Nobel Peace Prize 2022 : रूस-यूक्रेन संघर्ष के लिए स्पष्ट संदेश

By Rajat Pandey
October 08, 2022, Updated on : Sat Oct 08 2022 10:01:08 GMT+0000
Nobel Peace Prize 2022 : रूस-यूक्रेन संघर्ष के लिए स्पष्ट संदेश
2022 के शांति का नोबेल पुरस्कार बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बियालियात्स्की (Ales Bialiatski) के साथ-साथ रूसी मानवाधिकार संगठन मेमोरियल (Memorial) और यूक्रेन के मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज (Center for Civil Liberties) को दिया गया
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2022 के Nobel Peace Prize की घोषणा शुक्रवार को नार्वे नोबेल कमेटी (Norwegian Nobel Committee) की प्रमुख बेरिट रीज एंडर्सन ( Berit Reiss-Andersen) ने ओस्लो में की. इस साल शांति का नोबेल पुरस्कार बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बियालियात्स्की (Ales Bialiatski) के साथ-साथ रूसी मानवाधिकार संगठन मेमोरियल (Memorial) और यूक्रेन के मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज (Center for Civil Liberties) को दिया गया. 

शांति का नोबेल पुरस्कार बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बियालियात्स्की (Ales Bialiatski) के साथ-साथ रूसी मानवाधिकार संगठन मेमोरियल (Memorial) और यूक्रेन के मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज (Center for Civil Liberties) को दिया गया


नोबेल प्राइज की ओर से कहा गया, 'नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अपने देश में नागरिक समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने कई वर्षों तक नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और बढ़ावा देने के लिए सत्ता की आलोचना की है. उन्होंने युद्ध अपराधों, मानवाधिकारों के हनन और सत्ता के दुरुपयोग का दस्तावेजीकरण करने के लिए एक उत्कृष्ट प्रयास किया है. इसके साथ ही वे शांति और लोकतंत्र के लिए नागरिक समाज के महत्व को प्रदर्शित करते हैं'

Ales Bialiatski को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की वजह 

रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukrain) के बीच चल रहे संघर्ष (Russia-Ukrain War) के दौरान बेलारूस, यूक्रेन और रूस से पुरस्कार विजेताओं के होने से एक स्पष्ट संदेश जाता है. समिति की ओर से कहा गया कि, "नार्वे की नोबेल समिति पड़ोसी देश बेलारूस, रूस और यूक्रेन में मानवाधिकार(Human Rights) , लोकतंत्र (Democracy) और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व (Peaceful Co-Existence) के तीन उत्कृष्ट चैंपियनों को सम्मानित करना चाहती है."


वेबसाइट के अनुसार, "एलेस बियालियात्स्की 1980 के दशक के मध्य में बेलारूस में उभरे लोकतंत्र आंदोलन की शुरुआत करने वाले लोगों में शामिल थे. 1991 से पहले, जब पूर्व सोवियत संघ (Soviet Union) का पतन हुआ और स्वतंत्र देशों का उदय हुआ, मध्य एशिया और यूरोप के साथ कई देशों ने स्वतंत्रता-समर्थक आंदोलनों को देखे हैं. 


1996 में राष्ट्रपति को तानाशाही शक्तियां देने वाले विवादास्पद संवैधानिक संशोधनों के जवाब में Viasna (स्प्रिंग) संगठन की स्थापना का श्रेय भी Bialiatski को दिया जाता है. समय के साथ, Viasna एक "व्यापक-आधारित मानवाधिकार संगठन के रूप में विकसित हुआ, जिसने अधिकारियों द्वारा राजनीतिक कैदियों के खिलाफ यातना के उपयोग का दस्तावेजीकरण और विरोध किया."

2022 के नोबेल पुरस्कार विजेता 

नोबेल पुरस्कारों की घोषणा का सप्ताह सोमवार को चिकित्सा (Medicine) के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेता स्वीडिश वैज्ञानिक Svante Paabo के नाम की घोषणा से हुई थी. इसके बाद भौतिकी (Physics) में  एलेन एस्पेक्ट (Alain Aspect), जॉन एफ क्लॉजर (John F. Clauser) और एंटोन ज़िलिंगर (Anton Zeilinger) , रसायनशास्त्र (Chemistry) में कैरोलिन बेट्रोजी (Carolyn Bertozzi), मोर्टन मेल्डल (Morten Meldal) और के. बैरी शार्पलेस (Barry Sharpless) और साहित्य (Literatute) में फ्रेंच लेखिका एनी एनॉक्स (Annie Ernaux) के नाम की घोषणा हो चुकी है. अर्थशास्त्र में नोबेल की घोषणा 10 अक्टूबर को होगी.