पारदर्शी मूल्य निर्धारण से लेकर रियल टाइम ट्रैकिंग तक, जानिए कैसे ओशन फ्रेट इंडस्ट्री की चुनौतियों से निपट रहा है शिपलाइस्ट

By Vishal Krishna
February 24, 2020, Updated on : Mon Feb 24 2020 07:31:30 GMT+0000
पारदर्शी मूल्य निर्धारण से लेकर रियल टाइम ट्रैकिंग तक, जानिए कैसे ओशन फ्रेट इंडस्ट्री की चुनौतियों से निपट रहा है शिपलाइस्ट
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

माल परिवहन उद्योग या फ्रेट ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री (freight transport industry) आज कई बाधाओं का सामना कर रही है। रियल टाइम पर सूचना और मूल्य निर्धारण की पारदर्शिता का अभाव इसके लिए प्राथमिक चिंताएं हैं। हालांकि, शिपिंग का बिजनेस अब एक संभल रहा है, और इसका कारण है इस क्षेत्र में बढ़ते स्टार्टअप, जो महासागर वाहक (ocean carriers), माल ढोने वाले (freight forwarders) और उनके ग्राहकों के लिए अधिक क्षमता लाने का वादा करते हैं।


k

Shiplyst के फाउंडर्स



अगस्त 2017 में मेहुल दोशी और मनीष सिंह द्वारा शुरू किया गया मुंबई स्थित स्टार्टअप शिपलाइस्ट (Shiplyst) एक ओशन फ्रेट प्रोक्योरमेंट मार्केटप्लेस है जो भारत में निर्यातकों और आयातकों को तुरंत माल भाड़ा उत्पन्न करने में मदद करता है।


स्टार्टअप के अनुसार, औसतन, इसके ग्राहक इसकी ट्रांसपैरेंसी (पारदर्शिता) और सप्लाई चैन ऑटोमेशन के कारण अपनी माल ढुलाई लागत पर 10 प्रतिशत तक की बचत करने में सक्षम हैं। शिपलाइस्ट सैन फ्रांसिस्को में 500 स्टार्टअप्स विंटर 2019-2020 बैच का हिस्सा था, और अपने यूनीक बिजनेस के लिए चयनित एकमात्र भारतीय स्टार्टअप था।


द शिपलाइस्ट जर्नी

मनीष और मेहुल ने मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक किया, और अपने कॉलेज के दिनों से एक दूसरे को जानते थे। उन्होंने शिपलाइस्ट शुरू करने से पहले दो स्टार्टअप की सह-स्थापना भी की। शिपलाइस्ट से पहले, जोड़ी अपने स्टार्टअप के माध्यम से फ्रेट फारवर्डर्स के लिए टेक्नोलॉजी सलूशन पर काम कर रही थी। उसी समय, 2015 में, मनीष के भाई को एक एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला और पूरी एक्सपोर्ट प्रोसेस का पता लगाने उन्हें बेहद बोझिल काम लग रहा था।


अपने भाई से बात करने के बाद, मनीष ने महसूस किया कि महासागर माल उद्योग (ओशन फ्रेट इंडस्ट्री) गैर-पारदर्शिता और समय पर जानकारी के अभाव में पनप रहा है। दोनों कई फ्रेट कंपनियों को जानते थे, और फ्रेट बुकिंग और शिपमेंट मैनेजमेंट को लेकर एक सिंपल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के आइडिया पर सहमत थे। उनके इस आइडिया को फ्रेट फारवर्डर्स से बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। इतना कि उनमें से एक ग्राहक ने सह-संस्थापक के रूप में फुल टाइम जुड़ने के लिए अपने फ्रेट फारवर्डिंग बिजनेस को बंद करने तक का फैसला किया। इस तरह उन्हें अपना तीसरा सह-संस्थापक, शरद कुमार मिले, जो अब शिपलाइस्ट में ग्रोथ हेड हैं। स्टार्टअप में वर्तमान में 30 सदस्यीय टीम है।


मनीष कहते हैं,

“निर्यातकों से बात करने पर गैर-पारदर्शी मूल्य निर्धारण और जटिल प्रक्रियाओं से संबंधित समान मुद्दों के बारे में पता चला। इस प्वाइंट पर, हम जानते थे कि चीजों को सरल और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है, और यह एक बड़ा व्यापार अवसर हो सकता है।”


बी2बी प्लेटफॉर्म

शिपलाइस्ट एक बी2बी मार्केटप्लेस है, और इसके ग्राहकों में निर्यातक या आयातक दोनों शामिल हैं जो समुद्र के माध्यम से माल भेजना चाहते हैं। वर्तमान में, ये निर्यातक / आयातक फ्रेट ब्रोकर या कस्टम हाउस एजेंटों पर भरोसा करते हैं ताकि वे माल की बुकिंग में मदद कर सकें, और बहुत बार, इस प्रक्रिया में कीमत का खुलासा नहीं किया जाता है।


मनीष कहते हैं,

"यह कहने की जरूरत नहीं है कि यह एक अत्यधिक बोझिल और गैर-पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसमें त्रुटियों की संभावना होती है।"



एक बार जब कोई निर्यातक प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करता है, तो वे 50 से अधिक शिपिंग लाइनों से माल ढुलाई की क्वोटेशन की तुलना कर सकते हैं। वे शिपिंग निर्देशों को प्रसारित करने और लैडिंग के बिल की एक प्रति प्राप्त करने सहित बाजार पर पूरी शिपमेंट प्रक्रिया को बुक और मैनेज कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म सभी प्रमुख शिपिंग लाइनों के बैकएंड में जुड़ा हुआ है, और निकट रियल टाइम शिपमेंट स्टेटस के बारे में पता कर सकता है।


