ब्लू-कॉलर वर्कफोर्स को नौकरी दिलाने के लिए काम कर रहा है यह जॉब स्टार्टअप, जानिए कैसे करता है काम

By Sindhu Kashyaap
August 19, 2021, Updated on : Thu Aug 19 2021 07:39:49 GMT+0000
ब्लू-कॉलर वर्कफोर्स को नौकरी दिलाने के लिए काम कर रहा है यह जॉब स्टार्टअप, जानिए कैसे करता है काम
दिल्ली-एनसीआर में 2020 में स्थापित, प्रगति जॉब्स (Pragati Jobs) ब्लू/ग्रे कॉलर (बीजीसी) मार्केट के उद्देश्य से एक फुलफिलमेंट-ओरिएंटेड जॉब स्टार्टअप है।
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

स्टार्टअप की स्थापना 2020 में दिल्ली-एनसीआर में हुई थी। बता दें कि ब्लू-कॉलर जॉब शारीरिक श्रम वाली नौकरियों को कहते हैं। इस शब्द का इस्तेमाल ऐसे श्रमिक वर्ग के लिए किया जाता है, जो एक संगठन के लिए शारीरिक श्रम करते हैं और प्रति घंटे या दिन के आधार पर मजदूरी प्राप्त करते हैं।

k

प्रगति जॉब्स टीम

नौकरी, शाइन और मॉन्स्टर जैसे कई ऑनलाइन रिक्रूटमेंट प्लेटफार्मों की उपस्थिति के बावजूद, अंबरीश बजाज ने महसूस किया कि एंट्री लेवल के कर्मचारियों को काम पर रखना अभी भी एक चुनौती है। यह एक ऐसा मुद्दा था जिससे उनके कई स्टार्टअप संस्थापक मित्र भी अच्छी तरह से परिचित थे। 


अंबरीश बताते हैं, “वे (दोस्त) कहते थे कि उन्हें जॉब पोर्टल्स से बहुत सारे बेतुके सीवी मिलते हैं, जिससे समय की बड़ी बर्बादी होती थी क्योंकि ज्यादातर हायरिंग वास्तव में उसके माध्यम से कभी हो ही नहीं पाती थी। दूसरी ओर, एचटी में अपनी पिछली नौकरी में, हमने 3000 फील्ड सेल्स अधिकारियों के लिए एक मोबाइल आधारित वर्कफोर्स मैनेजमेंट सिस्टम का निर्माण किया था। उस मार्केट के लिए प्रोडक्ट्स के निर्माण ने मुझे कैंडिडेट और एंप्लॉयर दोनों के दृष्टिकोण से इस स्तर के कर्मचारियों की चुनौतियों का प्रत्यक्ष अनुभव दिया।” 


एचटी में अपनी नौकरी छोड़कर, अंबरीश ने ब्लू-कॉलर स्पेस में कुछ करने का फैसला किया। उन्होंने प्रगति जॉब्स लॉन्च किया, जो ब्लू/ग्रे कॉलर (बीजीसी) बाजार के उद्देश्य से एक पूर्ति-उन्मुख (फुलफिलमेंट-ओरिएंटेड) जॉब प्लेटफॉर्म है। स्टार्टअप की स्थापना 2020 में दिल्ली-एनसीआर में हुई थी। बता दें कि ब्लू-कॉलर जॉब शारीरिक श्रम वाली नौकरियों को कहते हैं। इस शब्द का इस्तेमाल ऐसे श्रमिक वर्ग के लिए किया जाता है, जो एक संगठन के लिए शारीरिक श्रम करते हैं और प्रति घंटे या दिन के आधार पर मजदूरी प्राप्त करते हैं। 

उत्पाद का निर्माण

पहले कुछ महीनों के लिए, अंबरीश ने 200 विभिन्न नौकरी चाहने वालों और इस श्रेणी के लगभग 50 नियोक्ताओं से बात की, जिससे उन्हें यह महसूस हुआ कि ऑनलाइन या ऑफलाइन नौकरियों के पारिस्थितिकी तंत्र में भरोसे और विश्वास की भारी कमी थी।


