आधुनिक तकनीक के सहारे खेती करते हुए महज कुछ ही सालों में करोड़पति बना गया ये किसान

By शोभित शील
February 14, 2022, Updated on : Mon Feb 14 2022 09:29:04 GMT+0000
आधुनिक तकनीक के सहारे खेती करते हुए महज कुछ ही सालों में करोड़पति बना गया ये किसान
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कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तरीकों और नई तकनीक की मदद लेकर आज देश भर में तमाम किसान अपनी आय को कई गुना तक बढ़ाने में सक्षम हुए हैं। उन्नत तकनीक और विशेषज्ञों से मिली मदद के जरिये किसान ना सिर्फ अपनी फसल की उपज को बढ़ा रहे हैं, बल्कि इसी के साथ वे अन्य किसानों के लिए प्रेरणाश्रोत भी बन रहे हैं। ऐसे ही एक किसान महाराष्ट्र के महादेव सरोदे भी हैं।


महादेव महाराष्ट्र के वाशिम के एक गाँव के रहने वाले हैं और अपनी खेती के दम पर वो आज हर साल करोड़ों रुपये की कमाई कर रहे हैं। आज अपनी 50 एकड़ कृषि योग्य भूमि के जरिये बड़ा मुनाफा अर्जित करने वाले महादेव के अनुसार, फलों से मिलने वाले कुल राजस्व का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा शुद्ध लाभ होता है।


हालांकि यह सब उनके लिए पहले से ही मौजूद था, ऐसा नहीं है। महादेव के परिवार के सदस्य पहले अपने ही गाँव के खेतों में मजदूरी का काम किया करते थे। महादेव भी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेतों में काम किया करते थे, फिर उन्हे अपनी पढ़ाई के लिए मुंबई जाने का मौका मिला। मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स से अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले महादेव के मन में हमेशा से ही बड़े स्तर पर खेती करने का विचार था।

पेशे से हैं इंटीरियर डिजाइनर

फिलहाल मुंबई में रहने वाले महादेव यूं तो पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं और वे साल 2008 से आधुनिक ढंग से खेती कर रहे हैं। मीडिया से बातचीत में महादेव ने बताया है कि उनके कॉलेज के दिनों में उनके साथ हॉस्टल में रह रहे उनके कुछ दोस्त नासिक और सतारा से थे और वे खुद उन दोस्तों के साथ उनके घर जाकर उनके खेतों को देखा करते थे।


महादेव ने खेती से जुड़े अपने इस काम की शुरुआत थोड़ी जमीन खरीदकर उसमें संतरे के पेड़ लगाने से की थी, हालांकि उनकी किसानी का यह सिलसिला इसके बाद तेजी से आगे बढ़ा और आज उनके बगीचे में करीब 6 हज़ार संतरे के पेड़ मौजूद हैं। इसके बाद महादेव कभी नहीं रुके और उन्होने साल 2018 में अपने बगीचे में नीबू, मौसमी और अंगूर की खेती भी शुरू कर दी। आज अंगूर की खेती भी उन्हें अच्छा खासा लाभ दे रही है।

लेते हैं विशेषज्ञों की राय

मुंबई में रहने वाले महादेव महीने में दो से तीन बार अपने गाँव आकर अपने इन बगीचों का दौरा करते हैं। महादेव के अनुसार, ऐसा नहीं है कि उन्हे हर बार सफलता ही हासिल हुई है, कई बार ऐसा भी हुआ है कि उनके पहले प्रयास में उनकी फसल से अच्छी पैदावार हासिल नहीं हुई है, लेकिन इसके बाद उन्होने विशेषज्ञ से राय ली और तब आगे के निर्णय लिए हैं। आज उनके बगीचे की देखरेख के लिए दो मैनेजर और 5-6 किसान भी उनके साथ काम करते हैं।


अपनी फसल को बेहतर बनाए रखने के लिए महादेव कृषि विशेषज्ञों के लगातार संपर्क में रहते हैं और उसी हिसाब से योजना भी तैयार करते हैं। इसी के साथ महादेव अन्य किसानों की मदद के लिए तमाम व्हाट्सऐप ग्रुप का भी हिस्सा हैं।


Edited by Ranjana Tripathi