इडली बैटर बेंचकर खड़ा किया 200 करोड़ से अधिक का कारोबार, 3 देशों तक पहुंचा उत्पाद

By Sindhu Kashyaap
January 27, 2020, Updated on : Wed Jan 29 2020 05:44:51 GMT+0000
इडली बैटर बेंचकर खड़ा किया 200 करोड़ से अधिक का कारोबार, 3 देशों तक पहुंचा उत्पाद
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इडली बैटर बेंचने के साथ शुरू हुआ व्यापार आज भारत, अमेरिका और यूएई के 45 शहरों में पहुँच चुका है। कंपनी ने इस साल 300 करोड़ रूपए के राजस्व का लक्ष्य रखा है।

पीसी मुस्तफा, संस्थापक और सीईओ, आई डी फ्रेश

पीसी मुस्तफा, संस्थापक और सीईओ, आई डी फ्रेश



बेंगलुरु स्थित रेडी-टू-कुक स्टार्टअप आई डी फ्रेश ने छोटे विक्रेताओं ने अनहेल्दी तरीकों से इडली-डोसा बैटर बनाने, गंदी पॉलीथीन पैकेटों को उत्पादों के भंडारण के लिए इस्तेमाल करते हुए देखा है, इसी के साथ एक आइडिया ने जन्म लिया।


2005 में पीसी मुस्तफा और उनके चचेरे भाई शम्सुद्दीन टीके, अब्दुल नज़ीर, जाफ़र टीके और नौशाद टीए, आई डी फ्रेश ने बेंगलुरु के तिप्पसंद्रा में 50 वर्ग फीट के रसोईघर से इडली और डोसा बैटर बनाने के साथ आईडी फ्रेश की शुरुआत की, लेकिन 5 महीने बाद ही संस्थापकों को एक करो या मरो की स्थिति का सामना करना पड़ गया।


इडली-डोसा बैटर या मिश्रण के उद्यम शुरू करने का विचार सबसे पहले शम्सुद्दीन के पास आया था, जबकि मुस्तफा आईआईएम-बैंगलोर से एमबीए कर रहे थे। उस समय रेडीमेड इडली-डोसा बैटर को रबड़ बैंड से सील कर अनहाइजेनिक तरीके से प्लास्टिक कवर में बेचा जाना एक आम नज़ारा था।


मुस्तफ़ा कहते हैं,

"खराब गुणवत्ता के बारे में ग्राहकों की शिकायतों के बावजूद इसकी मांग कमजोर थी। इसलिए, हमने सोचा, हम इसे बेहतर क्यों नहीं करते? ’इससे भी महत्वपूर्ण बात, हम एक अंतर बनाना चाहते थे। एक बच्चे के रूप में, नाश्ता एक लक्जरी था। द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रीशन इन द वर्ल्ड 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 194.4 मिलियन लोग कुपोषित हैं।"



50,000 रुपये के शुरुआती निवेश के साथ सह-संस्थापकों ने एक छोटे रसोईघर में इसकी शुरुआत की। कारोबार को चक्की, मिक्सर मशीन, और सीलिंग मशीन और डिलीवरी के लिए एक स्कूटर के साथ शुरू किया गया था।


उन्होंने बेंगलुरु के एक किराने की दुकान को कुछ बैटर पैकेट्स की आपूर्ति शुरू की। दुर्भाग्य से, स्टोर में एक रेफ्रिजरेटर नहीं था, जिसके कारण बैटर एक बार फ़र्मेंटेड हो गया और इसके चलते एक छोटा विस्फोट हुआ, जिससे संस्थापकों को बड़ा झटका लगा।


मुस्तफा बताते हैं,

“लगभग 15 साल पहले, जब मेरे चचेरे भाई बेंगलुरु में एक किराने की दुकान चलाते थे और मैंने एक शीर्ष एमएनसी के साथ काम किया, हमने संभावित व्यावसायिक विचारों पर चर्चा करने में घंटों बिताए। एक बच्चे के रूप में भी, मुझे उद्यमी बनने के कीड़े ने काट लिया था। मेरे लिए शुरुआती पूंजी बड़ी बाधा नहीं थी।"

उस छोटे किराए की रसोई से, आई डी फ्रेश अब 1,000 करोड़ रुपये का ब्रांड है, जिसकी भारत, अमेरिका और यूएई के 45 से अधिक शहरों में मौजूदगी है।


वित्तीय वर्ष 2019 में टीम ने 210 करोड़ रुपये के राजस्व की घोषणा की और कंपनी इस वर्ष 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूने जा रही है। स्टार्टअप को 2014 में हेलियन वेंचर्स 5.2 मिलियन डॉलर और 2017 में प्रेमजी इन्वेस्टमेंट 25 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त किया था।