BYJU’s की बढ़ी मुश्किलें, सांसद ने अकाउंटिंग में अनियमितता बताई, कहा- घाटा 5000 करोड़ से अधिक

By Vishal Jaiswal
October 17, 2022, Updated on : Mon Oct 17 2022 07:58:28 GMT+0000
BYJU’s की बढ़ी मुश्किलें, सांसद ने अकाउंटिंग में अनियमितता बताई, कहा- घाटा 5000 करोड़ से अधिक
लोकसभा सदस्य कार्ति चिदंबरम ने अपने पत्र में कहा है कि बायजू ने अपनी लागत में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी कर्मचारियों से जुड़े खर्च को बताते हुए इसे पूंजीगत व्यय के रूप में वर्गीकृत किया है, न कि इसे परिचालन लागत बताया है.
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लोकसभा सदस्य कार्ति चिदंबरम ने देश की दिग्गज एजुकेशनल-टेक्नोलॉजी (एडटेक) क्षेत्र की कंपनी बायजू के वित्तीय आंकड़ों की समीक्षा करने का चार्टर्ड अकाउंटेंट के शीर्ष निकाय से अनुरोध किया है. कार्ति ने भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (ICAI) के अध्यक्ष देवाशीष मित्रा को लिखे एक पत्र में कहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 में बायजू के वित्तीय आंकड़े कई तरह के संदेह पैदा करते हैं.


उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि बायजू ने अपनी लागत में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी कर्मचारियों से जुड़े खर्च को बताते हुए इसे पूंजीगत व्यय के रूप में वर्गीकृत किया है, न कि इसे परिचालन लागत बताया है.


कार्ति ने शुक्रवार को लिखे इस पत्र में कहा है कि अगर इस लागत को प्रत्यक्ष खर्च के रूप में जोड़ा जाता तो बायजू का कुल घाटा 5,000 करोड़ रुपये से अधिक रहता. उन्होंने कहा, ‘अकाउंटिंग में इस तरह की अनियमितता बायजू की आय, व्यय एवं घाटे के बारे में साफ तस्वीर दिखाने में नाकाम रहती है.’


मित्रा को पत्र संबोधित करते हुए, सांसद ने लिखा है कि बायजू की हाल ही में अपने कर्मचारियों से 2,500 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा यह दर्शाती है कि इसकी फाइनेंशियल हेल्थ अच्छी स्थिति में नहीं है.


उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के दावों के अनुसार FY21 में 81 प्रतिशत राजस्व एडुटेक उत्पादों की बिक्री से आया. उन्होंने इस मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह हार्डवेयर उत्पादों को एडटेक के रूप में वर्गीकृत करने के लिए तथ्यों की स्पष्ट गलत व्याख्या नहीं है.


उन्होंने कई मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि कंपनी की वित्तीय सेहत ठीक नहीं है लिहाजा आईसीएआई को उपभोक्ताओं एवं कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसके वित्तीय विवरण की समीक्षा करनी चाहिए.

जुलाई में 2500 करोड़ की फंडिंग गायब होने का लगाया था आरोप

कार्ति चिदंबरम ने एक न्यूज रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि वित्रुवियन पार्टनर्स को 571 करोड़ रुपये का सीरिज-एफ के प्रिफरेंशियल शेयर आवंटित किए गए थे. हालांकि, मार्च में फंडिंग की घोषणा के बाद सुमेरू वेंचर्स या ब्लैकरॉक द्वारा ऐसी कोई फाइलिंग नहीं की गई. उन्होंने कहा था कि इससे कंपनी की फंडिंग में 2500 करोड़ रुपये गायब होने का सवाल उठता है.


इसके बाद कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) ने कंपनी से जवाब मांगा था कि उसने फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए अपनी ऑडिट रिपोर्ट अभी तक क्यों फाइल नहीं की है. वहीं, ऑडिट रिपोर्ट फाइलिंग में 17 महीने की देरी पर 27 अगस्त को कार्ति चिदंबरम ने सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को एक दूसरा पत्र लिखकर जांच की मांग की थी.

क्या था मामला?

देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप BYJU'S की कुल वैल्यूएशन 23 अरब डॉलर (18.33 खरब रुपये) है. 17 मार्च को बायजू ने घोषणा की थी कि उसने सुमेरु वेंचर्स, वित्रुवियन पार्टनर्स और ब्लैकरॉक से 800 मिलियन डॉलर (6,401 करोड़ रुपये) जुटाए हैं. कंपनी के संस्थापक और सीईओ बायजू रवींद्रन ने इस फंडरेज में 40 करोड़ डॉलर (3,200 करोड़ रुपये) का निजी निवेश किया था.

FY21 में 4588 करोड़ के घाटे की घोषणा की

BYJU'S ने आखिरकार सितंबर में कई महीने की देरी बाद अपना ऑडिटेड फाइनेंशियल अकाउंट जारी किया और यह कंपनी को हुए भारी नुकसान को दिखाता है. कंपनी का 31 मार्च, 2021 को समाप्त वित्त वर्ष का घाटा 19 गुना बढ़कर 4,588 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी को वित्त वर्ष 2019-20 में 231.69 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.


हालांकि, इसके बावजूद बायजू के को-फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बायजू रविंद्रन ने बताया था कि पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में हमारा राजस्व चार गुना होकर 10,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. कंपनी ने अपना IPO भी 2023 के अंत तक के लिए टाल दिया है जबकि अपने 200 सेंटर्स को इस साल के अंत तक बढ़ाकर 500 करने का लक्ष्य है. बायजू की आने वाले वर्ष में कुल 10,000 और शिक्षकों को नियुक्त करने की योजना है. वर्तमान में कंपनी में लगभग 50,000 कर्मचारी कार्यरत हैं.

जून के बाद एक बार फिर 2500 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी

BYJU'S अगले छह महीनों में पांच प्रतिशत यानी लगभग 2,500 कर्मचारियों की छंटनी करेगी. बायजू इससे पहले जून में भी 2500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी है.


वहीं, कंपनी की मार्च, 2023 तक अपनी मार्केटिंग और ऑपरेशनल कॉस्ट को सुनियोजित करके लाभ की स्थिति में पहुंचने की योजना है. इसके अलावा यह भारत और विदेशी कारोबार के लिए 10,000 शिक्षकों को नियुक्त करेगी.