SheSparks 2023: एक मां के लिए नामुमकिन नहीं है कंपनी चलाना, कई स्किल्स सिखा देती है मदरहुड- श्रेयसी सिंह

YourStory SheSparks महिलाओं को सेलिब्रेट करता है. नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में यह एक दिवसीय ईवेंट 3 मार्च 2023 को आयोजित किया गया.

SheSparks 2023: एक मां के लिए नामुमकिन नहीं है कंपनी चलाना, कई स्किल्स सिखा देती है मदरहुड- श्रेयसी सिंह

Friday March 03, 2023,

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'एक औरत धीरे-धीरे एक बच्चे को मैनेज करना भी अच्छे से सीख लेती है. इसलिए उसके लिए एक कंपनी मैनेज करना असंभव नहीं माना जाना चाहिए. कंपनी भी एक बच्चे की तरह ही होती है. मेहनत, समझदारी, धैर्य और दृढ़ संकल्प से एक बच्चे और कंपनी दोनों को मैनेज करना संभव हो सकता है.' यह सोच है हड़प्पा एजुकेशन (Harappa Education) की को-फाउंडर व सीईओ श्रेयसी सिंह की. वह एक टीनएजर बच्चे की मां हैं. उन्होंने ये विचार YourStory के ईवेंट SheSparks 2023 के दौरान सामने रखे.

यह ईवेंट महिलाओं को सेलिब्रेट करता है. नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में यह एक दिवसीय ईवेंट 3 मार्च 2023 को आयोजित किया गया. SheSparks 2023 में कई ऐसी महिला एंटरप्रेन्योर्स व फाउंडर्स ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपनी सफलता का लोहा मनवाया है और कई लोगों के लिए प्रेरणा हैं. श्रेयसी ने ईवेंट के दौरान #SheTalks सेशन में कहा कि कई ऐसी मां हैं, जो करियर और मदरहुड दोनों को अच्छे से बैलेंस करके चल रही हैं. इसलिए एक मां, एक सीईओ या यूं कहें कि एक अच्छी सीईओ नहीं हो सकती, यह सोचना गलत है. मां होना, एक औरत के लिए सबसे बड़ा प्रोफेशनल स्किल साबित हो सकता है क्योंकि मदरहुड के तहत वह कई चीजें सीखती और मैनेज करती है.

श्रेयसी ने कोई मैनेजमेंट कोर्स नहीं किया है. वह 10 साल से भी ज्यादा वक्त तक एक जर्नलिस्ट रहीं और अब एक कंपनी की सीईओ हैं. उनके पत्रकारिता के करियर का टर्निंग पॉइंट एंटरप्रेन्योरशिप पर बेस्ड प्रतिष्ठित अमेरिकी मैगजीन इंक (Inc) के भारतीय एडिशन का एडिटर होना रहा. इसी मैगजीन के साथ जुड़कर श्रेयसी ने भारत में एंटरप्रेन्योरशिप के बारे में काफी कुछ जाना.

स्किल्स ओवरलैप, जो श्रेयसी ने जाने

सेशन के दौरान श्रेयसी ने 'मॉम ड्यूटी और सीईओशिप' के बीच के कुछ स्किल्स ओवरलैप भी साझा किए...

आपका रियल जॉब है खुद को फायर करना: आपको अपनी कंपनी और अपने बच्चे को इस तरह तैयार करना चाहिए कि वे आपके बिना भी ग्रो कर सकें. उन्हें इतना मजबूत करने की दिशा में काम करना होगा कि आपकी गैर-मौजूदगी से उनकी ग्रोथ न रुके.

पॉपुलर होने के लिए काम नहीं करना है: आपको यह सोचकर काम नहीं करना है कि आपको पॉपुूलर होना है. बल्कि आपको यह सोचकर काम करना है कि जो आप कर रहे हैं, वह इफेक्टिव और सही हो. आपके बच्चे के लिए भी और आपकी कंपनी के लिए भी. इसलिए आपको हर वक्त इसी दिशा में सोचना होता है.

