Windfall Tax से घटेगा कंपनियों का मार्जिन, 1000 रुपये कम हो जाएगा Reliance का मुनाफा

सरकार ने 1 जुलाई को सोने पर आयात शुल्क पांच प्रतिशत बढ़ाया है. साथ ही पेट्रोल और विमान ईंधन (एटीएफ) पर छह रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का निर्यात कर लगाया है. इसके अलावा घरेलू कच्चे तेल उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन यानी 40 डॉलर प्रति बैरल का अप्रत्याशित लाभ कर लगाया गया है.

Windfall Tax से घटेगा कंपनियों का मार्जिन, 1000 रुपये कम हो जाएगा Reliance का मुनाफा

Monday July 04, 2022,

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सरकार के घरेलू कच्चा तेल उत्पादन पर अप्रत्याशित लाभ कर और ईंधन निर्यात कर से ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की कमाई पर अच्छा-खासा असर पड़ेगा. वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) का रिफाइनिंग मार्जिन 12 डॉलर प्रति बैरल तक प्रभावित होगा. ब्रोकरेज कंपनियों के अनुसार, नये करों से सरकार को 1.3 लाख करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा.

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 1 जुलाई को सोने पर आयात शुल्क पांच प्रतिशत बढ़ाया है. साथ ही पेट्रोल और विमान ईंधन (एटीएफ) पर छह रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का निर्यात कर लगाया है. इसके अलावा घरेलू कच्चे तेल उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन यानी 40 डॉलर प्रति बैरल का अप्रत्याशित लाभ कर लगाया गया है.

इससे पहले इस्पात और लौह अयस्क पर क्रमश: 15 प्रतिशत और 20 से 45 प्रतिशत तक का शुल्क लगाया गया था. निर्यात कर केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज की निर्यात रिफाइनरी पर लगेगा. वहीं विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) इकाइयों पर निर्यात पाबंदी लागू नहीं होगी.

एचएसबीसी ग्लोबल रिसर्च ने एक नोट में कहा कि सरकार ने इस साल मई में पेट्रोल पर आठ रुपये और डीजल पर छह रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क में कटौती की थी. इससे राजस्व में एक लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान था.

ब्रोकरेज कंपनी के अनुसार, ‘‘अतिरिक्त उत्पाद शुल्क की घोषणा की गयी है और यह एक जुलाई, 2022 से प्रभावी है. हमारा अनुमान है कि इससे सरकार को 1.2 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा और उत्पादों का निर्यात भी हतोत्साहित होगा…..’’

कच्चे तेल उत्पादन पर पूरे साल अप्रत्याशित लाभ कर से 65,600 करोड़ रुपये और निर्यात कर से 52,700 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है.

ब्रोकरेज कंपनी कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि इन उपायों से सरकार को सालाना आधार पर 1.3 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा. वहीं वित्त वर्ष 2022-23 की बची हुई अवधि में इन करों से एक लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है.

वहीं यूबीएस सिक्योरिटीज के अनुसार सरकार को अतिरिक्त कर के रूप में 1.38 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है. उसने कहा, ‘‘पिछले साल डीजल और पेट्रोल निर्यात की मात्रा के आधार पर हमारा अनुमान है कि 2022-23 में तीनों ईंधनों से 68,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा. इसी प्रकार, कच्चे तेल उत्पादन पर अप्रत्याशित लाभ कर से 70,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है.

नोमुरा के अनुसार, अप्रत्याशित लाभ कर से रिलायंस इंडस्ट्रीज के सकल रिफाइनरी मार्जिन (जीआरएम) 12 डॉलर प्रति बैरल (सालाना आधार पर 47,000 करोड़ रुपये) का असर पड़ने का अनुमान है.

एचएसबीसी ने कहा कि नये कर से ओएनजीसी की कमाई पर 30 रुपये प्रति शेयर और रिलांयस इंडस्ट्रीज पर 36 रुपये प्रति शेयर का असर पड़ेगा.

ब्रोकरेज कंपनी ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि घरेलू विपणन मार्जिन पर निर्यात कर के मुकाबले ज्यादा असर होगा. इससे अनुमान है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज उल्लेखनीय मात्रा में ईंधन निर्यात जारी रखेगी.’’