसंद नहीं है तो म्यूचुअल फंड आपके लिए बिल्कुल नहीं है.

3- जो टैक्स नहीं देना चाहते

अगर आप पीपीएफ या एनपीएस जैसी योजनाओं में निवेश करते हैं तो आपको टैक्स में छूट मिलती है. वहीं अगर आप म्यूचुअल फंड में पैसे लगाते हैं तो आपको टैक्स छूट नहीं मिलती है. म्यूचुअल फंड के रिटर्न पर भी आपको टैक्स चुकाना होता है. इसकी वजह से आपका नेट मुनाफा घट जाता है. ऐसे में अगर आप टैक्स नहीं चुकाना चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड से मुनाफा कमाने की ना सोचें, अपने पैसे कहीं और निवेश करें.