अंततः, लोग नौकरी पाने के लिए दोस्तों या कंसल्टेंसी (जो चार्ज करते हैं) की मदद लेते हैं, जोकि हमेशा उनके लिए सबसे अच्छा निर्णय साबित नहीं हो पाता। यह बताते हुए कि उन्होंने कैसे शुरुआत की, अंबरीश कहते हैं, 

“मैंने नवंबर 2019 में नोएडा में एंट्री लेवल की नौकरियों के लिए एक जॉब फेयर का दौरा किया। कंपनियों और नौकरी चाहने वालों की भारी भीड़ थी। लेकिन पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में मौजूद प्रक्रिया में अक्षमताओं के कारण, उस दिन नौकरी के उस मेले में आए 1000+ में से 50 से कम लोगों को काम पर रखा गया था। हमें इसमें सुधार करना था। यह हमारा यूरेका मूमेंट था!"


वे कहते हैं, "ब्लू कॉलर जॉब्स और वर्कफोर्स के लिए कोई नौकरी नहीं थी, और हम उम्मीदवारों और कंपनियों दोनों के लिए एक विश्वसनीय और भरोसेमंद जॉब प्लेटफॉर्म बनाने के लिए निकल पड़े। प्रगति जॉब्स का आइडिया जन्म ले चुका था, और हमने इस पर काम करना शुरू कर दिया।"


वर्तमान टीम का साइज 10 है। गौरव जैन, जो पहले पीडब्ल्यूसी के साथ थे, सह-संस्थापक के रूप में शामिल हुए।

महामारी का प्रभाव

वे कहते हैं, “हमने अपनी शुरुआत 2020 में महामारी के दौरान की थी। हमें लगभग एक महीने के लिए सिर्फ एक इंजीनियर मिला था, जिसने हमारे शुरुआती प्रोडक्ट की कुछ फीचर्स को बमुश्किल से कोड किया और फिर कोविड (मार्च 2020 में) ने तगड़ा झटका दिया। कोविड ने कई चुनौतियों का सामना कराया, लेकिन हमने उन्हें पार कीं।”

k

कोविड ने जो एक और चुनौती पेश की, वह कस्टमर सेगमेंटेशन की उनकी पसंद थी। दरअसल शुरुआती महीने उन्होंने रिटेल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए निर्माण में बिताए और यह एक ऐसा सेगमेंट था जिसने कोविड में कारोबार लगभग बंद कर दिया। टीम को दिशा बदलनी पड़ी।


वह कहते हैं, “हमने लॉजिस्टिक्स / डिलीवरी को चुना, और मुझे लगता है कि यह सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है जो हमने लिया। दूसरी लहर में भी, डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसने हमें स्थिर और आगे बढ़ाते रखा।”

उत्पाद की कार्यप्रणाली

उन्होंने अपना उत्पाद कैसे बनाया, इस बारे में बोलते हुए, उनका कहना है कि यह 5000+ उम्मीदवारों, 100+ नियोक्ताओं के साथ प्राथमिक बातचीत और ~200,000 यूजर्स डेटा प्वाइंट के विश्लेषण पर आधारित था।


उम्मीदवारों के लिए, प्रगति नौकरी पाने के लिए एक तेज और भरोसेमंद जगह है। वे नौकरी ढूंढते हैं, अपनी योग्यता और कौशल की जांच करते हैं, और यदि वे नौकरी के लिए योग्य हैं (स्क्रीनिंग लॉजिक तुरंत फीडबैक दे देता है), तो वे क्वालीफिकेशन के बाद सीधे एचआर से जुड़ जाते हैं।


योग्यता और कौशल के बारे में तत्काल फीडबैक के माध्यम से, टीम अगले चरणों के बारे में उम्मीदवारों के साथ पारदर्शी और तुरंत संवाद कर सकती है। उम्मीदवार या तो सफलतापूर्वक अगले चरणों में चले जाते हैं या उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता है, जिसके लिए टीम प्रतिक्रिया देती है, ताकि उम्मीदवार अंधेरे में न रहें और दूसरी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकें। 


