गूगल सर्च पर आसानी से मिल रहे हैं व्हाट्सऐप यूजर के नंबर, प्राइवेसी को लेकर बड़ा खतरा है सामने

गूगल सर्च पर आसानी से मिल रहे हैं व्हाट्सऐप यूजर के नंबर, प्राइवेसी को लेकर बड़ा खतरा है सामने

Monday June 08, 2020,

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ये आपकी प्राइवेसी को लेकर एक बड़ा खतरा है कि शायद आपका व्हाट्सऐप नंबर भी गूगल के जरिये आसानी से पाया जा सकता है।

सांकेतिक चित्र

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व्हाट्सऐप आज हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। सिर्फ भारत में व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या 30 करोड़ के पार है। एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस तक भेजा गया व्हाट्सऐप संदेश एंक्रिप्टेड होता है, इसका मतलब ये हुआ कि बीच में कोई भी उन संदेशों को पढ़ नहीं सकता है और इस फीचर के साथ व्हाट्सऐप को सेफ माना जाता है, लेकिन क्या व्हाट्सऐप सभी पहलुओं पर सुरक्षित हैं, शायद ऐसा नहीं है।


हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और भारत समे तमाम देशों में रह रहे हजारों लोगों के व्हाट्सऐप नंबर महज एक गूगल सर्च के आधार पर हासिल किया जा सकते हैं और प्राइवेसी के मामले में ये एक बड़ा खतरा हो सकता है।


रिपोर्ट एक स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर अतुल जयराम ने जारी की है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अतुल ने बताया है कि करीब 29 हज़ार से लेकर 3 लाख व्हाट्सऐप नंबरों को आसानी से वेब सर्च के जरिये देखा जा सकता है। गौरतलब है आमतौर पर इस तरह के काम के लिए अपराधी या साइबर क्रिमिनल डार्क वेब का सहारा लेते हैं, लेकिन इस बार ये सिंपल वेब के जरिये ही मुमकिन हो गया है।


अतुल के अनुसार उन्होने इसके लिए व्हाट्सऐप की मालिकाना कंपनी फेसबुक से भी संपर्क साधा लेकिन फेसबुक डाटा अब्यूज पॉलिसी सिर्फ फेसबुक से जुड़े उत्पादों पर लागू करती है, ना कि व्हाट्सऐप पर। हालांकि अतुल बताते हैं कि व्हाट्सऐप द्वारा यूजर के फोन नंबर को एंक्रिप्ट कर इसे रोका जा सकता है।





अगर आप थोड़ा ध्यान से देखें तो आपका फोन नंबर आपके आधार कार्ड, बैंक अकाउंट, यूपीआई और तमाम अन्य सेवाओं से सीधा जुड़ा हुआ है, ऐसे में किसी के हाथों में आपका नंबर लग जाना खतरे की घंटी से कम नहीं है, इसी के साथ ऐसी स्थिति में आपको अनचाहे नंबर से आए हुए मैसेज का भी सामना करना पड़ सकता है।


आपका फोन नंबर व्हाट्सऐप के 'क्लिक टू चैट' फीचर के जरिये प्लेन टेक्स्ट के रूप में सबके सामने आ जाता है और यह फीचर आपके नंबर को एंक्रीप्ट नही करता है, जिसके बाद इसके यूआरएल के जरिये कोई भी आपके नंबर को आसानी से हासिल कर सकता है।


अगर यह लिंक इंटरनेट पर शेयर किया गया है तो सर्च इंजन गूगल का बॉट फीचर इस यूआरएल को अपने पास सुरक्षित कर लेगा, जिसे बाद में किसी भी यूजर द्वारा सर्च किया जा सकेगा।


गौरतलब है कि ऐसी स्थिति में यदि आपके व्हाट्सऐप में आपकी प्रोफ़ाइल पब्लिक है तो आपके नंबर का इस्तेमाल करते हुए कोई भी आपकी प्रोफ़ाइल फोटो, स्टेट्स और नाम समेत अन्य जानकारी तक सीधे पहुँच सकता है। साइबर क्रिमिनल्स के लिए ये किसी जैकपॉट की तरह भी हो सकता है, क्योंकि आपको भ्रमित करने के लिए उसके पास तमाम जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।

हालांकि आप भी अगर कभी ऐसी परिस्थिति का सामना करते हैं तो आपके लिए आपके व्हाट्सऐप अकाउंट को डिलीट करना या फिर अपना फोन नंबर बदलना उचित रहेगा।


इसी के साथ भारत में बीते कई महीनों से व्हाट्सऐप के जरिये फैलने वाली फेक न्यूज़ भी चिंता का विषय रही हैं, हालांकि इसके लिए व्हाट्सऐप और सरकार की तरफ से कई अभियानों को चलाकर लोगों को फेक न्यूज़ के प्रति आगाह किया गया है।