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मंदिरों के बाद सबसे अधिक कहां दान करते हैं भारतीय? सामने आए हैरान करने वाले आंकड़े

अशोक विश्वविद्यालय में सामाजिक प्रभाव और परोपकार केंद्र और वर्ल्ड पैनल डिवीजन ऑफ कंटार द्वारा ‘हॉउ इंडिया गिव्स, 2021-22’’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय परिवारों ने ज्यादातर दान नकद में दिया.

मंदिरों के बाद सबसे अधिक कहां दान करते हैं भारतीय? सामने आए हैरान करने वाले आंकड़े

Tuesday September 20, 2022 , 2 min Read

भारतीय परिवारों ने वर्ष 2021-22 के दौरान 23,700 करोड़ रुपये दान किये, जिसमें से सबसे अधिक दान धार्मिक संगठनों को मिला. अशोक विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है. इस अध्ययन के लिये देश के 18 राज्यों के कुल 81 हजार परिवारों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया.

अशोक विश्वविद्यालय में सामाजिक प्रभाव और परोपकार केंद्र और वर्ल्ड पैनल डिवीजन ऑफ कंटार द्वारा ‘हॉउ इंडिया गिव्स, 2021-22’’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय परिवारों ने ज्यादातर दान नकद में दिया.

अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘धार्मिक आस्था प्राथमिक तौर पर भारतीयों को दान करने के लिए प्रेरित करती है. वहीं, वित्तीय संकट से गुजर रहे परिवारों की मदद की इच्छा और पारिवारिक परंपरा दान देने के अन्य प्रेरक कारण हैं. दक्षिण भारत ने सबसे अधिक औसत राशि दान की, उसके बाद पश्चिम भारत का स्थान आता है. पूर्वी और उत्तर भारत में दान देने के मामले सबसे अधिक रहे.’’

अध्ययन में खुलासा हुआ कि 64 प्रतिशत परिवारों ने ‘‘धार्मिक संगठनों’’ को दान दिया और 61 प्रतिशत लोगों ने ‘भिखारियों’ को दान किया. अध्ययन के मुताबिक अनुमान है कि धार्मिक संगठनों को करीब 16,600 करोड़ रुपये की राशि दान की गई, जो कुल दान का करीब 70 प्रतिशत है.

रिपोर्ट के मुताबिक, कुल दान में से 12 प्रतिशत (करीब 2,900 करोड़ रुपये) ‘भिखारियों’ को मिले, जबकि नौ प्रतिशत दान (2000 करोड़ रुपये) परिवार और दोस्तों को किए गए. गैर धार्मिक संगठनों को कुल दान में से पांच प्रतिशत (करीब 1100 करोड़ रुपये) मिला, जबकि घरेलू कामगारों को कुल दान में से चार प्रतिशत (करीब एक हजार करोड़ रुपये) मिला.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 1000 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की अधिक राशि के मुख्य रूप से परिवार और दोस्तों और घरेलू कामगारों के लिए किए गए थे. सबसे कम मूल्य का नकद दान (100 रुपये) मुख्य रूप से भिखारियों को दिया गया, जबकि थोड़ी बड़ी राशि (101 रुपये से 300 रुपये के बीच और 301 रुपये से 500 रुपये के बीच) धार्मिक संगठनों और गैर-धार्मिक संगठनों को दी गई.

इस अध्ययन रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि धार्मिक संगठनों को दिए जाने वाले अधिकतर दान किसी खास अवसर या त्यौहार के दौरान दिए जाते हैं. इन अध्ययन से यह भी पता चलता है कि दक्षिण और पूर्वी भारत और शहरी क्षेत्रों ने गैर-धार्मिक संगठनों को अधिक दान दिया. उच्च आय वर्ग के परिवारों ने भी गैर-धार्मिक कारणों से अधिक दान दिया.


Edited by Vishal Jaiswal