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UPI करने पर चार्ज लगेगा या नहीं? वित्त मंत्रालय ने कर दिया क्लियर

अभी UPI के जरिये लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं है. RBI ने हाल ही में एक डिस्कशन पेपर जारी किया है.

UPI करने पर चार्ज लगेगा या नहीं? वित्त मंत्रालय ने कर दिया क्लियर

Monday August 22, 2022 , 3 min Read

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने स्पष्ट कर दिया है कि यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (UPI) लोगों के लिए एक उपयोगी डिजिटल सेवा है और इस पर शुल्क लगाने का सरकार कोई विचार नहीं कर रही है. मंत्रालय का यह बयान भुगतान प्रणाली में शुल्क पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के चर्चा पत्र (Discussion Paper) से उपजी आशंकाओं को दूर करता है. चर्चा पत्र में सुझाव दिया गया है कि UPI भुगतान पर विभिन्न रकम की श्रेणियों में शुल्क लगाया जा सकता है.

अभी UPI के जरिये लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं है. RBI ने हाल ही में एक डिस्कशन पेपर जारी किया है. इसमें केंद्रीय बैंक ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), क्रेडिट कार्ड आदि से संबंधित शुल्कों पर पब्लिक फीडबैक मांगा है. डिस्कशन पेपर में इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) सिस्टम, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सिस्टम और UPI जैसे पेमेंट सिस्टम्स में शुल्क से संबंधित सभी पहलुओं को शामिल किया गया है. इसमें डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) जैसे विभिन्न पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स भी शामिल हैं. RBI ने 3 अक्टूबर को या उससे पहले इस पेपर पर फीडबैक और सुझाव ईमेल के माध्यम से मांगे हैं.

वित्त मंत्रालय ने किया ट्वीट

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘UPI लोगों के लिए एक उपयोगी सेवा है, जिससे लोगों को काफी सुविधा होती है और अर्थव्यवस्था की उत्पादकता बढ़ती है. यूपीआई सेवाओं के लिए सरकार कोई शुल्क लगाने पर विचार नहीं कर रही है. लागत की वसूली के लिए सेवा प्रदाताओं की चिंताएं अन्य माध्यमों से दूर करनी होंगी.'

UPI लेनदेन के लिए अभी एक शून्य-शुल्क ढांचा

RBI के चर्चा पत्र में कहा गया है, फंड ट्रांसफर सिस्टम के रूप में UPI, IMPS की तरह है और इसलिए यह तर्क दिया जा सकता है कि UPI में शुल्क, फंड ट्रांसफर लेनदेन के लिए IMPS में शुल्क के समान होना चाहिए. सरकार ने 1 जनवरी, 2020 से UPI लेनदेन के लिए एक शून्य-शुल्क ढांचा अनिवार्य किया हुआ है. इसका मतलब है कि UPI में शुल्क यूजर्स और व्यापारियों के लिए समान रूप से शून्य है.

दिसंबर 2021 में डिस्कशन पेपर का किया था प्रस्ताव

RBI ने दिसंबर 2021 में पेमेंट सिस्टम्स में शुल्क को लेकर एक डिस्कशन पेपर जारी करने का प्रस्ताव किया था और कहा था कि इसमें डिजिटल पेमेंट के विभिन्न चैनलों में शामिल शुल्क से संबंधित सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा. डिजिटल लेनदेन, यूजर्स के लिए वहनीय बनाने और प्रोवाइडर्स के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के लिए उपायों की आवश्यकता है.

Digital Payments को अपनाने के लिए प्रोत्साहन

वित्त मंत्रालय के एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, "सरकार ने पिछले साल #DigitalPayment पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की थी और इस वर्ष भी #DigitalPayments को अपनाने और भुगतान प्लेटफार्मों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करने की घोषणा की है, जो किफायती और यूजर्स के अनुकूल हैं."


Edited by Ritika Singh