इस महिला उद्यमी ने शुरू किया ‘वुमेन ऑफ हाँग काँग’ प्लेटफॉर्म, जहां महिलाओं की कम्यूनिटी करती है एक दूसरे की मदद

By Sindhu Kashyaap
January 20, 2022, Updated on : Wed Jul 06 2022 14:22:03 GMT+0000
इस महिला उद्यमी ने शुरू किया ‘वुमेन ऑफ हाँग काँग’ प्लेटफॉर्म, जहां महिलाओं की कम्यूनिटी करती है एक दूसरे की मदद
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हांगकांग निवासी फिलिपिनो और एक सिंगल मदर सारा वी को ऑनलाइन नेटवर्किंग और कम्यूनिटी प्लेटफॉर्म ‘वुमेन ऑफ हांगकांग’ बनाने के लिए जाना जाता है। प्लेटफॉर्म के निर्माण से पहले सारा ने शहर में डिजिटल मार्केटिंग में शीर्ष उद्यमियों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई थी।

एक डिजिटल मार्केटिंग फर्म और बाद में हांगकांग में महिलाओं के लिए इस प्लेटफॉर्म के निर्माण में सारा की यात्रा लंबी रही है और इसमें में कई उतार-चढ़ाव भी रहे हैं।


योरस्टोरी से बात करते हुए सारा ने कहा,

“मैं शुरुआत से ही खुले विचारों वाली लड़की थी। फिर मैंने शराब की खोज की और बहुत सारे दोस्तों से मुलाकात की और नाइटलाइफ़ की खोज की। इसी तरह से मैंने हांगकांग के प्रतिष्ठित नाइट क्लबों में से एक में क्लब मैनेजर बनने का काम किया।”


एक क्लब मैनेजर के रूप में सारा ने देखा कि दुनिया भर में हर महिला क्या सामना करती है, जहां महिलाएं अवांछित ध्यान या किसी को आकर्षित किए बिना क्लब या बार में अच्छा समय बिताने की कोशिश करती हैं।

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सेफ ड्रिंकिंग ग्रुप के साथ शुरुआत

सारा ने यह भी देखा कि हांगकांग में हर कोई इस बात को महत्व देता है कि स्थल कितना भरा हुआ है और अगर यह खाली है, तो यह वहाँ जाने लायक नहीं है।


सारा कहती हैं, "मैंने महसूस किया कि जब महिलाएं रात में भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाती हैं, तो उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वे असुरक्षित महसूस करती हैं, उन्हें समूहों में जाना पड़ता है, उन्हें पुरुषों से खुद को बचाना पड़ता है, उन्हें नशे में घर ले जाया जाता है। वे यह नहीं समझ पाती हैं कि किसी व्यक्ति को यह एहसास कैसे कराया जाए 'नहीं' का मतलब 'नहीं' ही है। इसी के साथ उन्हें अपराध या शर्म की उन भावनाओं से दूर करना भी जरूरी है।"


इन सब से निपटने के लिए सारा ने 2014 में 21 साल की उम्र में एक फेसबुक ग्रुप बनाया, जिसका नाम गर्ल्स ऑफ एलकेएफ था। एलकेएफ़ हांगकांग में एक पार्टी डिस्ट्रिक्ट है। वर्ष के अंत तक, हांगकांग में इस छोटे समूह में 200 से अधिक महिलाएं थीं और 2015 तक उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप शुरू किया और 2019 तक उनके इस व्हाट्सएप ग्रुप पर 25o महिलाएं और फेसबुक पर 2,500 महिलाएं थीं।


सारा आगे बताती हैं, "इस समुदाय ने जल्द ही अपना नाम ‘गर्ल्स ऑफ हांगकांग’ में बदल दिया, क्योंकि हम युवा थे, नेटवर्किंग करते थे और अक्सर एक-दूसरे से मिलते थे। जल्द ही, यह पार्टी करने और शराब पीने के बारे में कम और समुदाय के बारे में अधिक हो गया। यह हैप्पी आवर पीने से लेकर ब्रंच स्पॉट तक या परामर्श के लिए सही लोगों से मिलने या नंबर साझा करने तक चला गया।”

सवालों के जवाब

सारा बताती हैं कि महिलाओं ने ग्रुप पर अन्य सलाह मांगनी शुरू कर दी जो कि गूगल पर नहीं मिल सकती या वे फेसबुक पर पूछ नहीं सकती या यहां तक ​​कि अपने माता-पिता से भी नहीं पूछ सकती थीं।


सारा कहती हैं, "सेक्स पर सवालों के सटीक जवाब, यौन स्वास्थ्य, अनुभव के आधार पर स्त्री रोग विशेषज्ञ, गूगल पर नहीं हैं। लेकिन समूह की महिलाएं सेक्स, यौन स्वास्थ्य से लेकर स्त्री रोग संबंधी मुद्दों पर सवालों के जवाब दे सकती हैं। ये ऐसी महिलाएं हैं जिन्हें आप व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते होंगे, लेकिन यह उन्हें नहीं रोकता है।”


यह महिलाओं के लिए एक सहायक स्थान बन गया है जहां उम्र, जातीयता, स्थान या पदनाम के बावजूद, यह सभी को समान रूप से मदद करने के बारे में है।