वह बताते हैं, "नियोक्ताओं के लिए, हम 'सर्च, स्क्रीन और शेड्यूल' टैलेंट को हल करते हैं। एचआर इनबाउंड एप्लीकेंट्स को ऑटोमैटिकली फिल्टर करने के लिए प्री-कॉन्फिगर स्किल+एलिजिबिलिटी टेस्ट का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद हमारा प्लेटफॉर्म आगे चलकर एचआर को सबसे करीब की जगह पर इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को शेड्यूल करने में सक्षम बनाता है। यह एचआर के लिए समय बचाता है, और इंडस्ट्री के औसत (5-8X का फैक्टर) की तुलना में कन्वर्जन रेट में उल्लेखनीय रूप से सुधार हुआ है।"


कंपनियां जॉब पोस्टिंग साइट पर साइन-अप कर सकती हैं और जॉब पोस्ट कर सकती हैं। क्वालिटी और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जॉब को प्लेटफॉर्म पर लाइव करने से पहले हमारे द्वारा रिव्यू किया जाता है। प्रगति जॉब्स का जॉब मैच इंजन सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार अपने स्किल, स्थान और अन्य प्रोफाइल डेटा के आधार पर एक नई नौकरी के बारे में अलर्ट रहें।

k

टीम

अंबरीश कहते हैं, “हम अपने क्लाइंट के रिक्रूटर के साथ एक स्क्रीन किए गए कैंडिडेट को जोड़ने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। हमने व्हाट्सएप और फोन कॉल के माध्यम से 30,000 से अधिक ऐसे इंटरैक्शन को सक्षम किया है।” 

बाजार 

ब्लू-कॉलर वर्कफोर्स पर महामारी का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। ब्लू-कॉलर वर्कफोर्स मैनेजमेंट के लिए एक प्लेटफॉर्म, बेटरप्लेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चल रही महामारी के कारण 10 लाख से अधिक ब्लू-कॉलर नौकरियों के समाप्त होने का अनुमान है। 


स्पेस में कुछ और भी स्टार्टअप्स शामिल हैं जिनमें, बेटरप्लेस, जस्टरोजगर और स्पाई हैं। प्रगति जॉब्स के लॉन्च के नौ महीनों में, मासिक ट्रैफ़िक 30 गुना बढ़ा है। टीम अगले 12 महीनों में 40-50 गुना बढ़ने का लक्ष्य रखती है, और इसे समर्थन देने के लिए फंड की तलाश कर रही है।


अंबरीश कहते हैं, “बड़ी कंपनियों में, हमारा मुख्य वादा यह है कि हम उन्हें बड़े पैमाने और गुणवत्ता पर काम पर रखने में मदद कर सकते हैं। हम उम्मीदवारों के ऑटोमैटिक फिल्टरिंग और प्रोडक्ट के माध्यम से वॉक-इन शेड्यूल करके उनकी परिचालन संबंधी बाधाओं को भी कम करते हैं। हमने उनकी हायरिंग दर में 5-8X के अंतर से सुधार किया है। हम अपने ग्राहकों के लिए शीर्ष 1-2 कन्वर्जन चैनलों में हैं।”

रेवेन्यू मॉडल 

टीम दो मूल्य निर्धारण (प्राइसिंग) मॉडल को फॉलो करती है - प्रति परिणाम भुगतान (पीपीओ) और प्रति योग्य प्रतिक्रिया भुगतान (पीपीआर)। वैल्यू ऐड में लीड मैनेजमेंट सिस्टम, इंटरव्यू फीचर, एसएमएस अलर्ट शामिल हैं। अंबरीश कहते हैं कि वे पीपीओ पर ज्यादातर बड़ी कंपनियों और ईकॉमर्स प्लेयर्स के साथ और पीपीआर मॉडल पर गिग प्लेयर्स और एसएमबी के साथ काम करते हैं।