जिम्मेदार होना और आत्मविश्वास जरूरी: आपको जिम्मेदार होने के साथ-साथ आत्मविश्वास से भरा हुआ भी होना चाहिए. आप जो कर रहे हैं, भले ही वह अपने बच्चे के लिए हो या फिर अपनी कंपनी के लिए, लापरवाह नहीं हो सकते. आपको जिम्मेदारी के अहसास के साथ काम करना होगा. इस बीच आप अपना आत्मविश्वास भी नहीं गवां सकते. साथ ही आपको लगातार सीखते रहना होगा.

अपनी अंतरआत्मा की सुनें: श्रेयसी का कहना है कि आपको अपने अंदर झांकना होगा, अपनी आवाज को सुनना होगा और उसी को फॉलो करते हुए आगे बढ़ना होगा. अगर आप अपनी अंतरआत्मा की आवाज को फॉलो करेंगे तो आप सही रास्ते पर होंगे और सही चीजें कर रहे होंगे. तो इसे अनसुना न करें.

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श्रेयसी और हड़प्पा एजुकेशन के बारे में

श्रेयसी बिहार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता एक बैंक में नौकरी करते थे, लिहाजा अपने बचपन में उन्होंने लगभग पूरे देश की यात्रा की. उनका काम परिवार को जापान भी ले गया, जहां उन्होंने टोक्यो के एक स्कूल में लगभग छह साल बिताए. श्रेयसी ने नई दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज ऑफ वुमेन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से उच्च शिक्षा प्राप्त की हुई है.

श्रेयसी एक लेखक भी हैं. उन्होंने किताब 'द वेल्थ वाला' लिखी है. साल 2015 में उन्होंने फैसला कर लिया था कि अब वह पूर्णकालिक पत्रकारिता में वापस नहीं जाएंगी. वह नए अवसरों की तलाश कर रही थीं. लगभग उसी समय, उन्होंने प्रमथ राज सिन्हा के साथ 'वेदिका स्कॉलर्स प्रोग्राम फॉर वुमन' पर काम करना शुरू किया. यह 18 महीने का फुल-टाइम पोस्टग्रेजुएशन मैनेजमेंट प्रोग्राम था. प्रमथ अब हड़प्पा में को-फाउंडर हैं.

वेदिका के बाद, श्रेयसी कुछ जमीनी काम करना चाहती थीं और अपनी महत्वाकांक्षाओं को फॉलो करना चाहती थीं. प्रमथ और श्रेयसी लगभग नौ वर्षों से एक-दूसरे के साथ काम कर रहे थे, और उनके बीच एक निश्चित स्तर की समझ थी. दोनों ही ऑनलाइन कुछ काम करना चाहते थे. जब दोनों ने इस दिशा में गंभीरता से सोचना और बातचीत करना शुरू किया तो हड़प्पा का आइडिया निकला. इसके बाद दोनों ने ऑनलाइन शिक्षा पर व्यापक शोध करने और एडटेक उद्योग को समझने में छह महीने बिताए. बाद में हड़प्पा एजुकेशन को मार्च 2018 में एक कंपनी के रूप में शुरू किया गया और इसने मई 2019 में अपने कोर्स चलाना शुरू किया था. यह एंप्लॉयर्स वर्कप्लेस के लिए 25+ कोर्स उपलब्ध कराता है. ये कोर्सेज बौद्धिक (cognitive), सामाजिक और व्यवहार संबंधी स्किल्स के लिए हैं.

हड़प्पा एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म है. यह बी2बी मॉडल पर काम करता है, जिसमें कैम्पस और कॉर्पोरेट्स हैं और कंपनी से शिक्षार्थियों को चुना जाता है. साल 2022 में एडटेक यूनिकॉर्न upGrad ने Harappa Education के 100 प्रतिशत हिस्से को 300 करोड़ रुपये में खरीद लिया.