लाखों किसानों की आय को तेजी से बढ़ा रहा है इंदौर का यह स्टार्टअप, तकनीक के जरिये किसानों को मिल रही है हर सुविधा

लाखों किसानों की आय को तेजी से बढ़ा रहा है इंदौर का यह स्टार्टअप, तकनीक के जरिये किसानों को मिल रही है हर सुविधा

Monday September 13, 2021,

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कृषि प्रधान कहलाए जाने वाले भारत देश में शुरुआत से ही पारंपरिक खेती का चलन रहा है, हालांकि पारंपरिक खेती के जरिये किसानों को उतना अधिक लाभ नहीं मिल सका जितना कि वर्तमान में आधुनिक पद्धति के साथ खेती करने वाले किसान पा रहे हैं। ऐसे में आज इंदौर का एक खास एग्रीटेक स्टार्टअप ग्रामोफोन किसानों को तकनीक से जोड़ते हुए उनकी आय को कई गुना तक बढ़ाने में उनकी मदद कर रहा है।


आईआईटी और आईआईएम जैसे देश के श्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों से पढ़कर आए तौसीफ खान और निशांत वत्स महात्रे ने साल 2016 में ग्रामोफोन ऐप को लॉन्च किया था। स्टार्टअप की ऐप के माध्यम से अब तक 25 लाख एकड़ से अधिक जमीन जोत रहे किसानों को फसल, मिट्टी और मौसम आदि से जुड़ी जानकारी व एक्सपर्ट सुझाव उपलब्ध कराये जा चुके हैं, जिससे किसानों की उपज को काफी अधिक लाभ पहुंचा है।

क्या करती है ऐप?

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तौसीफ खान (बाएं और निशांत वत्स, को-फाउंडर्स, Gramophone (फोटो साभार: Forbes)

ऐप के जरिये किसानों को उनकी फसल को बोने से लेकर तैयार होने पर काटने तक की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इसमें फसल के लिए आवश्यक पोषक तत्व, कीटनाशक और पानी के प्रबंधन से जुड़ी तमाम जानकारियां भी शामिल होती हैं।


इतना ही नहीं, फसल तैयार हो जाने के बाद किसानों को उसे बेचने के लिए भी एक सही प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाता है, जहां वे बेहतर दामों में अपनी फसलों को बेंचकर अच्छा मुनाफा भी कमाते हैं। संस्थापकों के अनुसार उनकी यह ऐप किसानों को अधिक बचत करने और खेतों से अधिक उपज पाने में सक्षम बना रही है।


समृद्ध हो रहे हैं किसान

बीते पांच सालों में ग्रामोफोन ने सभी तीन घटकों का निर्माण किया है, इसमें कृषि प्रबंधन व कृषि संबंधी जानकारी प्रदान करने के लिए ग्राम सलाह, किसानों को कृषि इनपुट तक पहुंच प्रदान करने के लिए ग्राम उदय और फसलों की बिक्री के लिए व्यापारियों और कमीशन एजेंटों को एक ही मंच पर लाने के लिए ग्राम व्यापार शामिल हैं।


संस्थापकों का कहना है कि भले ही भारत कृषि प्रधान देश हो लेकिन अन्य विकसित देशों की तुलना में यहा के किसान 50 प्रति कम पैदावार कर पाते हैं, ऐसे में उनकी यह ऐप उन्हें अन्य देशों के किसानों की तुलना में बेहतर पैदावार के लिए सक्षम बनाती है।

तेजी से बढ़ रहा है राजस्व

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किसानों की आमदनी बढ़ा रहे इस स्टार्टअप का राजस्व भी तेजी के साथ बढ़ रहा है। संस्थापकों के अनुसार सिरीज़ ए फंडिंग के बाद कंपनी के राजस्व में 10 गुना बढ़ोत्तरी दर्ज़ की गई है। अपनी ऐप के साथ स्टार्टअप अब तक करीब 8 लाख किसानों को फायदा पहुंचा चुका है।


कुछ किसानों ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि उन्होने महज डेढ़ साल के भीतर अपनी आय में 25 लाख रुपये तक का इजाफा दर्ज़ किया है और ग्रामोफोन से मिली मदद के बिना उनके लिए यह कर पाना शायद संभव नहीं था।


ऐप के जरिये यह सुनिश्चित भी किया जाता है कि किसानों को उनके प्रश्नों के उत्तर उनकी भाषा में मिलें, इसी के साथ कृषि उत्पाद खरीद के बाद उत्पाद को किसानों के घर तक मुफ्त में डिलीवर किया जाता है। मालूम हो कि प्लेटफॉर्म पर अब तक कृषि-विशेषज्ञों ने 30 लाख से अधिक किसान प्रश्नों का समाधान किया है।


Edited by Ranjana Tripathi