टीम को एंजेल निवेशकों के एक समूह द्वारा वित्त पोषित किया गया है जो वरिष्ठ एचआर पेशेवर हैं और उपभोक्ता इंटरनेट इंडस्ट्री जैसे हॉटस्टार, और मेकमाईट्रिप में सीनियर लीडर हैं। स्टार्टअप ने उत्पाद बनाने और पीओसी करवाने के लिए पिछले साल अगस्त में अपनी शुरुआती फंडिंग जुटाई थी।


अंबरीश कहते हैं, “हमने जो निवेश किया, उसका अधिकांश हिस्सा उत्पाद निर्माण में चला गया, और एक छोटा हिस्सा मार्केटिंग में चला गया। हम टेस्टिंग की एक सीरीज के माध्यम से आश्वस्त होना चाहते थे कि हमारा उत्पाद नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं की समस्याओं को हल कर रहा है या नहीं, और उसके बाद ही इसका विस्तार करें।”


टीम ने पिछले तीन महीनों में अधिग्रहण के ऑनलाइन चैनलों में निवेश करना शुरू कर दिया है, हालांकि करीब 60 प्रतिशत ट्रैफिक गूगल सर्च, सोशल, रेफरल, डायरेक्ट आदि जैसे नॉन-पेड चैनलों से आता है।

ग्राहक आधार और भविष्य

अंबरीश कहते हैं कि ग्राहक अधिग्रहण की लागत एक नियंत्रित मोड में रही है, और पिछले दो महीनों में, "हमारा रेवेन्यू वैरिएबल कॉस्ट (मार्केटिंग कॉस्ट) से अधिक है।" प्रगति जॉब्स अपने ब्लू कॉलर वर्कफोर्स की समस्याओं को हल करने के लिए फ्लिपकार्ट, स्विगी, जोमैटो, फार्मईजी, डंजो, शैडोफैक्स आदि सहित ई-कॉमर्स, मेडिसिन, डिलीवरी प्लेयर्स के साथ काम करती है।


अंबरीश कहते हैं, “हमारे पास कई छोटे ग्राहक भी हैं, जिनके पास शायद ही एचआर टीमें हैं। हमारे समाधान लगभग उनकी वर्चुअल रिक्रूटमेंट टीम के रूप में कार्य करते हैं। इतने सारे सीवी से गुजरने, 100 उम्मीदवारों को बुलाने और फिर वाक-इन की व्यवस्था करने का भारी भार लगभग समाप्त हो गया है। हमारा समाधान छोटी टीमों को रुचि रखने वाले और जांचे परखे उम्मीदवारों से बात करने देता है, ताकि वे केवल काम पर रखने की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर सकें, जबकि संचालन भाग को तकनीक पर छोड़ दें। छोटी कंपनियों के साथ, हमारा मुख्य अंतर यह है कि हम उनके लिए काम पर रखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण समय बचाते हैं, जबकि यह सुनिश्चित करते हैं कि वे केवल योग्य उम्मीदवारों से बात करें।”


टीम अब और अधिक कार्यक्षेत्र और अन्य ब्लू/ग्रे कॉलर कैटेगरीज को जोड़ने की योजना बना रही है। लक्षित ग्राहक ईकॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, फूड, फार्मा, डी2सी स्पेस में बड़े पैमाने पर नए युग के टेक स्टार्टअप होंगे।


वह कहते हैं, "इन सभी को सेल्स, मार्केटिंग, व्यापारी अधिग्रहण, डिलीवरी आदि करने के लिए फील्ड फोर्स की आवश्यकता होती है। उनके लिए हमारा संदेश होगा: आप अपनी तकनीक का उपयोग करके एक बड़ा यूजर्स बेस और बिजनेस बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, हम आपकी फील्ड फोर्स के निर्माण का ध्यान रखेंगे (हमारी तकनीक का उपयोग करके)। हम अगली तिमाही में अपना Android ऐप लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। हम अगले 12 महीनों में 10 शहरों में 10,000+ ग्राहकों/नौकरियों के साथ 1 मिलियन एमएयू तक पहुंचने के लिए अपने विकास को और तेज करने की योजना बना रहे हैं। हम इस वृद्धि को हासिल करने के लिए फंड की भी मांग कर रहे हैं।”


Edited by Ranjana Tripathi

Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close