इन 10 महिलाओं ने 2019 में किए सबसे ताकतवर सोशल मीडिया पोस्ट

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पिछले एक दशक में, सोशल मीडिया एक ऐसी जगह के रूप में विकसित हुआ है, जहां लोग दुनिया भर में ज्वलंत मुद्दों के बारे में बात करते हुए, समर्थन मांग रहे हैं और लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। साल 2019 में, महिलाएं बॉडी पॉजिटिविटी, मेंटल हेल्थ, एलजीबीटीक्यू अधिकारों, फेमिनिज्म, क्लाइमेट चेंज जैसे कई बड़े आंदोलनों की मुखर रही हैं। इन महिलाओं द्वारा किए गए कई सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक स्तर पर व्यापक प्रभाव डाला है।

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आज हम आपको ऐसी 10 महिलाओं से परिचय करवा रहे हैं, जिन्होने साल 2019 में सोशल मीडिया के जरिये बड़ा प्रभाव डाला है। ये सभी महिलाएं कई मुद्दों को लेकर बराबर चर्चा में रही हैं-

ग्रेटा थनबर्ग

सोलह साल की ग्रेटा थनबर्ग को हाल ही में प्रतिष्ठित टाइम मैग्जीन ने 2019 के लिए 'पर्सन ऑफ द इयर' चुना है। ग्रेटा इस साल पर्यावरण आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं, जिससे दुनिया भर के लाखों युवा प्रेरित हुए हैं। वर्तमान में पर्यावरण कार्यकर्ता सड़कों पर उतर रहे हैं, दूसरों से जलवायु परिवर्तन संकट को गंभीरता से लेने का आग्रह कर रहे हैं और अपनी सरकारों को इसके लिए कदम उठाने के लिए भी बोल रहे हैं।


ग्रेटा को इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनकी जोरदार स्पीच से भी पहचान मिली थी, जहां उन्होंने कहा था कि इस युवा पीढ़ी को पैसे की भूखी कंपनियों के कारण पर्यावरण को बहाल करने की जिम्मेदारी के साथ अकेला छोड़ दिया गया है। भाषण के दौरान उनकी साहसिक टिप्पणी, "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई!" दुनिया भर में कई लोगों की आवाज बन गई।

नीना हैरेलसन

WREG-TV रिपोर्टर नीना हैरेलसन को टीवी पर वे जिस तरह से दिखती हैं, उसे लेकर बॉडी-शेमिंग का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस साहसी रिपोर्टर ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए 3 नवंबर को बॉडी-शेमिंग की बात करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। इस दौरान उन्होंने एक अजनबी के बारे में बात की, जिसने उन पर भद्दी टिप्पणी की थी। उस शख़्स ने नीना से कहा था कि "तुम टीवी पर बहुत बड़ी दिखती हो!" इस पर नीना ने जवाब देते हुए कहा कि पत्रकार मॉडल नहीं हैं और वे अपने शरीर को लेकर किसी और की राय को तरजीह नहीं देती हैं।


उन्होंने कहा कि उन्हें समाचार जगत में आने वाली युवा महिलाओं के लिए खेद है, जिन्हें इस तरह की परिस्थितियों का अनुभव करना पड़ता है, जैसा कि उनके पुरुष सहयोगियों को शायद कभी न करना पड़े।




राधिका राधाकृष्णन

भारत में हाल ही में हुई बलात्कारों की संख्या में वृद्धि के बाद, पीड़ितों पर दोषारोपण, बलात्कार को सामान्य करने और कुछ पीड़ितों को दोयम दर्जे पर रखने सहित कई चर्चाएं हुईं।


सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी (CIS) की प्रोग्राम ऑफिसर और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व जेंडर कंसल्टेंट राधिका राधाकृष्णन ने इस तरह के जहरीले विचार-विमर्श करने वालों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।

मुनरो बर्गडॉर्फ

ट्रांसजेंडर लोगों को सड़कों से लेकर, कार्यस्थलों, अस्पतालों समेत हर जगह भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष ट्रांसफोबिक हिंसा के कृत्यों के कारण मारे गए ट्रांसजेंडर लोगों की संख्या में भी दुर्भाग्य से वृद्धि हुई है।


ब्रिटिश मॉडल और ट्रांस राइट एक्टिविस्ट मुनरो बर्गडॉर्फ ने ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल किया और समुदाय के अधिकांश लोगों की वास्तविकताओं पर ध्यान दिलाया, जिन्हें आज समाज में जीवित रहना मुश्किल है।

