सरकार ने बताया कैसे स्टार्टअप, MSMEs छह महीने तक फ्री में ले सकते हैं 5G की टेस्टिंग सेवाएं

By रविकांत पारीक
August 09, 2022, Updated on : Tue Aug 09 2022 08:33:21 GMT+0000
सरकार ने बताया कैसे स्टार्टअप, MSMEs छह महीने तक फ्री में ले सकते हैं 5G की टेस्टिंग सेवाएं
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

भारत में 5G इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat) व मेक इन इंडिया (make in india) पहल के उद्देश्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने जनवरी, 2023 तक यानी अगले छह महीनों के लिए भारत सरकार की मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और MSMEs को स्वदेशी 5G टेस्ट बेड (5G test bed) के नि:शुल्क उपयोग की सुविधा देने का निर्णय लिया है.


दूसरे सभी स्टैकहोल्डर्स के लिए यह बहुत ही सामान्य दर पर उपलब्ध है. भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने सभी 5G स्टैकहोल्डर्स से अनुरोध किया है कि वे नेटवर्क में अपने प्रोडक्ट्स के तेजी से विकास और कार्यान्वयन को लेकर परीक्षण व सुविधा के लिए 5G परीक्षण सुविधाओं और विशेषज्ञता का उपयोग करें. इन स्टैकहोल्डर्स में इंडस्ट्री, एकेडमिक, सर्विस प्रोवाइडर्स, अनुसंधान व विकास संस्थान, सरकारी निकाय और उपकरण निर्माता आदि हैं. इसके लिए इच्छुक स्टैकहोल्डर्स वेब पोर्टल के जरिए 5G टेस्ट बेड की पहुंच और उसका उपयोग करने के लिए आवेदन कर सकते हैं.


भारत की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और 5G को शुरू करने में अग्रणी होने को लेकर दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने मार्च, 2018 में 224 करोड़ रुपये की कुल लागत से भारत में 'स्वदेशी 5G टेस्ट बेड' (Indigenous 5G Testbed) स्थापित करने के लिए बहु- संस्थान सहयोगी परियोजना के लिए वित्तीय अनुदान को मंजूरी दी थी. इस परियोजना में आठ सहयोगी संस्थाने हैं. इनमें आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) मद्रास, आईआईटी-दिल्ली, आईआईटी-हैदराबाद, आईआईटी-बॉम्बे, आईआईटी-कानपुर, आईआईएससी बैंगलुरू, सोसाइटी फॉर एप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च (SAMEER) और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन वायरलेस टेक्नोलॉजी (CEWiT) हैं.


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को स्वदेशी 5G टेस्ट बेड 17 मई 2022 को समर्पित किया था.


5G टेस्ट बेड पांच स्थानों पर उपलब्ध है. CEWiT/आईआईटी मद्रास में एकीकृत टेस्ट बेड और अन्य टेस्ट बेड आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी कानपुर और आईआईएससी बैंगलुरू में हैं. CEWiT/आईआईटी मद्रास आरएएन स्तर व पीएचवाई स्तर आदि और अन्य जांच उपकरणों के लिए विभिन्न परीक्षण सेवाओं के साथ एंड टू एंड टेस्ट बेड प्रदान करता है.


एंड-टू-एंड टेस्ट बेड वैश्विक 3GPP मानक और ORAN मानक के अनुरूप है. स्वदेशी 5G टेस्ट बेड एक ओपन 5G टेस्ट बेड प्रदान करता है, जो भारतीय अकादमिक और उद्योग की अनुसंधान व विकास टीमों को उनके उत्पादों, प्रोटोटाइप, एल्गोरिदम को मान्य करने और विभिन्न सेवाओं का प्रदर्शन करने में सक्षम बनाता है. इसके अलावा यह भारत में और वैश्विक स्तर पर मानकीकरण को लेकर संभावित नई अवधारणाओं/विचारों पर काम करने के लिए अनुसंधान टीमों के लिए पूर्ण पहुंच प्रदान करता है. यह ग्रामीण ब्रॉडबैंड, स्मार्ट सिटी एप्लिकेशन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) जैसे भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों/उपयोग के मामलों के प्रयोग और प्रदर्शन के लिए 5G नेटवर्क की सुविधाएं प्रदान करता है. इसके अलावा यह भारतीय ऑपरेटरों को 5G तकनीकों के कामकाज को समझने और उनके भविष्य के नेटवर्क की योजना बनाने में सहायता करेगा. इस स्वदेशी टेस्ट बेड का विकास भारत के 5G तकनीक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और अब 5G आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर होने के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.


यह टेस्ट बेड भारतीय स्टार्टअप्स, एमएसएमई, अनुसंधान व विकास, अकादमिक और उद्योग क्षेत्र के उपयोगकर्ताओं द्वारा विकसित व निर्मित किए जा रहे 5G प्रोडक्ट्स के परीक्षण और प्रमाणन के लिए स्वदेशी क्षमता प्रदान कर रहा है. इसके परिणामस्वरूप भारी लागत दक्षता और डिजाइन किए जाने में कम समय लगा है, जिसके चलते भारतीय 5G प्रोडक्ट्स के वैश्विक स्तर पर बाजार में प्रतिस्पर्धी बनने की संभावना है.


इस टेस्ट बेड के विकास के परिणामस्वरूप कई 5G तकनीकों/आईपी का विकास हुआ है, जो उद्योग की प्रमुख हस्तियों के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर उपलब्ध हैं. यह उद्योग की कंपनियों को भारत में 5G की सुचारू और तेजी से एग्जीक्यूट करने की सुविधा प्रदान करेगा.