वे कहते हैं,

"अप्रैल 2018 में लॉन्च होने के बाद हमें हमारी पहली सेल 5 महीने की यात्रा के बाद अगस्त 2018 में मिली।"


शिपलाइस्ट का पहला ग्राहक इंदौर से एग्रो कमोडिटी एक्सपोर्टर था। स्टार्टअप का कॉन्सेप्ट क्लाइंट को पसंद आया और उन्हें एक प्रोडक्ट डेमो दिया। पोर्टल की सिंपलीसिटी और यह कैसे व्यापार को आसान बनाता है ये सब देखते हुए, ग्राहक ने पहले ऑर्डर के तौर पर 20 कंटेनरों के लिए बुकिंग की, और इस तरह शिपलाइस्ट की यात्रा शुरू हुई। शुरू करने के लिए, संस्थापकों ने अपने परिवारों से कुछ पैसा उधार लिया, और अपनी बचत को मिलाकर कुल 1 करोड़ रुपये के लगभग निवेश किया। इसने सैन फ्रांसिस्को स्थित वीसी फर्म और एक्सीलेटर 500 स्टार्टअप्स से प्री-सीड निवेश भी जुटाया। इसके अलावा, शिपलाइस्ट ने एंजेल्स इन्वेस्टर्स के माध्यम से भी फंड जुटाया; इसने कुल मिलाकर $200,000 के करीब हासिल किया है।


चुनौतियां और बिजनेस मॉडल

ओशन फ्रेट बिजनेस परिचालन रूप से बहुत गहन है। प्रत्येक शिपमेंट के लिए विभिन्न भौगोलिक और क्षेत्राधिकार में कई कंपनियों के साथ समन्वय करना पड़ता है। इसके अलावा, कई शिपिंग कंपनियों को एक प्लेटफॉर्म पर कनेक्ट करना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इंडस्ट्री में कोई मानकीकृत एपीआई या ईडीआई प्रारूप नहीं हैं। जहां भी ऐसे EDI मौजूद हैं, वहां पहुंच आसानी से उपलब्ध नहीं है क्योंकि एजेंट उस जानकारी को सुरक्षित रखना चाहते हैं।


स्टार्टअप को शुरुआती मुश्किल का सामना करना पड़ा क्योंकि ग्राहकों को संदेह था कि क्या समुद्र के माल को एक पोर्टल पर बुक किया जा सकता है और ट्रैक किया जा सकता है। उन्हें इस बात की भी चिंता थी कि उनके कार्गो और सेवा की विश्वसनीयता कौन संभाल रहा होगा। शिपलाइस्ट विक्रेताओं से अपने कमीशन के रूप में माल ढुलाई लागत का एक प्रतिशत वसूलता है। संस्थापकों का कहना है कि माल भाड़ा पूरी तरह से पारदर्शी है, और ग्राहकों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता है।


डोमेस्टिक शिपमेंट के अलावा, स्टार्टअप ने दक्षिण-पूर्व एशिया से अफ्रीका तक कुछ क्रॉस-कंट्री शिपमेंट को संभालने का भी दावा किया है। वैश्विक स्तर पर विस्तार करने की चुनौती, लोकल रेगुलेशन, ग्राहकों की अपेक्षाओं और सांस्कृतिक मुद्दों को समझने में निहित है। कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में 5,000 से अधिक TEU (ट्वेंटी एक्विवलेंट युनिट्स) शिप की हैं, और वित्त-वर्ष 2020 द्वारा बिक्री में 5 मिलियन डॉलर को पार करने का अनुमान है। स्टार्टअप का दावा है कि उसके पोर्टल के माध्यम से भेजे जाने वाले कंटेनरों की संख्या पिछले 12 महीनों में महीने में 25 प्रतिशत बढ़ी है।


बाजार और भविष्य की योजनाएं

मार्केटवॉच के अनुसार, ग्लोबल ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग मार्केट साइज (वैश्विक सागर माल भाड़ा अग्रेषण बाजार का आकार) 100 बिलियन के करीब है, और 2025 के अंत तक 2019-2025 के दौरान 7.4 प्रतिशत के सीएजीआर के साथ 164 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद थी। यह बड़ा अवसर है क्योंकि इंटरनेशनल फ्रेट और लॉजिस्टिक्स सेगमेंट बिखरा हुआ है, और एक भी ऐसा प्लेटफॉर्म नहीं है जो एक निर्यातक को सभी सेवाएं प्रदान कर सके।


फ्रेटकार्ट और फ्लेक्सपोर्ट कुछ ऐसे स्टार्टअप हैं जो इस स्पेस में कंपटीशन करते हैं। अपने यूएसपी के बारे में बात करते हुए, शिपलाइस्ट का दावा है कि यह एक सिंगल प्लेटफॉर्म है जो निर्यातकों को उन सभी सेवाओं के साथ मदद करता है जो उन्हें एक सुचारु निर्यात लेनदेन के लिए आवश्यक हैं - माल बुकिंग से लेकर कार्गो बीमा तक।


यह इकाई आर्थिक लागत को कम करने और स्वचालन के साथ ग्राहकों को लाभ देने में भी सक्षम है। शिपलाइस्ट ने अगले 18 महीनों में वर्तमान स्तर से 10 गुना तक पोर्टल पर लेनदेन बढ़ाने की योजना बनाई है। वर्तमान में, कंपनी के पास 850 से अधिक पंजीकृत निर्यातक हैं।