समूह ने 2019 में एक बदलाव पाया जब हांगकांग में जियो-पॉलिटिकल परिदृश्य प्रत्यर्पण विरोधी कानून संशोधन विधेयक आंदोलन के साथ बदल गया, जिसे 2019 हांगकांग विरोध के रूप में भी जाना जाता है।

महामारी के दौरान

कोरोना महामारी ने स्थितियों पर समूह की प्रतिक्रिया के तरीके को भी बदल दिया और जैसे-जैसे महामारी फैलती गई, बातचीत अलग-अलग रंग में होती गई।


सारा कहती हैं, "वे व्यर्थ प्रश्नों से बदल कर जीवन बदलने वाले प्रश्नों में बदल गए जैसे- मैंने अपनी नौकरी खो दी है? मैं किससे बात कर सकती हूँ? मेरे पास ये स्किल सेट हैं और यह महामारी के दौरान बढ़ गया। महिलाएं नौकरी खो रही थीं या उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था क्योंकि वे प्राथमिक देखभाल करने वाली थीं। बच्चे घर पर थे, और महिलाएं अपनी नौकरी जारी रखने या छोड़ने के बीच फंसी हुई थीं और महिलाएं इस कारण नौकरी छोड़ देती थीं। यह उन कई समस्याओं में से एक थी जिन्हें महामारी ने उनके सामने फेंक दिया था।”


जियो पॉलिटिकल उथल-पुथल और महामारी के अलावा, महिलाएं घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि से भी जूझ रही थीं। अपनी नौकरी गंवाने वाली लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं को भी अपने रिश्ते को खोने का सामना करना पड़ा।


सारा आगे कहती हैं, “व्हाट्सएप कई महिलाओं के लिए एक लाइफ लाइन बन गया। जनवरी 2020 तक, मुझे लगा कि हांगकांग में कई महिलाओं को मदद की ज़रूरत है, लेकिन सिर्फ व्हाट्सएप ग्रुप बनाना स्केलेबल नहीं था। मैंने एक वेबसाइट और एक कम्यूनिटी बनाने का फैसला किया। मैंने फ़ोरम शुरू करने और व्यावसायिक निर्देशिका बनाने का निर्णय लिया ताकि महिलाएं अपने व्यवसाय और सेवाओं का विवरण पोस्ट कर सकें। मैंने अपनी मार्केटिंग विशेषज्ञता का उपयोग करने के बारे में भी सोचा।”

इम्पोस्टर सिंड्रोम से जूझना

वेबसाइट अगस्त 2021 में ही बनकर तैयार हुई थी।


सारा कहती हैं, “जब लोग मुझसे पूछते हैं कि एक साल क्यों लगा, तो यह इसलिए था क्योंकि मैं अपने मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रही थी। मैं इम्पोस्टर सिंड्रोम से गुजर रही थी। मैं अक्सर खुद से पूछती थी, 'मैं कौन होती हूं एक ऐसा नेटवर्क बनाने वाली, जिसके बारे में अन्य महिलाओं का मानना है कि इससे उन्हें मदद मिलेगी। डेढ़ साल तक मैंने कुछ नहीं किया। मैं सोचती रही कि कोई इसे बनाएगा। व्यवसाय की आवश्यकता के लिए या दान के लिए समुदाय थे और मुझे लगता है- आपको किसी अन्य महिला से जुड़ने के लिए किसी चैरिटी में काम करने की ज़रूरत नहीं है। आप बस कॉफी पी सकते हैं या बस एक प्रश्न पूछ सकते हैं। यह सिर्फ आपकी जगह होने के बारे में है।”


फरवरी 2021 में सारा ने पॉडकास्ट- द फियर ऑफ़ डूइंग समथिंग सुना। इसमें कहा गया है कि अगर आप कुछ शुरू करने से डरते हैं, तो खुद से यह सवाल पूछें।


वे कहती हैं, "यदि आप कुछ शुरू करने के अपने डर को रोकते हैं, तो आप कितने अन्य जीवन को प्रभावित नहीं कर रहे हैं, बस क्योंकि आप कुछ शुरू करने से बहुत डरते हैं?"


सारा कहती हैं, "फिर मैंने सोचा कि मुझे कम्यूनिटी का निर्माण करना चाहिए और कुछ महिलाओं की मदद करनि चाहिए।"


प्लेटफॉर्म महिलाओं को सहयोग करने और दूसरों के अनुभवों से सीखने की अनुमति देता है। यह सदस्यों को घटनाओं, कक्षाओं और पाठ्यक्रमों को जोड़ने की अनुमति देता है और महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों, समूहों और मंचों के लिए नौकरी लिस्टिंग, और कौशल तक पहुंच प्रदान करता है। सारा का मानना ​​है कि प्लेटफॉर्म जल्द ही वैश्विक हो सकता है।


युवा लीडर्स को उनकी सलाह व्यावहारिक है।


इस बारे में वे कहती हैं, "विश्वास है कि आप इसे कर सकते हैं। कोई और आपको यह विश्वास नहीं दिला सकता कि आप शक्तिशाली हैं, आप कुशल हैं, आप स्मार्ट, बुद्धिमान और ज्ञानी हैं जब तक कि आप खुद पर विश्वास नहीं करते।”


Edited by Ranjana Tripathi

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