पूर्णा बेल

फिटनेस एक ऐसी चीज है जो केवल दृढ़ संकल्प और एक रुटीन को फॉलो करके प्राप्त की जा सकती है, लेकिन आज लोगों के बदलते लाइफस्टाइल को देखते हुए, कई के पास शारीरिक कसरत करने का समय नहीं है।


पूर्णा बेल एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जो दावा करती हैं कि जब वे बच्ची थीं तो वे स्पोर्ट्स में कभी अच्छी नहीं थीं और उन्हें हार्ट प्रॉबल्म थीं। आज, ग्रिट एंड ड्राइव के साथ, 39 वर्षीय ये पावरलिफ्टर सफलताओं के रास्ते पर है।




मिशेल ओबामा

अकेले जीवन से गुजरना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए जब कोई बात बिगड़ जाए या कोई खुशी का पल सेलीब्रेट करना हो तो इसके लिए कुछ अच्छे दोस्तों पर भरोसा करना जरूरी है। लेखक और संयुक्त राज्य अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा ने अच्छे दोस्त रखने के महत्व पर ट्वीट किया।


अपने ट्वीट में उन्होंने बताया कि खुद के सुख और दुख में अच्छे दोस्तों का साथ होना कितना जरूरी है। 

अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज

लोग अक्सर युवा पीढ़ी, विशेषकर महिलाओं की योग्यताओं और क्षमताओं पर संदेह करते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में अश्वेत लोग हमेशा से हाशिये पर रह रहे हैं और सदियों से खुद की तरफ देखे जाने और सम्मानित होने के लिए लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कॉर्टेज एक अमेरिकी राजनीतिज्ञ और कार्यकर्ता हैं।


डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य अलेक्जेंड्रिया 3 जनवरी, 2019 से न्यूयॉर्क के 14वीं कांग्रेस के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि हैं। ओकासियो-कोर्टेज को उनकी सोशल मीडिया उपस्थिति के लिए जाना जाता है। अपने टाइम मैगजीन कवर के बारे में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में उन्होने उन चुनौतियों का जिक्र किया, जिनका उन्होंने सामना किया और आज उन्हें कैसे दूर किया!



रेश्मा सौजनी

महिला कर्मचारियों को अक्सर उनके पुरुष समकक्षों की तुलना में कम आंका जाता है और कम भुगतान भी किया जाता है, चाहें भले ही वे पुरुषों के समान ही काम क्यों न करती हों। इसके अलावा महिलाओं को अपने घरों की देखभाल करने और परिवार को संभालने जैसे अन्य कामों की वजह से निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में भी नहीं रखा जाता है।


'गर्ल्स हू कोड' की संस्थापक और सीईओ रेशमा सौजानी ने इसी मुद्दे को लेकर एक ट्वीट किया कि कैसे लोग एक साथ काम कर सकते हैं और अपनी आवाज का उपयोग जेंडर गैप, वेतन गैप और कार्यस्थल पर वर्कप्लेस पर लीडरशिप गैप को खत्म करने के लिए आगे बढ़ सकते हैं।

दुती चंद

इस साल की शुरुआत में स्प्रिंटर दुती चंद खुलकर सामने आईं और उन्होने बताया कि वे समलैंगिक हैं। उन्होंने खुलासा किया कि वह अपने गांव की एक महिला के साथ रिलेशनशिप में हैं। हालांकि इसके बाद दुती को उनके गाँव के लोगों और आम जनता से कुछ प्रतिशोध का सामना भी करना पड़ा, लेकिन इसी के साथ उन्हें कई अन्य लोगों से बहुत प्यार और समर्थन भी मिला।


भारत की इस स्पोर्ट्स स्टार को हाल ही में वोग इंडिया के कवर पेज पर जगह दी गई थी। इसी के साथ वे इस मैग्जीन के कवर पर आने वाली पहली ओडिया महिला और पहली खुले तौर पर समलैंगिक भारतीय एथलीट बन गईं।

क्रिस्टीना कोच

18 अक्टूबर को, अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच और जेसिका मीर ने नासा की पहली ऑल वूमेन स्पेसवॉक की थी। दोनों ने एक साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर एक हफ्ते पहले फेल हुई एक पावर युनिट की मरम्मत की थी।


इससे पहले नवंबर में, कोच ने स्पेसवॉक दिखाते हुए एक छोटा वीडियो ट्वीट किया, जिसने इतिहास रच दिया था।





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